UP Budget 2019 युवाओं को स्वरोजगार श्रमिकों को सम्मान और बुजुर्गो को सहारा

2019-02-08T12:49:03Z

ध्यान रहे कि हाल ही में राज्य सरकार ने सामूहिक विवाह की धनराशि को 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। इसके अलावा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का बजट में इंतजाम किया गया है।

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LUCKNOW : योगी सरकार ने अपने तीसरे बजट में युवाओं को स्वरोजगार, श्रमिकों को सम्मान और बुजुर्गों को सहारा देने के लिए तमाम कदम उठाए हैं। वृद्धावस्था तथा किसान पेंशन योजना के तहत 2,579 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि दी गयी है तो गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों के बेटियों की शादी के लिए सभी वर्गों के लिये मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। ध्यान रहे कि हाल ही में राज्य सरकार ने सामूहिक विवाह की धनराशि को 35 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। इसके अलावा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का बजट में इंतजाम किया गया है।


स्वरोजगार को बढ़ावा

बजट में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना 'एक जनपद, एक उत्पाद' के लिए 250 करोड़ रुपये दिए गये हैं ताकि जिलों के विशिष्ट उत्पादों को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई जा सके। इसी तरह प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गयी है। प्रदेश के परंपरागत कारीगरों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, नाई, मोची, राजमिस्त्री के उत्थान के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई है जिसके लिये 30 करोड़ रुपये बजट में दिए गये हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2017 के क्रियान्वयन के लिए 10 करोड़ रुपये दिए गये है। पॉवरलूम बुनकरों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराये जाने के लिए 150 करोड़ रुपये की बजट में व्यवस्था की गयी है तो हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल्स एण्ड गारमेन्टिंग पॉलिसी, 2017 के लिए 50 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
प्लास्टिक का स्थान लेगी माटी
मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक बैन के बाद माटी के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मिट्टी के कार्य करने वाले शिल्पियों के परंपरागत व्यवसाय को नवाचार के माध्यम से संरक्षित एवं सवंद्र्धित करने के लिए माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। माटी कला समन्वित विकास कार्यक्रम के संचालन के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। इसी तरह खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गये हैं।
दिव्यांगों की भी परवाह
बजट में दिव्यांगों को भरण-पोषण अनुदान के लिए 621 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। कुष्ठावस्था विकलांग भरण-पोषण अनुदान के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गये हैं। सरकार की मानसिक, मंदित आश्रय गृह स्थापित कराये जाने की योजना है जिसके तीन केंद्र स्थापित हैं। सात केंद्रों की स्थापना के लिए 18 करोड़ रुपये दिए गये हैं।
फैक्ट मीटर
- 100 करोड़ रुपये का बजट युवा स्वरोजगार योजना के तहत
- 2,579 करोड़ रुपये की राशि वृद्धावस्था तथा किसान पेंशन योजना के तहत  
- 250 करोड़ रुपये 'एक जनपद, एक उत्पादÓ के लिए
- 621 करोड़ रुपये दिव्यांगों को भरण-पोषण अनुदान के लिए  
- बजट में हर वर्ग का रखा गया ध्यान
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में इजाफा
- ओडीओपी को भी मिला ज्यादा बजट



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