आगरा और मथुरा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा के प्रारंभ से पर्यटन उद्योग उड़ान भरेगा. दोनों शहरों के मध्य हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी मोड पर राजस एयरोस्पोट््र्स एवं एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को हेलीपोर्ट दिया गया है. 25 लाख पांच रुपए प्रतिवर्ष पर 30 वर्ष के लिए लीज दी गई है.


आगरा(ब्यूरो)। मंत्री परिषद की 28 जून को हुई बैठक में आगरा व मथुरा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए हेलीपोर्ट को पीपीपी मोड पर विकसित एवं संचालित करने की योजना को अनुमोदन मिला था। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर ङ्क्षसह ने बताया कि आगरा व मथुरा प्रदेश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल हैं। आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित एत्मादपुर मदरा से हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा और मथुरा के गोवर्धन में उतरेगा। दोनों शहरों में विश्व प्रसिद्ध प्रमुख पर्यटन स्थल होने से वर्षभर देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं। इस सेवा से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियां बढऩे से रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। अगले चरण में अन्य शहरों में सेवा शुरू होगी। आगरा व मथुरा में हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए ़हेलीपोर्ट को पीपीपी मोड पर संचालित करने से राज्य सरकार पर कोई व्यय भार नहीं आएगा। प्रतिदिन उड़ान की संख्या और शुल्क कंपनी तय करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया था शिलान्यास
एत्मादपुर मदरा में 4.9 करोड़ रुपए की हेलीपोर्ट परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनवरी, 2019 में कोठी मीना बाजार मैदान किया था। उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी। 200 वर्ग मीटर भूमि किसान से खरीदी गई थी। हेलीपोर्ट पर हेलीकाप्टर खड़े करने को दो हैंगर, यात्री विश्रामगृह बनाने का काम वर्ष 2021 में पूरा हो गया था। हेलीकॉप्टर सेवा के पीपीपी मोड पर संचालन को कंपनी का चयन न हो पाने के कारण दो वर्ष का समय लग गया। वहीं, मथुरा के गोवर्धन में हेलीपोर्ट बनाया गया है।

Posted By: Inextlive