छात्राओं को निडर बनाने में जुटी पीआरवी

2019-08-10T10:16:18Z

-छेड़छाड़ करने वाले मनचलों पर एंटी रोमियो सेल की नजर

-एसएसपी की पहल पर पीआरवी छात्राओं को दे रही टिप्स

आगरा। स्कूल से घर जाते समय रास्ते में कोई परेशान करे तो घबराएं नहीं। पुलिस में शिकायत करें। आपका चुप रहना आरोपी का हौसला बढ़ाएगा। अगर आप उसकी शुरूआती हरकत की ही कंप्लेन कर देंगी, तो पुलिस उसे सबक सिखाएगी। कुछ ऐसी ही सीख आजकल पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स वैन) पर तैनात पुलिसकर्मी छात्राओं को दे रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर स्कूल-स्कूल पहुंच रहे पुलिसकर्मी उन्हें सेल्फ डिफेंस की टिप्स भी दे रहे हैं। उन्हें मानसिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। स्कूल कैंपस में पोस्टर चस्पा कर रहे हैं।

स्कूली छात्राओं को बना रहे सशक्त

छात्राओं को निडर बनाने के लिए पीआरवी के सिपाही स्कूल परिसर में कानून की जानकारी देने के साथ उन्हें किसी भी मुश्किल हालात में जवाब देने के लिए तैयार कर रहे हैं। इसके लिए स्कूल में छात्राओं को उनके अधिकार की जानकारी देते हुए पोस्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही मनचलों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भी उन्हें ट्रेंड किया जा रहा है। जिससे वह शोहदे की किसी भी हरकत पर उसे सबक सिखा सकें।

बड़ी घटनाएं कर देते थे शोहदे

छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील कमेंट की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। कई छात्राएं तो शर्मिदगी और डर के चलते इन्हें इग्नोर कर देती हैं। अपने परिवारीजनों को भी इस संबंध में कुछ नहीं बतातीं। इससे शोहदे के हौसले बढ़ जाते हैं। वह छात्रा के विरोध करने पर बड़ी घटना को अंजाम दे देते हैं।

पंाच मिनट के भीतर मिलेगी मदद

प्रदेश सरकार की पहल पर छात्राओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो सेल का गठन किया गया है। अलग-अलग टीमों को स्कूल, कॉलेजों के पास तैनात किया गया है, जिससे वह मनचलों की हरकत पर नजर रख सकें। इसी क्रम में छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीआरवी वैन को जिम्मेदारी सौंपी है। जिससे वह पुलिस के साथ फे्रंडली बन सकें।

पुलिस हेल्पलाइन

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छात्राओं के साथ किसी भी तरह की घटना होने पर पुलिस व एंटी रोमियो सेल उनकी सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहेगा। छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत करने के लिए स्कूल, कॉलेजों में उसकी काउंसलिंग की गई है। किसी भी तरह की अफवाहों को पूरी तरह नजर अंदाज करें।

गोपाल चौधरी, एएसपी

तीन वर्षो में जिले में दर्ज किए गए छेड़छाड़ के मुकदमे

वर्ष 2017- 02

वर्ष 2018- 07

वर्ष 2019- 12

नोट:::छेड़छाड़ के अधिकतर मामले समझौते से निपटा दिए जाते हैं। बदनामी के भय से परिवार के लोग मुकदमों से परहेज करते हैं।

Posted By: Inextlive

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