Coronavirus in Agra : होम्योपैथी में तलाश लिया कोरोना वायरस का बचाव

Updated Date: Thu, 05 Mar 2020 02:11 PM (IST)

आगरा में मंगलवार को 6 पेशेंट में कोरोना के सिम्प्टम्स मिलने के बाद शहर में सनसनी फैल गई। अलर्ट के बाद आम शहरवासी बुधवार दहशत में दिखा। वहीं आयुष मंत्रालय द्वारा वायरस से बचाव के होम्योपैथिक मेडिसिन का नाम सजेस्ट करने के बाद होम्योपैथिक मेडिसिन स्टोर पर भीड़ उमड़ पड़ी।

आगरा (ब्यूरो)हेल्थ अलर्ट के बाद लोगों में इस वायरस को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। सभी फोन और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा कर रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें कि किसी होम्योपैथिक दवा का जिक्र किया जा रहा है। जो कि कोरोनावायरस के इलाज में कारगर बताई जा रही है। हालांकि आयुष मंत्रालय द्वारा एडवाइजरी जारी होने के बाद जनसामान्य में होम्योपैथिक मेडिसिन को लेकर जिज्ञासा हुई। तफ्तीश में पता चला कि यह मेडिसिन आर्सेनिक एल्बम-30 है। जिसे तीन दिन खाली पेट लेने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है। अब सवाल यह उठता है कि एक ओर तो कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का इलाज नहीं है। फिर इस दवा का दावा कैसे किया जा रहा है? दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने इस दावे की सच्चाई की तलाश में शहर के होम्योपैथ और आयुष होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, डीईआई के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रो। कैलाश चंद्र सारस्वत से बात की, जिनकी राय यह है।।

सवाल- क्या होता है कोरोनावायरस, कैसे तेजी से फैल रहा है? एक से दूसरे में इंसान को होने का है खतरा!

जबाव- यह एक सिंपल फ्लू से होने वाला वायरस है और बहुत जल्दी फैल रहा है। यह लो इम्यूनिटी वालों में लंग्स को प्रभावति कर रहा है। देखने वाली बात यह भी है कि जो लोग रिकवर कर रहे हैं उनकी रिकवरी भी नॉर्मल फ्लू वायरस की तरह ही हो रही है।

सवाल- आर्सेनिक एल्बम-30 किस तरह कारगर है?

जबाव- भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोनावायरस के लिए एडवाइजरी की जारी है। जिसमें होम्योपैथिक मेडिसिन आर्सेनिक एल्बम-30 के प्रयोग का सुझाव दिया गया है। यह होम्योपैथिक मेडिसिन फ्लू के सभी लक्षणों पर काम करती है। जैसे जुकाम, सर्दी, छींक, नाक से पानी आना, सिरदर्द होना और बुखार या खांसी।

सवाल- तो क्या यह माना जाए कि वायरल हो रही होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एल्बम 30 कोरोनावायरस से बचाव के लिए है?

जबाव- हां, होम्योपैथिक दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 कोरोनावायरस से बचाव के लिए कारगर कही जा सकती है। यह बचाव और इलाज दोनों के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती है। अगर हम होम्योपैथी की बात करें तो जब भी कोई एपेडेमिक फैलता है तो होम्योपैथी में जीनियस एपेडेमिक निकाला जाता है, कुल मिलाकर आप इस दवा को ले सकते हैं।

सवाल- कैसे लें आर्सेनिक एल्बम-30

जबाव- आर्सेनिक एल्बम 30 की एक ही डोज लेनी होती है। इसे लेने का तरीका यह है कि आप तीन दिन तक खाली पेट एक-एक डोज लें। इसे 15 दिन बाद रिपीट कर सकते हैं।

लक्षण पहचानें और रहें सतर्क

- बहुत अधिक खांसी और जुकाम होना।

- शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी।

- किडनी और लिवर में तकलीफ।

- निमोनिया के लक्षण सामने आना।

- पाचन क्रिया में तकलीफ शुरू होना।

- अचानक बुखार और सांस लेने में तकलीफ।

इन बातों का रखें ध्यान

- बार-बार आंख, नाक मुंह छूने से बचें।

- सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले एन-95 मास्क पहनें।

- संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।

- सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ होने पर अस्पताल जरूर जाएं।

- 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।

- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

- एक इंसान से दूसरे में फैलता है।

ऐसे करें बचाव

- 3 से 6 फुट की दूरी बना भीड़भाड़ में चलें।

- बार-बार हाथ धोते रहें जिससे कि वायरस न फैलने पाए।

- सार्वजनिक वाहन से यात्रा के दौरान दस्ताने पहनें।

- मुंह पर मास्क पहनकर रखें, नियमित बदलते रहें।

- भीड़भाड़ या अस्पताल वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

नोट : इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह से होम्योपैथिक डॉक्टर कैलाश चंद्र सारस्वत से बातचीत पर आधारित है।

ये दवाएं भी हैं कारगर

'आर्सेनिक एल्बम 30 के साथ जल्सीमियम 200 और इन्फ्लुएन्जिनम 200 को रिकमंड कर रहे हैं। आर्सेनिक एल्बम 30 के अलावा जल्सीमियम 200 को रिकमंड किया जा रहा है। दोनों ही दवाएं एम्युनिटी बढ़ाते और वायरस इन्फेक्शन से बचाव करती हैं।'

- डाॅ। मोहित सत्संगी, न्यू स्वामी होम्योपैथिक स्टोर, दयालबाग

'आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी जारी होने के बाद होम्योपैथिक आर्सेनिक एल्बम 30 के अलावा जल्सीमियम 200 दी जा रही है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर्स के निर्देश के अनुपालन में किया जाए।'

- डाॅ। पलक सत्संगी, न्यू दयालबाग होम्योपैथिक स्टोर, दयालबाग

'एम्युनिटी को बढ़ाने के लिए आर्सेनिक एल्बम 30 के साथ इन्फ्लुएन्जिनम 200 दी जा रही है। जुकाम, सर्दी, छींक, नाक से पानी आना, सिरदर्द होना और बुखार या खांसी होने पर डॉक्टर से मिलें और जांच कराएं।'

- डाॅ। दीप्ति शर्मा, होम्योपैथ

Posted By: Inextlive
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