दो मई के बाद भारत और अन्य देशों को ईरान से तेल आयात करना होगा खत्म वरना प्रतिबंधों का करेंगे सामना अमेरिका

2019-04-22T12:45:52Z

अमेरिका ने ईरान से तेल आयात को लेकर भारत समेत सभी देशों को चेतावनी दी है। उसका कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध को ध्यान में रखते हुए सभी देश जल्द से जल्द ईरान से अपने तेल आयात को रोकें।

वाशिंगटन (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो सोमवार को भारत सहित सभी देशों को ईरानी तेल के अपने आयात को पूरी तरह से समाप्त करने की चेतावनी देने वाले हैं। द वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि इसके साथ पोंपियो यह भी घोषणा करेंगे कि अगर सभी देशों ने उनकी बात पर गौर नहीं किया तो उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। विदेश विभाग के अधिकारियों ने रविवार को द पोस्ट को बताया कि 2 मई के बाद अमेरिका अब किसी भी देश को प्रतिबंधों में राहत नहीं देगा, फिलहाल कई देश अपने यहां ईरानी तेल का आयात कर रहे हैं। बता दें कि पिछले नवंबर में, अमेरिकी विदेश विभाग ने आठ देशों को 180-दिनों की छूट दी थी, ताकि वह तेल के वैकल्पिक स्रोतों को खोज सकें। पिछले नवंबर में अमेरिकी छूट पाने वाले आठ देशों में से तीन ने पहले ही अपने ईरानी तेल आयात को खत्म कर दिया, जिनमें ग्रीस, इटली और ताइवान शामिल हैं।

चीन और भारत ईरानी तेल के सबसे बड़े आयातक
अन्य पांच देशों को अब ईरानी तेल आयात को खत्म करना होगा या अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। उस देशों में भारत, चीन, तुर्की, जापान और दक्षिण कोरिया का नाम है। चीन और भारत वर्तमान में ईरानी तेल के सबसे बड़े आयातक हैं। यदि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात नहीं मानते हैं, तो इससे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है और व्यापार जैसे अन्य मुद्दों पर भी विवाद बढ़ सकता है। दक्षिण कोरिया और जापान ईरानी तेल पर कम निर्भर हैं और उन्होंने पहले से ही आयात को कम कर दिया है। तुर्की के एक अधिकारी ने कहा है कि देश एक और छूट की उम्मीद कर रहा है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। विदेश विभाग के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि जीरो ईरानी आयात की नीति मंत्री पोंपियो द्वारा जारी हुई है। उन्होंने यह नीति राष्ट्रपति के साथ सलाह लेने के बाद जारी की है।
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परमाणु समझौते से अलग होने के बाद शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल मई में ईरान के साथ एक परमाणु समझौते को तोड़ दिया और तेहरान के तेल निर्यात को पूरी तरह से खत्म करने के लिए वहां कई प्रतिबंध लगा दिए, जिसके बाद ईरान को काफी नुकसानों का सामना करना पड़ा। इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव शुरू हो गया।



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