शस्त्र लाइसेंस बना चुनौती

Updated Date: Sat, 23 Nov 2019 05:45 AM (IST)

- वर्ष 2013 में हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक

- रोक हटने के करीब एक साल बाद भी एक भी लाइसेंस नहीं हो सका जारी

आगरा। शस्त्र लाइसेंस अब राजनीतिक लोगों के लिए चुनौती साबित हो रहा है। लम्बा इंतजार हो जाने के बाद अब लोगों का धैर्य जवाब दे गया है। सभी औपचारिकता पूर्ण होने के बाद भी लोगों के शस्त्र लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है। वे भी अब कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अब तक तो ये नेता ठोड़ा इंतजार करने के लिए कह कर टाले दे रहे थे, लेकिन करीब 10 माह से से अधिक समय गुजर जाने के बाद अब कोई बहाना बनाने के लिए नहीं बचा है। करीब 2500 हजार फाइलें डीएम के पास कम्प्लीट हो कर पहुंच चुकी हैं। बावजूद इसके एक भी लाइसेंस जारी नहीं हो सका है।

वर्ष 2013 में लगी थी रोक

शस्त्र लाइसेंस पर हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 में रोक लगाई थी। केवल अपराध पीडि़त और बारिसान वाले ही लाइसेंस बने थे। करीब छह साल से कोई लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। करीब एक साल पहले हाईकोर्ट की रोक हटी तो लाइसेंस के इच्छुक व्यक्यिों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। लोगों ने करीब साढे़ छह हजार आवेदन कर दिए। जिनमें से करीब 2500 हजार फाइलें कम्प्लीट होकर डीएम के पास पहुंच चुकी हैं। बावजूद इसके अभी तक एक भी लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। लोग जुगाड़ लगा रहे हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही है।

जनप्रतिनिधियों दरबार में लगा रहे हैं गुहार

जिन लोगों की फाइल कम्प्लीट हो गई हैं वे अब जनप्रतिनिधियों के दरबार में गुहार लगा रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी कोई संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इससे कही न कहीं वे भी अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का अब कोई बहाना भी काम नहीं आ रहा है। वे सिर्फ एक ही बात कह रहे हैं कि डीएम कोई लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं। जैसे ही लाइसेंस करेंगे तो लाइसेंस बनवा देंगे। इस जवाब से लाइसेंस के इच्छुक लोग संतुष्ट नहीं हैं। और दूसरी सोर्स खोज रहे हैं। लेकिन कोई सोर्स काम नहीं आ रहा है। डीएम लाइसेंस के विषय में धैर्य रखने की ही बात कह रहे हैं।

दोबारा करनी होंगी औपचारिकता पूर्ण

शस्त्र लाइसेंस के लिए की जाने वाली कई औपचारिकता ऐसी भी हैं जो छह माह तक ही मान्य हैं। छह माह का समय निकल जाने के बाद फिर से औपचारिकता पूरी करनी होंगी। ऐसे लोगों की तादात कुछ ज्यादा ही है।

वर्जन

इस विषय पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। निश्चित रूप से जरूरत मंद लोगों को लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएंगे।

एनजी रवि कुमार

डीएम

Posted By: Inextlive
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