आगरा में घुटनों के बल आ गए किसान

2019-01-23T06:00:45Z

- सीबीआई जांच कराए जाने की किसानों की उठाई मांग

- 26 माह से गुतिला पर दे रहे हैं किसान धरना

आगरा। किसानों को लेकर सभी राजनैतिक दल राजनीति कर रहे हैं। उनका ऋण माफ करने के साथ साथ तमाम योजनाओं की घोषणा की जाती हैं। बावजूद इसके किसान परेशान हैं। किसान घुटनों के बल आ गए हैं। मंगलवार को किसान घुटनों के बल चलकर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां पर प्रमुख सचिव को अपनी परेशानी से अवगत कराया। किसानों के साथ हुए धोखे से भी उन्हें अवगत कराया।

मुआवजे में किया भेदभाव

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने बताया कि इनररिंग रोड के लिए हुए अधिग्रहण में एसएलओ ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों का लाभ पहुंचा दिया। किसानों को नोटिस जारी कर अपने रिश्तेदारों के नाम बैनामा कराए। इसके बाद उन्हें 1902 रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से मुआवजा दिया। जबकि किसानों को मात्र 648 रुपये का ही मुआवजा दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पूर्व सरकार ने किसानों के साथ धोखा दिया है।

26 महीनों से दे रहे हैं धरना

उन्होंने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि मुआवजे की मांग को लेकर गुतिला में पिछले 26 महीनों से किसान धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी आज तक किसी ने सुनवाई नहीं की है। किसानों ने मांग की है कि उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जाए, इनररिंग लैंड पार्सल दिया जाए। इसके साथ ही इनररिंग रोड में हुए घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाए।

जान दे देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक वे मैदान में ही डटे रहेंगे। चाहे फिर प्राणों की ही क्यों न बाजी लगानी पडे़। किसानों के साथ जिला प्रशासन ने धोखा किया है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने उन अधिकारियों के रिश्तेदारों की भी सूची सौंपी। उनके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

महिलाएं भी पहुंची साथ

सर्किट हाउस पर किसानों के साथ महिलाएं भी पहुंची। उनकी साथ में बच्चे भी थे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उन्हें प्रमुख सचिव से मिलने का मौका मिला।

अनोखा रहा प्रदर्शन

किसान सर्किट हाउस में अनौखे अंदाज में पहुंचे। उनका अनौखा अंदाज देखकर सभी हैरत में पड़ गए। इस दौरान उन्हें किसानों ने ज्ञापन भी सौंपा।


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