यमुनापार में 'भर्ती गैंग' का फैला है जाल

Updated Date: Fri, 04 Sep 2020 10:36 AM (IST)

-नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के शिकार कई अन्य भी आ रहे सामने

-पुलिस कर रही तफ्तीश, रैकेट के पर्दाफाश के लिए लगी हैं पुलिस की टीमें

आगरा: यमुनापार इलाके में एक-दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक लोग 'भर्ती गैंग' का शिकार बने हैं। पुलिस की तफ्तीश में निकलकर आया कि यह गैंग गत 10 वर्षो से यमुनापार क्षेत्र में काम कर रहा है। बेरोजगार युवाओं को फंसाने के लिए गैंग के संपर्क में रिटायर्ड फौजी नरसिंग पाल और उसके बाद मृतक रामवीर आया। रामवीर ने ही हत्यारोपी सुभाष की रिटायर्ड फौजी से मुलाकात कराई और नौकरी के लिए भी रकम दिलवाई। पुलिस जल्द ही रिटायर्ड फौजी से पूछताछ, मृतक और हत्यारोपी की निशानदेही पर 'भर्ती गैंग' के पर्दाफाश का दावा कर रही है।

डायरी में मिले 'संपर्क'

पुलिस के हाथ मृतक ओमवीर और उसके बेटे बबलू की डायरी हाथ लगी हैं, जिसमें कई ऐसे लोगों के संपर्क हैं जो सीधे तौर पर भर्ती गैग से जुड़े हैं। बता दें कि जघन्य हत्याकांड की जड़ में 'भर्ती गैंग' है। मृतक रामवीर ने इस गैंग को अपने बेटे बबलू की रेलवे में सरकारी नौकरी के लिए 12 लाख रुपए दिए थे। यह रकम रिटायर्ड फौजी नरसिंग पाल के माध्यम से पीएसी के रिटायर्ड सिपाही शकील को दिए थे। हत्यारोपी सुभाष से भी रामवीर ने बेटे की नौकरी में रिश्वत के लिए 3 लाख रुपए ब्याज पर लिए थे। यही रकम पूरी परिवार की हत्या की वजह बनी। पुलिस ने भर्ती गैंग की भूमिका उजागर होने के बाद तफ्तीश की जिसमें निकलकर आया कि कई अन्य पीडि़त भी यमुनापार क्षेत्र में हैं, जिन्होंने नौकरी के लिए रिटायर्ड फौजी को रकम दी है।

तलाशते थे सॉफ्ट टारगेट

भर्ती गैंग एक वेल प्लानिंग के साथ यमुनापर में वर्क कर रहा है। यहां कम्प्यूटर की दुकानों पर काम कर रहे लोगों, कोचिंग संचालकों के संपर्क में गैंग के सदस्य रहते हैं। ऐसे बेरोजगार युवाओं को सॉफ्ट टागरेट बनाते थे जो नौकरी की तलाश में हैं और उनकी प्रोफाइल लोअर मिडिल क्लास है। गैंग ने यमुनापार में क्षेत्र में रिटायर्ड फौजी नरसिंग पाल को 'शिकार' तलाशने का जिम्मा दिया था। रिटायर्ड फौजी का यमुनापार क्षेत्र में बड़ा रसूख है उसने भी अपने बेटे राहुल की नौकरी के लिए रिटायर्ड पीएसी सिपाही शकील को रकम दी थी।

कोलकाता जाएगी आगारा पुलिस

भर्ती गैंग की गतिविधियों से भी परदा हटाने के लिए आगरा पुलिस कोलकाता जाएगी। बता दें रेलवे में भर्ती के लिए मृतक बबलू, रिटायर्ड फौजी के पुत्र राहुल और हत्यारोपी सुभाष कोलकाता गए थे। यहां वे कई दिनों रहे, पुलिस के मुताबिक इन्हें वहां रेलवे विभाग में नौकरी दिलाने के लिए कुछ लोगों ने मिलाया गया। पुलिस इस गैंग की धरपकड़ के लिए 'कनेक्शन' तलाश रही है। इंस्पेक्टर थाना एत्मादुदैला उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि गैंग की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। सभी के कांट्रेक्ट तलाशे जा रहे हैं। गैंग से जुड़े लोगों के कॉल डिटेल पर वर्क किया जा रहा है।

---

भर्ती गैंग के तार इस हत्याकांड से जुड़े हैं। ऐसे में पुलिस की एक टीम को इस भर्ती गैंग के खुलासे के लिए लगाया गया है। गैंग का पर्दाफाश कर जल्द ही आरोपियों की धरपकड़ की जाएगी।

-बबलू कुमार, एसएसपी, आगरा

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.