ट्रंप ने एक तरफ ईरानी सेना के कंप्यूटर पर कराया साइबर हमला दूसरी ओर बिना शर्त ईरान से बातचीत के लिए तैयार

2019-06-24T13:37:49Z

अमेरिकी ड्रोन पर हमला की प्रतिक्रिया में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना के कंप्यूटर को निशाना बनाने आदेश दिया। इस हमले में रॉकेट और मिसाइल लॉन्चर को नियंत्रित करने वाली ईरानी सिस्टम बर्बाद हो गया है।

वाशिंगटन (एएनआई)। अमेरिकी सैन्य साइबर फोर्स ने गुरुवार को ईरानी सेना के कंप्यूटर पर हमला कर दिया। इस हमले में रॉकेट और मिसाइल लॉन्चर को नियंत्रित करने वाले कंप्यूटरों को नुकसान पहुंचा है। दो अधिकारियों ने शनिवार को मीडिया को बताया कि इस साइबर हमले की मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी। इसके अलावा एक तीसरे अधिकारी ने इस हमले के बारे में विस्तार से बताया। हालांकि, सभी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर मीडिया से बात की क्योंकि वह इस ऑपरेशन के बारे में कोई भी जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं थे। फिलहाल, अमेरिकी दावों पर ईरान ने अपनी कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मार गिराया था ड्रोन
बता दें कि ईरान ने गुरुवार को उसकी सीमा में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक को मार गिराया था। इसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ईरानी सेना के कंप्यूटर पर हमला करने का आदेश दिया। हालांकि, इससे पहले ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने के भी आदेश दिए थे लेकिन बाद में इस फैसले को वापस ले लिया था। अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि अगर हमला करता तो ईरान में 150 लोगों की मौत हो जाती, इसलिए 10 मिनट पहले अपनी सेना को रोक दिया। ड्रोन हमले पर ईरान का कहना था कि ड्रोन ने उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया, जबकि वॉशिंगटन ने कहा कि ड्रोन इंटरनेशनल एयरस्पेस में मार गिराया गया।  

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कहीं भी कर सकते हैं बात
दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत के लिए कोई भी पूर्व शर्त नहीं है, सिवाय इसके कि वह उसे परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरा सवाल है। बातचीत के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है। आप कहीं भी बात कर सकते हैं। देखिए, आपके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और अगर आप इसके बारे में बात करना चाहते हैं, तो अच्छा है। अन्यथा आप लंबे समय तक गिरती अर्थव्यवस्था में रह सकते हैं।'
समझौता टूटने के बाद से ही बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि पिछले साल मई में परमाणु समझौते से अमेरिका के बाहर आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ईरान पर नई शर्तो के साथ परमाणु समझौता करने का दवाब डाल रहा था, इसके लिए ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ईरानी नेताओं के साथ सीधी बातचीत के लिए पेशकश भी रखी थी लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया।



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