सातवें ट्रायल में गतिमान ने ली दो मासूमों की जान

Updated Date: Wed, 23 Mar 2016 02:11 AM (IST)

- 90 की बजाय 110 मिनट में दिल्ली से पहुंची आगरा

- अरतौनी फाटक के पास दो बच्चे ट्रेन की चपेट में आए

आगरा। आगरा-दिल्ली के बीच पौने दो वर्ष से प्रतीक्षित सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के सातवें ट्रायल में सुरक्षा मानकों की पोल खुल गई। मंगलवार को दिल्ली से आगरा आई ट्रेन 90 मिनट के बजाय 110 मिनट में आगरा पहुंची। यहां से वापस जाते समय रुनकता के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दो बच्चे ट्रेन की चपेट में आ गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बाद मथुरा स्टेशन के पास ट्रेन का पेन्टो टूट गया, जिसके चलते दूसरे इंजन को लगाकर रवाना किया गया।

खेलते-खेलते टै्रक पर पहुंच गए बच्चे

रेलवे अधिकारियों की मानें तो मंगलवार को आगरा-नई दिल्ली के बीच सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस का सातवां ट्रायल सफल रहा। ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 8.05 बजे आगरा के लिए रवाना हुई। सुबह 9.55 बजे आगरा कैंट पर पहुंची। वापसी में आगरा कैंट से 10.55 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। अरतौनी फाटक के पास 10 वर्षीय योगेश पुत्र मुकेश नगला जऊपुरा व उसका साथी आठ वर्षीय अरविन्द पुत्र महेश ट्रेन की चपेट में आ गए। वे खेलते-खेलते वहां पहंच गए थे। लोगों के अनुसार तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आते ही दोनों के चीथड़े उड़ गए। उनके शव का बोरे में भरकर अन्तिम संस्कार किया गया।

आउटर पर खड़ी रही ट्रेन

11.30 बजे ट्रेन मथुरा के बाद स्टेशन के नजदीक पहुंची, तो उसका पेंटो टूट गया, जिसके चलते ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा। बाद में डीजल इंजन लगाकर गतिमान एक्सप्रेस को मथुरा स्टेशन लाया गया। गतिमान एक्सप्रेस को दोपहर 1.09 बजे मथुरा से नई दिल्ली को रवाना किया जा सका। वहीं, इस ट्रेन के संचालन को लेकर रेलवे में संशय की स्थिति बरकरार है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सातवां ट्रायल सफल रहा है। नियमित संचालन का निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। इस बारे में एडीआरएम आगरा मंडल शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा हरी झंडी पहले ही दी जा चुकी है। अब अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। इस मौके पर रेलवे बोर्ड के एडीशनल मेम्बर ट्रैफिक एसजी सेठी, दिल्ली मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, डीआरएम आगरा प्रभाष कुमार, एडीआरएम शीलेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक शशि भूषण, पीआरओ भूपिन्दर ढिल्लन समेत कई रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।

खुली सुरक्षा मानकों की पोल

गतिमान एक्सप्रेस के संचालन के बारे में 24 दिसम्बर को आगरा के बटेश्वर में आए केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा था कि हम गतिमान के संचालन में सुरक्षा संरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं कर सकते हैं। जब ट्रेन को ट्रैक पर लाया जाता है, तो उसका पूरा परीक्षण किया जाता है। बावजूद इसके ट्रायल के दौरान ट्रेन का पेंटो टूट गया। वहीं, ट्रैक पर जहां लोंगो का आवागमन ज्यादा रहता है, वहां सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं किए गए। अगर गार्ड तैनात किए जाते दोनों मासूमों की जान बच जाती।

ये गाडि़यां रही प्रभावित

गतिमान एक्सप्रेस का पेंटो टूट जाने से आगरा-दिल्ली रूट की तकरीबन आधा दर्जन गाडि़यों का संचालन ठप रहा। तकरीबन 14.40 बजे ट्रेनों का आवागमन सुचारू हो सका।

Posted By: Inextlive
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