शरद पूर्णिमा पर चांद जब धरती के सबसे करीब होता है तो उसकी शीतल किरणें ताजमहल पर अठखेलियां करतीं नजर आती हैं. ताजमहल पर 'चमकी' के इस हसीन नजारे को देखने के लिए पर्यटक वर्ष भर बेकरारी से इंतजार करते हैं. इस बार 28 अक्टूबर शनिवार को शरद पूर्णिमा है. इसके सभी 400 टिकट ऑनलाइन बुक हो चुके हैं. टिकट बुक नहीं करा पाने वाले पर्यटकों में मायूसी है. ऐसे पर्यटक यमुना पार मेहताब बाग स्थित ताज व्यू प्वाइंट से ताज रात्रि दर्शन कर सकते हैं.

आगरा(ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माह में पूर्णिमा के अवसर पर ताजमहल पांच दिन (शुक्रवार की साप्ताहिक बंदी की स्थिति में चार दिन) रात में खुलता है। ताज रात्रि दर्शन 26 से 30 अक्टूबर तक होगा। इसकी शुरुआत गुरुवार से हो जाएगी। 27 अक्टूबर को शुक्रवार होने से रात्रि दर्शन नहीं होगा। रात्रि दर्शन के लिए पर्यटकों ने ऑनलाइन बुङ्क्षकग शुरू होते ही टिकटें बुक करा ली हैं। 26, 28 और 29 अक्टूबर की सभी टिकटें बुक हो चुकी हैं। बुधवार शाम तक 30 अक्टूबर की ही कुछ टिकटें बची थीं।

यह रहती है व्यवस्था
अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ। राजकुमार पटेल ने बताया कि ताज रात्रि दर्शन में एक दिन में 50-50 के आठ बैच में अधिकतम 400 पर्यटकों को ही प्रवेश मिलता है। रात आठ से 12 बजे तक आधा-आधा घंटे के आठ स्लॉट में पर्यटकों को स्मारक में प्रवेश दिया जाता है। भारतीय पर्यटक का टिकट 510 रुपए, विदेशी पर्यटक का टिकट 750 रुपए और चार से 15 वर्ष तक के बच्चे का टिकट 500 रुपए का है।

क्या है चमकी
ताजमहल की पच्चीकारी में कीमती पत्थर जड़े हुए हैं। इन पर जब चंद्रमा की किरणें पड़ती हैं तो यह दमकते हैं। पत्थरों के दमकने को ही चमकी कहते हैं। ताजमहल रात्रि दर्शन रात 12 बजे तक ही होता है। इस समय तक चांद ताजमहल के ठीक ऊपर नहीं आ पाता है, जिससे पर्यटक असली चमकी नहीं देख पाते हैं। पर्यटक वीडियो प्लेटफार्म से ही रात में ताजमहल को देख पाते हैं, मुख्य इमारत तक जाने की अनुमति नहीं रहती।


ताज रात्रि दर्शन में एक दिन में 50-50 के आठ बैच में अधिकतम 400 पर्यटकों को ही प्रवेश मिलता है। रात आठ से 12 बजे तक आधा-आधा घंटे के आठ स्लॉट में पर्यटकों को स्मारक में प्रवेश दिया जाता है।
-डॉ। राजकुमार पटेल, अधीक्षण पुरातत्वविद, एएसआई

Posted By: Inextlive