मूल्यांकन में 'विरोध' का अवरोध खत्म

2019-03-10T06:01:01Z

- मांगों को लेकर मूल्यांकन का विरोध कर रहे टीचर्स डिप्टी सीएम से बातचीत के बाद माने

- वित्तविहीन शिक्षकों की बनेगी सेवा नियमावली, मिलेगा 15 हजार

VARANASI

शिक्षकों ने 10 मार्च से यूपी बोर्ड के दसवीं व बारहवीं की कापियों मूल्यांकन करने की घोषणा की है। इसी के साथ ही मूल्यांकन में टीचर्स के विरोध का अवरोध भी दूर हो गया। कॉपियों के मूल्यांकन का बायकाट कर रहे टीचर्स की सरकार से वार्ता के बाद आंदोलन खत्म करने का डिसीजन लिया। वहीं शासन स्तर पर वित्तविहीन विद्यालयों के टीचर्स की सेवा नियमावली बनाने का काम शुरू कर दिया है। चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही इसे जारी कर दिया जाएगा। इसके तहत अब वित्तविहीन शिक्षकों को अंशकालिक शिक्षक कहा जाएगा। साथ ही उन्हें कम से कम 15000 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा। वहीं पेमेंट आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में होगा।

डिप्टी सीएम से हुई वार्ता

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल की शनिवार को लखनऊ में डिप्टी सीएम डॉ। दिनेश शर्मा के संघ हुई वार्ता में इस बात की सहमति बनी। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर वार्ता सफल होने के चेतनारायण गुट व पांडेय गुट ने आंदोलन वापस ले लिया है। ऐसे में जनपद के राजकीय क्वींस कालेज, महाबोधि इंटर कालेज (सारनाथ) व प्रभु नारायण राजकीय इंटर कालेज (रामनगर) में रविवार से मूल्यांकन होगा। वार्ता में एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल, एमएलसी चेतनारायण सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे। इससे पहले टीचर्स ने शनिवार को राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज व महाबोधि इंटर कॉलेज सारनाथ सेंटर पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों के विरोध के चलते दूसरे दिन भी कापियों का मूल्यांकन नहीं हो सका।


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