यूनिवर्सिटी का हाईटेक कंट्रेाल रूम रोकेगा नकल

Updated Date: Sun, 08 Mar 2020 05:30 AM (IST)

- मंडल के आठ जिले कंट्रोल रूम से होंगे कनेक्ट

- वीसी कार्यालय से जारी करेंगे दिशा-निर्देश

आगरा : यूनिवर्सिटी कैंपस में गुणवत्ता परख एग्जाम कराने के लिए पहली बार हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें मंडल के चार सौ से अधिक परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी रखी जाएगी। कंट्रेाल रूम पर मिली परीक्षा केन्द्र में हलचल से कई नकलचियों को पकड़ा। डॉ। भीमराव आम्बेडकर यूनिवर्सिटी द्वारा पहली बार हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रेाल रूम में आठ कम्प्यूटर सिस्टम्स लगाए गए हैं, जिसमें से हर एक जिले की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। नवागत कुलपति डॉ। अशोक मित्तल द्वारा इस संबंध में गाइड लाइंस जारी की गई हैं।

अपडेट होंगे मंडल के 485 परीक्षा केंद्र

कुलपति डॉ। अशोक मित्तल ने परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी के कंट्रेाल रूम का गठन किया गया है। जहां से मंडल के 485 केन्द्रों पर नजर रखने का कार्य किया जाएगा। कंट्रोल रूम मे हर जिले के लिए एक कर्मचारी को नियुक्त किया गया है जो अपने सिस्टम से जिले के केन्द्रों पर निगरानी रखने का कार्य करेगा। इस दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था होने पर कंट्रोल से उड़नदस्तों को दिशा निर्देश दिए जाऐंगे। जिसके अंतर्गत ऐसे परीक्षा केन्द्र जो अभी तक मानक के अनुरुप नहीं हैं, उन्हें अपडेट करने के दिशा निर्देश दिए हैं।

केन्द्र पर हर स्टूडेंट्स की गतिविधि पर नजर

यूनिवर्सिटी में बने कंट्रोल रूम से केन्द्र हर एक परीक्षार्थी की गतिविधि पर निगरानी रखने का कार्य किया गया। शनिवार को एसएस डिग्री कॉलेज में एक से अधिक स्टूडेंट्स की भूमिका संदिग्ध मिली, जिस पर उड़नदस्तों की टीम ने कंट्रोल रूम से मिले दिशा निर्देशों को फॉलो कर नकचियों को पकड़ लिया। इसके अलावा एक शिकोहाबाद के एक डिग्री कॉलेज में भी कई स्टूडेंट्स आपस में बात करते नजर आए, इस पर कक्ष निरीक्षक को कंट्रोल रूम से दिशा निर्देश दिए गए।

नकल मफियाओं के मंसूबे फेल

यूनिवर्सिटी परीक्षा को लेकर सक्रिय नकल माफियाओं अपने मनसुबों में उस समय फेल हो गए जब कंट्रोल रूम से निगरानी रखने के दिशा निर्देश दिए जा रहे थे। सूत्रों का कहना है कि नकल माफियाओं द्वारा परीक्षार्थियों को केन्द्र पर अलग से नकल करवाने का दावा किया गया था, कक्ष निरीक्षाक से साठ-गांठ के चलते इस कार्य को अंजाम देने की तैयारी हो चुकी थी, लेकिन कंट्रोल रूम से मिली गाइड लाइंस से नकल माफियाओं में खलबली की स्थिति है, उधर नकल नहीं मिलने पर परीक्षार्थी और उनके पेरेंट्स एडवांस वापस करने का दबाव बना रहे हैं।

कंट्रोल रूम से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं, केन्द्रों पर क्वालिटी एग्जाम कंडेक्ट कराने के लिए हाईटेक टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया गया है, मंडल के हर एक जिले के परीक्षा केन्द्रों को कंट्रोल रूम से निगरानी रखने का कार्य किया जा रहा है।

डॉ। अशोक मित्तल, कुलपति

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.