रहे घर में कोई भूखा तो बिटिया खा नहीं सकती

Updated Date: Tue, 24 Nov 2020 04:02 PM (IST)

-कवि सम्मेलन में रचनाकारों के मर्मस्पर्शी रचनाओं ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

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PRAYAGRAJ: समदरिया स्कूल ऑफ स्पेशल एजुकेशन, दांदूपुर में काव्य कुटुम्ब, एरोविड और जनजागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस मौके पर मशहूर रचनाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। काव्य मंच की अध्यक्षता करते हुए चíचत साहित्यकार विजय चितौरी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में साहित्य की भूमिका निर्णायक रही है। कविता ने देश की सामाजिक, नैतिक, आíथक और राजनैतिक क्षेत्र को हमेशा सम्बल दिया है। हमारी संस्कृति, जीवन मूल्यों तथा परम्पराओं की रक्षा भी साहित्य व कविताओं ने की है।

भीख मांगे जो अदाकारी से

कवि सम्मेलन के दौरान हास्य व्यंग्य रचनाकार अशोक बेशरम की रचना भीख मांगे जो अदाकारी से, बच के रहना तुम उस भिखारी से, ने श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरी। संचालक सन्तोष कुमार शुक्ल ने संस्कृति और परम्पराओं से जुड़े मुक्तककहे कुछ भी कोई चाहे मेरा दावा ये कहता है, रहे घर में कोई भूखा तो बिटिया खा नहीं सकती के जरिए महिला सशक्तिकरण के पक्ष में जबरदस्त प्रहार किया। लहू की बूंद को अमृत बनाकर जो पिलाती है, मातृ शक्ति को समíपत महत्वपूर्ण रचना पाठ वरिष्ठ गीतकार राजेंद्र शुक्ल ने किया। वहीं नजर इलाहाबादी ने वर्तमान सरकार की कार्य योजनाओं की चुटकी लेते हुए सारे गड्ढे भर जाएंगे, बरसात तो आने दोरचना पढ़ी। गीतकार जितेंद्र जलज की चंदन है पानी है और क्या, दुनिया कहानी है और क्या जैसे माíमक गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बाराबंकी से युवा कवि सिद्धार्थ अर्जुन ने बीज है तू तेरा अंकुरण न रुके जैसी भावपूर्ण पंक्तियों से खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा डॉ। अशोक अग्रहरि -प्रतापगढ़, रवि शंकर विद्यार्थी, अली इलियास, गितयम उपाध्याय-मिर्जापुर, धीरेंद्र नागा, विकास हमराही, अनुपम अजनबी, अजीत पांडेय आदि कवियों ने भी अपने काव्य पाठ किये। इस अवसर पर गीतकार राजेंद्र शुक्ल की पुस्तक का विमोचन भी किया हुआ।

कर्मयोद्धाओं का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में किये गए प्रशंसनीय कार्यो के लिए कर्म योद्धाओं का अंगवस्त्रम एवं स्मृतिपत्र के साथ समदरिया स्कूल ऑफ स्पेशल एजुकेशन के निदेशक डॉ मणि शंकर द्विवेदी द्वारा सम्मान भी किया गया। रक्तदान के लिए रजनीश सिंह, शिवम पाण्डेय, मनीष तिवारी, शैक्षणिक योगदान के लिए शुभम प्रजापति, सूरज प्रताप सिंह तथा पार्थ तिवारी, देवांश को सम्मानित किया गया। पर्यावरण संरक्षण, आशीष त्रिपाठी, बाली शंकर, जय प्रकाश नारायण तथा अवधेश निषाद को भ्रष्टाचार निवारण और आपदा प्रबंधन हेतु सम्मानित किया गया।

Posted By: Inextlive
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