अमेरिका ने चेताया, भारत में हमले की फिराक में पाकिस्तानी आतंकी

Updated Date: Wed, 02 Oct 2019 06:36 PM (IST)

अमेरिका ने भारत को आगाह किया है कि पाकिस्तानी आतंकी हमले की फिराक में हैं। वे जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के कारण भारत में आतंकी हमलों को अंजाम दे सकते हैं।


वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिका ने भारत को आगाह किया है कि पाकिस्तानी आतंकी हमले की फिराक में हैं। वे जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के कारण भारत में आतंकी हमलों को अंजाम दे सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर शिकंजा कसे तो इन हमलों को रोका जा सकता है। अमेरिका के हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा सचिव रैंडल श्राइवर ने मंगलवार को यहां कहा, 'कश्मीर पर भारत सरकार के नए कदम से कई देशों को आशंका है कि आतंकी संगठन सीमा पार हमलों को अंजाम दे सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या इसका समर्थन करेगा।' चीन इससे ज्यादा कुछ नहीं करेगा
श्राइवर ने कश्मीर मसले पर पाकिस्तान का चीन द्वारा समर्थन किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर यह जवाब दिया। भारत ने गत पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त कर दिया था। श्राइवर ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह (कश्मीर मसले पर चीन का पाकिस्तान को समर्थन) बहुत हद तक कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन है। उन्होंने (चीन) पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन किया है। कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने या नहीं ले जाने के संबंध में कोई चर्चा हुई तो चीन इसका समर्थन करेगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि चीन इससे ज्यादा कुछ करेगा।'Nobel Prize नहीं मिलने पर छलका ट्रंप का दर्द, बोले ओबामा को खुद नहीं पता उन्हें क्यों मिला यह सम्मानचीन से स्थिर संबंध चाहता है भारतअमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के शीर्ष अधिकारी श्राइवर ने कहा कि चीन के पाकिस्तान से लंबे समय से संबंध हैं और उनकी भारत के साथ प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है। जबकि भारत अपने पड़ोसी चीन के साथ स्थिर संबंध चाहता है। वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के मौजूदा अमेरिकी दौरे का जिक्र करते हुए श्राइवर ने कहा, 'उनके साथ विचार-विमर्श चल रहा है। हमने चीन के साथ संबंधों के बारे में चर्चा की। वे चीन के साथ स्थायी संबंध चाहते हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि चिंताएं और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। इसलिए मुझे लगता है कि कश्मीर समेत कई मसलों के कारण चीन का झुकाव पाकिस्तान की ओर है।'

Posted By: Mukul Kumar
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