अवैध खनन के माल का फर्जी जीएसटी बिल बनाने वाले 11 गिरफ्तार

Updated Date: Fri, 18 Sep 2020 11:48 AM (IST)

- राजस्थान के सैंया बार्डर पर आरटीओ का ऑनलाइन टैक्स जमा कराने की आड़ में चल रहा था खेल, मुकदमा दर्ज

- खनिज और परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका

आगरा: राजस्थान से वाहनों में आने वाले अवैध खनन के माल को सैंया बॉर्डर पर जीएसटी का फर्जी बिल बना वैध बनाने का खेल चल रहा था। गुरुवार को पुलिस और विजिलेंस की संयुक्त टीम ने छापा मार 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, अन्य नौ लोगों की तलाश की जा रही हैं। मामले में खनिज और परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका है।

बड़े पैमाने पर चल रहे गोलमाल की जानकारी पर गुरुवार तड़के एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद और एसपी पश्चिम रवि कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस और पुलिस की टीम सादा कपड़ों और प्राइवेट गाडि़यों से सैंया पहुंची। आरटीओ के कैंप ऑफिस में भीड़ लगी थी। तलाशी में वहां कई फर्मो की बिल बुक मिलीं, इनमें से कुछ भरी हुई थीं। पुलिस ने अलग-अलग काउंटर पर काम कर रहे 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मामला खुल गया।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरटीओ का ऑनलाइन टैक्स जमा करने के ऑफिस की आड़ में शातिर वाहनों से आने वाले अवैध खनन के माल के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे। विजिलेंस ने सैंया थाने में आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में मुकदमा लिखाया है। थाना पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

शातिर ऐसे करते थे गोलमाल

राजस्थान में अवैध खनन कर बालू, मोरंग व गिट्टी की आगरा व आसपास के जिलों में सप्लाई होती है। बिना रॉयल्टी जमा किए राजस्थान से यह सामग्री लाई जाती है। सैंया में राजस्थान बार्डर पर आरटीओ का ऑनलाइन टैक्स जमा कराने को बनाए गए ऑफिस में इस अवैध सामान के अलग-अलग फर्मों के नाम से बिल बना दिए जाते थे। इसमें सामान की मात्रा भी कम लिखी जाती थी। जिन फर्मों के बिल दिए जाते थे, उनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन तो है, मगर, फर्म केवल कागजों में ही संचालित हैं।

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Posted By: Inextlive
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