जो हमें जीने के मायने देते हैं या फिर जो हमारी जीने ही वजह हैं अगर वही हमारी सांसों के दुश्मन बन जाएं तो बाहरी दुश्मनों की जरूरत नहीं होती है. हाल में अगर जिले का क्राइम हिस्ट्री को देखा जाए तो आठ महीने में 14 ऐसी हत्याएं हैं जिनसे अपनों के ही हाथ खून से रंगे हैं. किसी में बेटी ने मां की सुपारी दे डाली तो कहीं शक में आकर पति ने पत्नी का गला काट डाला. ऐसे ही कुछ मामलों पर आइए नजर डालते हैं....


आगरा (ब्यूरो)। घर परिवार मेें रहने वाले लोगों को अपनों से खतरा हो गया है, पिछले दिनों सामने आए हत्याओं के मामले अपने ही लोगों ने अपनों का खून बहा दिया है। पुलिस विवेचना में हत्याओं के सबसे अधिक कारण संपत्ति और अवैध संबंध हैं। जिसको लेकर अपनों ने ही रिश्तों का कत्ल कर अपनों को मौत के घाट उतार दिया है। कहीं बेटी ने मां की सुपारी दी है, तो कहीं बेटे ने पिता और भाईयों की हत्या कर दी है, तो कहीं ससुर ने बहू को मौत के घाट उतार दिया है। पिछले आठ महीने में 14 मामले सामने आए हैं, जिसमें अपनों ने ही कातिल हैं।


प्रॉपर्टी के लिए पिता और भाइयों की हत्या
थाना कागारौल स्थित कालिया निवासी राजेन्द्र सिंह के बेटों में जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। 25 जुलाई की सुबह राजेन्द्र सिंह मामले को शांत करने का प्रयास का रहे थे, उसी दौरान उनका बड़ा बेटा उग्र हो गया। इसके बाद बेटों में कुल्हाड़ी और डंडे चलने लगे, राजेन्द्र के बेटे सोम प्रकाश, हेम प्रकाश की मौके पर मौत हो गई। वहीं राजेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए, उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी बड़े भाई को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।


बहन को उतार दिया मौत के घाट
थाना खंदौली के गांव तानगढ़ी में भाई सत्यप्रकाश ने बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह बहन के एक युवक से प्रेम संबंध से नाराज था। पुलिस का कहना था कि आरोपी की बहन ने गांव के ही रहने वाले युवक से शादी कर ली थी, जिसको लेकर आसपास के लोग उस पर आते जाते में कमेंट करते थे, ये बात आरोपी सत्यप्रकाश को नागवार गुजरी उसने बहन का गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी युवक को अरेस्ट कर लिया है।

यहां अपनों ने ही किया कत्ल
17 अगस्त
थाना मलपुरा क्षेत्र के अंतर्गत पति ने दोस्त के साथ मिलकर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी दोस्त को अरेस्ट कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी महिला के पति की तलाश की जा रही है।

9 मई
सराय बोदला स्थित नगला गूलर में बेटे पंकज ने नशे में अपनी 60 वर्षीय मां जयदेवी की पिटाई कर दी थी। इससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बेटे को जेल भेजा था।

14 मार्च
सदर के रोहता में जीजा राज की साले शिवशंकर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में छह आरोपियों को नामजद किया गया था।

1 मार्च
जगनेर में शिवम उर्फ शैंकी ने अपनी मां सुनीता देवी उर्फ पुष्पा देवी की घर में चोरी के विरोध पर हत्या कर दी थी। उसने मां के सिर में सिलबट्टे से ताबड़तोड़ प्रहार किए थे, उनकी मौत हो गई।

25 जुलाई
थाना कागारौल के गढ़ी कालिया में जमीन के बंटवारे में तीन भाइयों ने मथुरा में रह रहे पिता और दो भाइयों को कुल्हाड़ी से काट डाल, तीनों को पंचायत के लिए बुलाया गया था।

3 जुलाई
खंदौली के गांव तानगढ़ी में भाई सत्यप्रकाश ने बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांव के लोग उस पर कमेंट करते थे, इससे नाराज होकर युवक ने बहन को मौत के घाट उतार दिया।

6 जून
सदर के दुर्गा नगर में पति महेंद्र सिंह राठौर ने पत्नी नीतेश उर्फ नीता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बहू पर भी गोली चलाई थी। उसने छिपकर जान बचाई थी।

7 जून
सिकंदरा में गांव ककरैठा स्थित वनखंडी महादेव मंदिर के पास जंगल में व्यापारी की पत्नी अंजलि बजाज की हत्या हुई थी। मामले में प्रखर गुप्ता और शीलू को जेल भेजा गया। मृतका की बेटी की संलिप्तता भी मिली थी। इस पर पुलिस ने उसे भी अरेस्ट किया।

27 जून
थाना किरावली के गांव मनिकपुर में ससुर रघुवीर ने बहू प्रियंका की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बड़ी बहू जान बचाकर भागी, आरोपी ने खुद को थाने में सरेंडर कर दिया।


हत्या के सभी मामलों में वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट किया है। अधिकतर मामलों में प्रॉपर्टी और अवैध संबंध के मामले सामने आए हैं।
डॉ। प्रीतिंदर सिंह, पुलिस कमिश्नर आगरा कमिश्नरेट

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
परिवार एवं नातेदारी संबंध घनिष्ठ होते हैं और यही विशेषता इनको समाज के अन्य समूहों के संबंधों से अलग भी करती है। मानवीय जीवन में रिश्तों का हमेशा महत्व रहा है और इसकी गहराई इस पर निर्भर है कि रिश्ते के प्रति संवेदनाएं कितनी मजबूत हैं। पारिवारिक संबंध स्वयं में बेहतर होते थे लेकिन एकल परिवारों के बढऩे से करीबी रिश्तों के बीच संबंध केवल साधन के रूप में बदलते जा रहे हैं। वर्तमान मार्केट, सामाजिक में अलग होना भयानक समस्या के रूप में उभर रहा है, जहां आए दिन पारिवारिक सदस्यों द्वारा परिवार में कलह और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं।
- डॉ। पूनम तिवारी,आरबीएस डिग्री कॉलेज की मनोवैज्ञानिक

असंवेदनशील होते जा रहे लोग
मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर रचना सिंह ने बताया कि समाज तेजी व्यक्तिवादी हो रहा है। अपनी पसंद की चीज पाने के जूनून में लोग लोग कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। पहले समय में जो सामाजिक जीवन के जो मानक थे वह खत्म हो रहे हैं, जिसकी वजह से रिश्तों का मोल भी कम हुआ है। खुलेआम शराब का सेवन भी इसकी एक वजह है। इसकी वजह से लोग असंवेदनशील होते जा रहे हैं।
- डॉ। रजना सिंह, आगरा कॉलेज आगरा

Posted By: Inextlive