शिक्षा का प्राथमिक और व्यापक उद्देश्य ही लोक कल्याण है: गवर्नर

Updated Date: Wed, 11 Dec 2019 05:46 AM (IST)

GORAKHPUR शिक्षा विकास की कुंजी होती है। भारत के विकास का अर्थ है, भारत में शिक्षा का विकास। शिक्षा ही अच्छे व्यक्ति और समाज के निर्माण की आधारशिला होती है। सही मायने में, उसी समाज और व्यक्ति को शिक्षित माना जा सकता है, जहां प्रेम, करुणा, और सद्भाव जैसे मूल्यों को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है। यह बातें महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव एवं पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्राथमिक एवं व्यापक उद्देश्य ही लोक कल्याण है। शिक्षक समाज में मार्गदर्शक के रूप में अपने महत्व को पहचानें और योग्य नागरिक के निर्माण की अनवरत साधना का मार्ग प्रशस्त करें।

शिक्षा की आधारशिला है स्वास्थ्य

उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की भूमिका स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व ही महंत दिग्विजयनाथ ने बहुत योजनाबद्ध ढंग से पवित्र उद्ेश्य के साथ रखी थी। पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान एवं सामाजिक ज्ञान की उपयोगिता वर्तमान समय में लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। शिक्षा की आधरशिला स्वास्थ्य होता है। इसलिए मस्तिष्क ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य सशक्त समाज की रीढ़ मानी गई है। स्वस्थ शरीर में ही पवित्र मन का निर्माण होता है इसलिए शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान अत्यन्त ही अर्थपूर्ण और विशेष उपलब्धिकारक हो सकता है।

सीएम योगी प्रशंसा के पात्र

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र और पूरे उत्तर प्रदेश में, समग्र विकास के लिए पूरी कर्म-निष्ठा के साथ नेतृत्व प्रदान करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने निरंतर राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दों के साथ-साथ, इस क्षेत्र की समस्याओं की ओर, सबका ध्यान आकृष्ट किया और उनके समाधान के लिए सक्रिय योगदान दिया है। गोरक्षपीठ का राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान, राष्ट्रीय-स्वाभिमान से जुड़ी आधुनिक शिक्षा प्रदान करने का एक अभियान शुरू हुआ। महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित बीएचयू से लेकर महंत दिग्विजयनाथ द्वारा 'महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद्' की स्थापना, उसी शिक्षा अभियान के ज्वलंत उदाहरण हैं। सन् 1932 में, इस 'परिषद् की स्थापना, गोरखपुर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में शिक्षा के विकास को गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हुई है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी की स्थापना में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् में अपने दो महत्वपूर्ण महाविद्यालयों का गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पूर्ण विलय करके, निर्माणाधीन यूनिवर्सिटी को एक बनाया। गवर्नर ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के शिक्षा के साथ-साथ सेवा कार्यो को भी योगी आदित्यनाथ अपना मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि आज 'परिषद् द्वारा शिक्षा एवं समाज सेवा के लिए कार्यरत 45 संस्थान चलाए जा रहे हैं।

परिषद से होता है व्यक्तित्व का निर्माण

गवर्नर ने कहा कि परिषद् द्वारा सन् 1981 से हर वर्ष यह 'संस्थापक सप्ताह समारोह' मनाया जाता है, जिसमें हजारों विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा शोभा-यात्रा में भाग लेते हैं। संस्कृति के प्रति आदर, राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा सामाजिक कार्यो के लिए तत्परता पर बल देकर परिषद् द्वारा युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में सराहनीय योगदान दिया जा रहा है। यह समारोह, इस 'परिषद' के संस्थानों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए, संस्थापकों के आदर्शो के प्रति अपनी आस्था को दोहराने का भी अवसर है। मुझे विश्वास है कि महान विभूतियों के नाम से आज पदक प्राप्त करने वाले सभी युवा, देश के भविष्य के लिए अपना सार्थक योगदान देंगे। साथ ही वे अपने साथियों में प्रेरणा का भी संचार करेंगे।

Posted By: Inextlive
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