कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए : कुलपति

Updated Date: Sat, 05 Dec 2020 12:58 PM (IST)

- सीनेट हॉल में कुलपति प्रो। संगीता श्रीवास्तव ने शिक्षकों के साथ की बैठक

PRAYAGRAJ: इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की नवनियुक्त प्रथम महिला कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने शुक्रवार को सीनेट हॉल में सभी शिक्षकों के साथ बैठक की। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने हाथ में माइक लेकर गुनगुनाया- 'कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए, साधन सभी जुट जाएंगे, संकल्प का धन चाहिए' इसके बाद शिक्षकों से कहा कि हम सभी एक ही नौका में सवार हैं, जो विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए अग्रसर है। रजिस्ट्रार प्रो। एनके शुक्ल ने कुलपति का स्वागत करते हुए कहा कि यह गौरव का विषय है कि विश्वविद्यालय के 133 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी महिला कुलपति ने इस पद को गौरवान्वित किया है।

दूर होगी शिक्षकों की कमी और सुधरेगी रैंकिंग

शिक्षकों की कमी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा शीघ्र ही न्युक्ति प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उन्होंने शिक्षक-छात्र अनुपात के निरंतर बढ़ते जाने पर चिंता व्यक्त की। अपेक्षा किया कि न केवल विश्वविद्यालय को शिक्षकों की संख्या से धनी बनाना है। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर विश्वविद्यालय की रैंकिंग को भी सुधारना है।

इविवि में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई कराएं शिक्षक

कुलपति प्रो। संगीता श्रीवास्तव ने सभी शिक्षकों से समय पर विश्वविद्यालय आने और अपने विभाग में रहकर ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिन विभागों को आवश्यकता होगी उन्हें इस कार्य के लिए कम्प्यूटर आदि भी उपलब्ध कराए जाएंगे। नई शिक्षा नीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा अपने विभागों में ब्रेन स्टॉरमिंग सत्रों का आयोजन करें और अपने संकायाध्यक्षों के माध्यम से इस नीति को कार्यान्वित करने की कार्ययोजना तैयार करें। इस बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों को इस प्रकार से बनाया जाय कि वह रोजगारपरक हो तथा छात्रों का बहुआयामी विकास भी हो।

Posted By: Inextlive
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