आगरा ब्यूरो हार्ड ट्रेनिंग के बाद 30 फीमेल कांस्टेबल्स को सिलेक्ट किया गया है. मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग के बाद उन्हें कमांडो को लिए ट्रेंड किया जाएगा. इनका सिलेक्शन उम्र और हार्डवर्क के आधार पर किया जाएगा. इसके बाद आगरा की महिला एसओजी टीम का गठन किया जाएगा इन महिला कमांडो की हिम्मत और हौसले के सामने क्रिमिनल्स धूल चाटते नजर आएंगे.

एसओजी में रहेंगी वूमेंस कमांडो
कठिन प्रशिक्षण के बाद 30 महिला कमांडो को स्पेशल टॉस्क फोर्स में शामिल किया जाएगा। महिला कमांडो दस्ते ने पुलिस लाइन में कई हैरतअंगेज करतब दिखाए थे, इस दौरान वीआईपी की आतंकियों से सुरक्षा, मंदिर में घुसे आतंकियों से लोहा लेना और होटल में घुसे आतंकियों को मार गिराना आदि शामिल थे। मिशन शक्ति के अंतर्गत इन महिला कांस्टेबल्स को ट्रेंड किया जा रहा था, उम्र और फिटनेस के आधार पर 245 वुमेंस कांस्टेबल्स में से केवल तीस को सिलेक्ट किया गया है, अब उन्हें कमांडो ट्रेनिंग दी जा रही है।

वूमेंस कमांडो शेयर करेंगी सेल्फ डिफेंस के टिप्स
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महिला कमांडो दस्ते का गठन किया गया है। महिलाएं हर कार्यक्षेत्र में अग्रणी हैं। कई बड़े सामाजिक आंदोलनों का उन्होंने नेतृत्व भी किया। बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए बड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस संबंध में आगरा कमिश्नर के दिशा निर्देश पर एसीपी डॉ। सुकन्या शर्मा ने प्लान तैयार किया है, इसके अंतर्गत महिला पुलिस कर्मियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जा रही है, इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्कूल और कॉलेजों में छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स सिखाए जाएंगे, जिससे इमरजेंसी में वे खुद के साथ दूसरों को भी ट्रेंड कर सकेंगी।

पुलिस के बीच अलग नजर आएगी महिला एसओजी
आगरा कमिश्नरेट में मोटिवेशनल, मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने वाली किरन कश्यप द्वारा इनको ट्रेंड किया जा रहा है। महिला पुलिस को लगातार मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। इन ट्रेंड महिला कमांडो की हिम्मत इमरजेंसी के समय नजर आएगी। इन महिला कमांडो को आर्मी जैसे रंग की हरी वर्दी दी जाएगी, जो पुलिस टीम के बाद अलग से नजर आएंगी। आगरा की इस एसओजी टीम को पुलिस के बीच आसानी से पहचाना जा सकेगा।


वूमेंस कमांडो की ट्रेनिंग पुलिस लाइन में वूमेंस कांस्टबेल को मोटिवेशनल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इस प्रशिक्षण अवधि में उन्हें यूएसी, शारीरिक दक्षता, रॉक-क्लाइंबिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, बम डिस्पोजल, प्राथमिक चिकित्सा, संचार, अभिसूचना, नेविगेशन, मैप रीडिंग, वीआईपी सुरक्षा, आतंकवाद एवं काउंटर टेररिज्म आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें नई वर्दी और खास बेल्ट, बॉडी वार्न कैमरा व पिस्तौल दी गई है।

कार्यक्षमता एवं दक्षता बढ़ाने की पहल
आगरा कमिश्नरेट में वूमेंस कांस्टेबल की क्षमता और कार्यदक्षता को देख उनको इस तरह से भी ट्रेंड किया जाएगा। इसमें सुरक्षा के लिए चुनौतियां, प्राथमिकताएं, इंटेलीजेंस जुटाना, सांप्रदायिक दंगों की रोकथाम, वीआईपी सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता एवं संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी, पूछताछ, निगरानी आदि की जानकारी दी गई।

-मार्शल आर्ट के लिए सिलेक्ट वूमेंस कांस्टेबल
245
-ट्रेनिंग के लिए सिलेक्ट वूमेंस कांस्टेबल
91
-कमांडो ट्रनिंग के लिए सिलेक्ट वूमेंस
30


पुलिस में वूमेंस कांस्टेबल को एसओजी टीम में शामिल करने के लिए ट्रेंड किया गया है, उम्र और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए 30 वूमेंस कांस्टेबल्स को कमांडो ट्रेनिंग के लिए सिलेक्ट किया गया है। इनकी ड्रेस भी अलग नजर आएगी। इनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्कूल और कॉलेजों में छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स सिखाए जाएंगे, जिससे इमरजेंसी में वे खुद के साथ दूसरों को भी ट्रेंड कर सकेंगी।
डॉ। सुकन्या शर्मा, एसीपीसी, एत्मादपुुर

Posted By: Inextlive