- मेन एग्जाम की दो मार्च से शुरू हो रही परीक्षा, एक मार्च को संडे, कैसे होगा वेरिफिकेशन

- 16 टीचर दो-दो के ग्रुप में आठ जिलों के कॉलेजों में परखेंगे एग्जाम से पहले की व्यवस्था

आगरा : डॉ। भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी का मैनेजमेंट अक्सर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में रहता है। इस बार मामला एग्जाम सेंटर्स के वेरिफिकेशन का है। मेन एग्जाम्स में अब केवल दो दिन का ही समय बाकी है और अब जाकर एग्जाम कंट्रोलर ने सेंटर्स के वेरीफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लेटर भी जारी किया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अचानक जारी किए इस फैसले से टीम के मेंबर्स असमंजस की स्थिति में है।

एक दिन में कैसे होगा काम

सेंटर्स के वेरिफिकेशन के लिए एग्जाम कंट्रोलर राजीव कुमार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए 16 मेंबर्स की एक टीम को गठित किया गया है। इसके लिए लेटर 26 फरवरी को लिखा गया, 27 को सार्वजनिक किया गया है। आज संडे है और मंडे से एग्जाम्स हैं। ऐसी स्थिति में जिस टीम को यह टास्क दिया गया है, वह असमंजस में है। आठ जिलों के कॉलेजों का वेरिफिकेशन होना है। ऐसे में टीम के दो-दो मेंबर्स को हर जिले के सेंटर्स के वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो कि काफी मुश्किल है।

ये है नियम

रूल्स हैं कि मेन एग्जाम्स से दो महीने पहले कॉलेजों के वेरिफिकेशन होने चाहिए लेकिन इस बार लापरवाही बरतते हुए आनन-फानन में वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

30 डिबार कॉलेजों को बनाया सेंटर

एग्जाम सेंटर बनाने में इस बार काफी लापरवाही बरती गई है। इसका अंदाजा सेंटर बने कॉलेजों की स्थिति को देख कर लगाया जा सकता है। इसके साथ ही कई दागी कॉलेजों को भी सेंटर बनाया गया है। पिछले वर्ष नकल में इंवॉल्व 30 कॉलेजों को डिबार किया गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी ने फिर से इन्हें सेंटर बना दिया है।

50 से 70 किमी दूर बनाए सेंटर्स

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आंख बंद कर सेंटर तय किए हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के सचिव आशुतोष पचौरी ने बताया कि जलेसर-एटा रोड पर तीन कमरों के भवन को सेंटर बनाया गया है, जिसमें पांच कॉलेजों के सेंटर बनाए गए हैं, यहां परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं हैं। इसके अलावा 50 से 70 किलो मीटर दूर सेंटर बनाए गए हैं, जबकि ज्यादा से ज्यादा दस किलोमीटर दूरी पर ही सेंटर बनाने का नियम है।

नियमों की अनदेखी

सेंटर बनाने में नियमों की अनदेखी करने की कंम्प्लेंट लेकर कॉलेज संचालक शुक्रवार से यूनिवर्सिटी के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सेंटर बनाने में धांधली की गई है, इसका अंदाजा सेंटर्स की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है। वह सेंटर्स में संशोधन की मांग को लेकर शनिवार शाम तक अड़े रहे। सोमवार से मुख्य परीक्षा शुरू हो रहीं हैं। इस संबंध में एग्जाम कंट्रोलर प्रभारी ने कुलसचिव व कुलपति अशोक मित्तल से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

वेरीफिकेशन के मानक

-सेंटर्स की अधिकतम दूरी 10 किमी

-परीक्षार्थियों के बैठने की अच्छी सुविधा

-टॉयलेट और बाथरूम का होना

-सेंटर्स में सीसीटीवी वॉइस रिकॉर्डर

-एग्जाम हॉल में योग्य कक्ष निरीक्षक

-यूजीसी द्वारा कॉलेज के लिए तय क्षेत्रफल

-लाइट, पंखा व पीने के पानी की सुविधा

-कॉलेज परिसर में खुला गार्डन

02 मार्च से शुरू होने है यूनिवर्सिटी के मेन एग्जाम

27 फरवरी को जारी हुआ वेरिफिकेशन लेटर

300 सेंटर्स पर शुरू होंगे एग्जाम

08 जिलों में होना है वेरिफिकेशन

16 मेंबर्स की बनाई गई है वेरिफिकेशन टीम

30 डिबार कॉलेज थे पिछले साल

Posted By: Inextlive