खत्म हुआ यूपी बोर्ड का इम्तेहान

Updated Date: Sat, 07 Mar 2020 05:31 AM (IST)

नंबर गेम

4,70,846

स्टूडेंट्स ने इस बार बोर्ड परीक्षा से किया किनारा

400

स्टूडेंट्स पूरी बोर्ड परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग करते पकड़े गए

233

के खिलाफ बोर्ड परीक्षा में दर्ज कराई गई एफआईआर

72

सेंटर्स पर सूबे में पेपर आउट होने के मामले में होगा री-एग्जाम

05

जिलों में 12 मार्च को आयोजित कराया जाएगा री-एग्जाम

कॉपी चेकिंग की बात

16 मार्च

से शुरू होगा यूपी बोर्ड परीक्षा के कापियों का मूल्यांकन

279 सेंटर्स

पर इस बार होगा बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन

1,47,000 परीक्षक

इस बार जांचेंगे यूपी बोर्ड एग्जाम की कॉपियां।

-यूपी बोर्ड एग्जाम 2020 का समापन, आखिरी दिन भी जारी रहा स्टूडेंट्स के एग्जाम छोड़ने का सिलसिला

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा का शुक्रवार को समापन हो गया। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा दे रहे स्टूडेंट्स की टेंशन का भी द एंड हो गया। परीक्षा के आखिरी दिन इंटरमीडिएट में शस्य विज्ञान व्यावसायिक व मानव विज्ञान की परीक्षा प्रथम पाली में आयोजित हुई। जबकि दूसरी पाली में विभिन्न ऑप्शनल सब्जेक्ट की परीक्षा का आयोजन हुआ। यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार भी परीक्षा छोड़ने वाले स्टूडेंट्स का रिकार्ड पिछले साल जैसा ही रहा। परीक्षार्थियों की संख्या में कमी होने के बाद भी इस बार की बोर्ड परीक्षा में करीब पौने पांच लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा छोड़ी। आखिरी दिन भी परीक्षा में दो स्टूडेंट्स ने परीक्षा से किनारा कर लिया।

नकल पर नकेल के थे व्यापक इंतजाम

-यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए महीनों पहले से कवायद की जा रही थी।

-इसके तहत पहली बार एसटीएफ और एलआईयू जैसी जांच एजेंसियों को भी यूपी बोर्ड एग्जाम के लिए लगाया गया था।

-नकल पर नकेल के लिए पहली बार बोर्ड परीक्षा में वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जा रही थी।

-इसके लिए सभी एग्जाम सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।

-94 हजार कमरों में, एक लाख नब्बे हजार सीसीटीवी लगे थे। इनकी मॉनीटरिंग के लिए 75 कंट्रोल रूम बनाए गए थे।

-वहीं 2950 स्टैटिक और 1314 सेक्टर मजिस्ट्रेट भी परीक्षा की निगरानी में लगाए गए थे।

काम नहीं आया कोई उपाय

इतने सारे उपायों के बावजूद यूपी बोर्ड एग्जाम में बोर्ड की कवायद फेल रही। नकल माफियाओं ने तमाम उपायों को धता बताते हुए परीक्षा में सेंध लगा ही दी। कई मेन सब्जेक्ट्स के एग्जाम के दौरान विभिन्न जिलों में सॉल्व पेपर वॉट्सअप पर वायरल हो गए। इसके बाद उन सेंटर्स पर एग्जाम भी कैंसिल करा दिया गया था। हालांकि इसके बावजूद यूपी बोर्ड ने कभी नहीं स्वीकार किया पेपर आउट हुआ है।

12 मार्च को फिर होगी कई जिलों परीक्षा

शुरू में तो बोर्ड पेपर आउट होने की बात से इंकार करता रहा। लेकिन आखिर बोर्ड की तरफ से पांच जिलों में 12 मार्च को अलग-अलग सेंटर्स पर विभिन्न विषयों के री एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.