टला कैला देवी मेला, प्रशासन ने ली राहत की सांस

Updated Date: Thu, 19 Mar 2020 05:45 AM (IST)

-से कैला देवी (राजस्थान) के लिए रवाना होते हैं हर साल लाखों श्रद्धालु

-कोरोना वायरस के अलर्ट के बाद डीएम करौली ने उठाया कदम, जबरन पहुंचने वालों पर होगी कार्रवाई

-करौली की ओर कूच करने वालों को आगरा में ही रोक रहा जिला प्रशासन

आगरा: कोरोनावायरस अटैक के चलते आगरा समेत वेस्ट यूपी से लाखों की संख्या में जुटने वाले श्रद्धालुओं का हुजूम इस बार कैला देवी मेले में शामिल नहीं हो सकेगा। डीएम करौली डॉ। मोहन लाल यादव ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की एडवाइजरी का हवाला देते हुए करौली स्थित कैला देवी मंदिर पर लगने वाले मेले को स्थगित कर दिया है। 20 मार्च से लगने वाले इस मेले को 31 मार्च तक के लिए स्थगित किया गया है। इससे पूर्व श्री कैला देवी टैंपल ट्रस्ट की ओर से भी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कोरोनावायरस के प्रकोप के मद्देनजर कैला देवी मंदिर यात्रा का प्लान न बनाएं।

ऐतिहासिक है करौली मेला

हर साल चैत्रमास में लगभग एक पखवाडे तक चलने वाले इस लक्खी मेले में राजस्थान के सभी जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और दक्षिण भारतीय प्रदेशों से लाखों दर्शनार्थी आकर मां के दरबार में मनौतियां मांगते है। चैत्रमास के दौरान करौली जिले के प्रत्येक मार्ग पर चलने वाले राहगीर के कदम कैला ग्राम की तरफ जा रहे होते है। सत्रह दिवसीय इस मेले का मुख्य आकर्षण प्रथम पांच दिन एवं अंतिम चार दिनों में देखने को मिलता है। रोजाना लाखों की संख्या में दूरदराज के पदयात्री लंबे-लंबे ध्वज लेकर लांगुरिया गीत गाते हुए आते है। मंदिर के समीप स्थित कालीसिल नदी में स्नान का भी विशेष महत्व है। मेले में करौली जिला प्रशासन द्वारा मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से तथा आमजन द्वारा भी सभी स्थानों पर यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाते है। हर साल लगभग 70-80 लाख यात्री मां के दरबार में अपनी हाजिरी लगाते है।

आगरा को बड़ी राहत

राजस्थान के करौली जनपद में विश्वप्रसिद्ध कैला देवी मंदिर में हर साल आगरा एवं आसपास के जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु करौली के लिए कूच करते हैं। सालाना मेले में नार्थ इंडिया और वेस्ट यूपी से करौली जाने वाले श्रद्धालु आगरा से होकर गुजरते हैं। धौलपुर रोड और फतेहपुर सीकरी रोड इन दो सड़कों से पैदल और वाहनों से श्रद्धालु करौली के लिए कूच करता है। क्योंकि 20 मार्च से मेला आरंभ हो रहा है इसलिए आगरा की सड़कों से श्रद्धालुओं के जत्थे गुजरने लगे। जिसके बाद जिला प्रशासन अलर्ट हुआ और डीएम प्रभु एन सिंह ने करौली (राजस्थान) के डीएम को डॉ। मोहनलाल यादव को पत्र लिखकर कैला देवी मेले को नियंत्रित करने की अपील की थी। करौली के डीएम ने आगरा डीएम के लेटर को संज्ञान में लेकर कैला देवी मेले का 31 मार्च तक के लिए रद कर दिया।

जोर-जबरदस्ती पर होगी कार्रवाई

करौली के डीएम ने डॉ। यादव ने जनसामान्य से अपील की कि वे जानबूझकर करौली की ओर न जाएं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई जोर-जबरदस्ती करेगा तो उसके खिलाफ राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट, 1957 की धारा (3) के अंतर्गत धारा 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम करौली ने कैलादेवी टैंपल ट्रस्ट की अपील का जिक्र भी अपने आदेश में किया है। जिसमें ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से कोरोनावायरस अलर्ट के मद्देनजर यात्रा का प्लान न बनाने के लिए कहा गया है। डीएम करौली द्वारा यात्रा का स्थगित करने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। बुधवार को डीएम के निर्देश पर सभी रास्तों पर करौली की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को रोका जाता रहा। आगरा में अलीगढ़ की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को टेढ़ी बगिया पर रोका गया। टूंडला की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को छलेसर और मथुरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को रुनकता पर रोका गया।

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कोरोनावायरस के प्रकोप के मद्देनजर इस वर्ष कैला देवी मेला स्थगित कर दिया गया है। जिसके चलते आगरा से गुजर रहे श्रद्धालुओं को जनपद सीमा में ही रोककर अवेयर किया जा रहा है।

-प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी, आगरा

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Posted By: Inextlive
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