राज्यपाल ने पेश किया पांच साल के काम का लेखाजोखा

2019-07-16T11:11:47Z

अपना कार्यकाल पूरा होने से एक हफ्ता पहले उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने पांच साल का लेखा जोखा पेश करते हुए बताया कि इस दौरान नहीं किया आराम बल्कि खूब काम किया।

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LUCKNOW : अपना कार्यकाल पूरा होने से एक हफ्ता पहले राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को राजभवन में अपने बीते पांच साल के कार्यकाल का ब्योरा पेश किया. राज्यपाल बनने के बाद यूपी में कई नई परंपराओं की शुरुआत का जिक्र करने के साथ कहा कि लखनऊ के लोग उनको बेहद पसंद आए. अपना कार्यकाल कुछ दिनों के लिए बढ़ने की संभावना जताई तो अखिलेश और योगी सरकार की तुलना को लेकर पूछे गये सवालों से बचने का प्रयास किया. इस अवसर पर उन्होंने अपने पांचवें वर्ष का कार्यवृत्त 'राजभवन में राम नाईक 2018-19' का हिंदी एवं उर्दू भाषा में लोकार्पण किया. उल्लेखनीय है कि आगामी 22 जुलाई को राज्यपाल का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है.

 

उच्च शिक्षा में लाए सुधार

- कुलाधिपति के रूप में 26 विश्वविद्यालयों के दीक्षांत में वे शामिल हुए. दो निजी विवि के दीक्षांत का भी हिस्सा बने.

- इन दीक्षांत में 12,78,985 स्टूडेंट्स को उपाधियां दीं, जिनमें से 7,14,764 छात्राएं भी शाि1मल हैं.

 

खूब पत्र भी लिखे

- गवर्नर ने 24 पत्र राष्ट्रपति को, 29 प्रधानमंत्री, 131 उप राष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्रियों को, 329 पत्र मुख्यमंत्री तथा 210 पत्र प्रदेश के मंत्रियों को प्रेषित किए.

- पांच वर्ष में कुल 116 पत्र राष्ट्रपति को, 199 प्रधानमंत्री को, 551 उप राष्ट्रपति एवं केंद्रीय मंत्रियों को, 1,623 पत्र मुख्यमंत्री को तथा 634 पत्र प्रदेश के मंत्रियों को लिखे.

 

मात्र 3 दिन ही छुट्टी पर रहे

गवर्नर ने स्वीकृत 20 दिन के वार्षिक अवकाश में मात्र 3 दिन का अवकाश ही लिया. यह अवकाश उन्होंने डॉक्टर्स की सलाह पर 'पेसमेकर' लगवाने के लिए लिया था

- कुल पांच वर्ष में देय 100 दिन के अवकाश के सापेक्ष उन्होंने कुल 22 दिन का अवकाश ही लिया है.

 

नई पहल भी की

- पांच साल के कार्यकाल में गवर्नर ने कई नई पहल भी की जिनमें यूपी स्थापना दिवस का 24 जनवरी को राजकीय स्तर पर आयोजन

- कुष्ठ पीडि़तों का गुजारा भत्ता रुपये 300 रुपये से 2,500 रुपये करने

- 3,791 कुष्ठ रोग पीडि़तों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 46 करोड़ रुपये की लागत से आवास देने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा उनके अनुरोध पर किया गया

- लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के प्रसिद्ध वाक्य 'स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा' के 101 वर्ष पूर्ण होने पर समारोह का आयोजन

- भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर का सही नाम लिखा जाना

- यूपी और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिये अनुबंध

- विधानसभा चुनाव 2017 तथा निकाय चुनाव 2017 में सबसे ज्यादा मतदान करने वालों का राजभवन में अभिनंदन समारोह

-पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण प्राप्त लोगों का राजभवन में अभिनंदन समारोह

- 'इलाहाबाद' का नाम परिवर्तन कराके 'प्रयागराज' और 'फैजाबाद' का नाम 'अयोध्या' कराना

- उनकी मूल मराठी संस्मरणात्मक पुस्तक 'चरैवेति!चरैवेति!!' का हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती, संस्कृत, सिंधी, अरबी, फारसी, जर्मन और असमिया सहित 11 भाषाओं तथा ब्रेल लिपि में तीन भाषाओं मराठी, हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रकाशन

 

यह भी

- 30,225 नागरिकों से राज्यपाल ने पांच साल में भेंट की

- 2,10,643 पत्र जनता ने पांच साल में राजभवन भेजे

- 219 राजभवन में, लखनऊ में 955 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया

- 536 प्रदेश के और 147 प्रदेश के बाहर के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया


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