शर्मनाक: पिता, दो बेटियों और एक बेटे की नृशंस हत्या

Updated Date: Sat, 04 Jul 2020 05:36 PM (IST)

छत के रास्ते घर में घुसे हत्यारे, धारदार हथियार से सभी को दी मौत

मृत समझ छोड़ गये महिला की चल रही थीं सांसें, अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर

कारण अज्ञात, घर में बिखरे में मिले सामान, लूट की आशंका

PRAYAGRAJ: सुनहरे कल के लिए तैयारी कर रही दो बेटियों, उनके पिता और एक भाई की गुरुवार की रात बेरहमी से हत्या कर दी गयी है। हत्यारे परिवार के पाचवें सदस्य को भी मृत जानकर ही छोड़ गये थे। संयोग से पब्लिक पहुंची तो उसकी सांसें चलती मिलीं। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया। उसकी भी हालत नाजुक बतायी गयी है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद पुलिस के साथ प्रशासनिक अफसरों के पैरों तले से जमीन खिसक गयी। आनन-फानन में एडीजी समेत तमाम आला अफसर मौके पर पहुंच गये। हत्यारों का सुराग लगाने के लिए फोरेंसिक टीम के साथ डॉग स्क्वॉड को बुला लिया गया। इससे पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा। घर के भीतर सामान बिखरे होने से आशंका जतायी गयी है कि लूट की नीयत से आये हत्यारों ने इस नृशंस घटना को अंजाम दिया होगा। पुलिस को अब घटना के संबंध में क्लू मिलने के लिए घायल महिला की तबियत में सुधार का इंतजार है। अफसरों का मानना है कि वही घटना के कारणों के बारे में कुछ बता सकती है।

मॉर्निग वॉक के लिए कॉल से खुला राज

एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या और पाचवें को अधमरा करके छोड़ देने की जानकारी सुबह उस वक्त लगी जब मॉर्निग वॉक पर जाने वालों ने परिवार के मुखिया को आवाज लगायी। घर के भीतर से कोई रिस्पांस न मिलना लोगों को अखर गया तो उन्होंने दरवाजे को धक्का दे दिया। पुश करते ही घर का दरवाजा खुला तो सामने का सीन देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। परिवार के मुखिया विमलेश पांडेय (50), उसकी बेटियां श्रेया (22), सिबू (20) और बेटा प्रिंस (19) की खून से लथपथ पड़े थे। सबकी सांसें थम चुकी थीं। पत्‍‌नी पर भी हमला हुआ था। गनीमत इतनी थी कि उनकी सासें चल रही थीं। यह हृदयविदारक दृश्य देखकर लोग चीख पड़े को आसपास के लोग जुट गये। सूचना पुलिस को दी गयी। पुलिस के रिस्पांस में देर हो गयी तो पब्लिक की नाराजगी बढ़ गयी। इसका इंपैक्ट बाद में पहुंचे अफसरों को भी झेलना पड़ गया। बाद में गंभीर रूप से घायल विमलेश की पत्नी रचना को एसआरएन हॉस्पिटल भेजवाया गया और बॉडी पोस्टमार्टम हाउस भेजी गई। इसके बाद आईजी व एसएसपी समेत विभाग की अन्य टीमें पड़ताल में जुट गई।

ननिहाल में गद्दी पर आया था वैद्य

विमलेश प्रतापगढ़ के चकवड़ गांव निवासी देवी प्रसाद पांडेय का बेटा था। कई वर्ष पूर्व वह परिवार के साथ होलागढ़ के बरई हरखपुर के मजरा शुकुल का पूरा ननिहाल में गद्दी पर आया हुआ था। यहां वह रहकर परिवार पालने लगा। जड़ी-बूटियों से दवा तैयार कर वह लोगों को दिया करता था। इसलिए गांव में उसे लोग वैद्य के नाम से भी जानते थे। उसकी दोनों बेटियां श्रेया पांडेय और सीबू पास के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया करती थीं। बेटा प्रिंस बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार रात खाना पीना के सभी अपने-अपने कमरे में सो गए। उसकी मां गैलरी में और दोनों बेटियां एक कमरे में सो रही थीं। बेटा दूसरे और खुद विमलेश एक अन्य कमरे में सो रहे थे।

मार्निग वॉकर्स को पहले हुए शक

विमलेश रोज मार्निग वॉक के लिए निकलते थे। आसपास के लोगों से इस चक्कर में उनका मेल-जोल बढ़ गया था। वह शुक्रवार को मॉर्निग वॉक के लिए नहीं गये। मॉर्निग वॉक से लौटते समय प्रति दिन साथ जाने वाले साथियों ने घर के पास पहुंचकर आवाज दी। जवाब नहीं आया तो वे पहुंच कर दरवाजे को पुश किए तो खुल गया। लोगों ने देखा कि कमरे में सभी की गला रेत कर हत्या कर दी गई है। खबर मिलते ही एडीजी समेत आईजी व एसएसपी एवं एसपी गंगापार सहित जिले के तमाम आलाधिकारी डॉग स्क्वायड एवं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम के साथ पहुंच गए।

इस तरह कातिल पहुंचे थे घर में

खोजी कुत्ता घर के पीछे साइड सट कर बने एक अधूरे मकान की तरफ पहुंचा और ऊपर चढ़ने की कोशिश करने लगा। टीम उसे लेकर किसी तरह उस मकान की दीवार पर चढ़ी तो वे सीधे विमलेश की छत से होते हुए बगैर दरवाजे की सीढि़यों से कमरे में जा पहुंचा। यह देख माना गया कि कातिल इसी रास्ते से पहुंच कर वारदात को अंजाम दिए होंगे। इसके बाद एक्सपर्ट टीम द्वारा फिंगर प्रिंट भी लिए गए। माना जा रहा है कि कातिलों इरादा पक्का था। इसलिए पहुंचते ही सभी के गले पर चापड़ से वार कर मौत के घाट उतार दिए। बता दें कि मृतक विमलेश पांडेय छह भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके बड़े भाई अशोक पांडेय की तहरीर पर होलागढ़ पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर रात तक कत्ल की वजह और कातिलों का पता नहीं चल सका था।

परिवार को खत्म करने का था इरादा

-कातिलों पूरे परिवार को खत्म करने के इरादे से घर में दाखिल हुए थे।

-शायद इसी के चलते उन्होंने किसी को संभलने या बिस्तर से उठने का मौका नहीं दिया।

-जो जिस कमरे में सो रहा था हत्यारों ने उसे सदा के लिए वहीं सुला दिया।

-संयोग ही था कि उसकी पत्नी रचना की सांसें चल रही थीं।

-उसके भी प्राण निकल गए होते तो पूरा परिवार साफ हो गया होता।

घटना दु:खद है। हत्या के कारणों के साथ हत्यारों तक पहुंचने के लिए टीमें लगा दी गयी हैं। महिला की भी स्थिति गंभीर है। उसके बयान से कुछ राज पता चल सकते हैं। रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है। इसमें घटना का कारण अज्ञात बताया गया है।

-अभिषेक दीक्षित,

एसपी प्रयागराज

Posted By: Inextlive
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