घर से स्कूल तक बच्चों पर रहेगी 'तीसरी नजर'

Updated Date: Sat, 22 Feb 2020 05:45 AM (IST)

1650

स्कूली वाहन आरटीओ में रजिस्टर्ड

730

स्कूली बसों में लगा है सीसीटीवी और जीपीएस

920

वाहनों में सीसीटीवी और जीपीएस नहीं

800

से अधिक वाहनों के पास परमिट नहीं

-स्कूली बसों में सीसीटीवी एवं जीपीएस लगाने के लिए जारी किया 31 मार्च की डेड लाइन

PRAYAGRAJ: पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा बस से लेकर स्कूल कैंपस तक सुरक्षित रहे। आए दिन स्कूली बसों में हो रही घटनाएं पैरेंट्स के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं। इन्हीं प्रॉब्लम्स को देखते हुए पहले कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्कूल के सभी बसों में सीसीटीवी और जीपीएस लगाना अनिवार्य किया जाय। इसी क्रम में एआरटीओ एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी स्कूलों को नोटिस भेज कर बताया हैं कि 31 मार्च तक बसों में सीसीटीवी व जीपीएस लगा दिया जाय।

60 फीसदी बसों हुआ काम पूरा

हर बस में दो कैमरे लगाना अनिवार्य है। एक कैमरा आगे व दूसरा पीछे की ओर लगाया जा रहा है। आरटीओ में स्कूल वाहन के तौर पर 1600 से अधिक बसें रजिस्टर्ड हैं। इन बसों में सीसीटीवी एवं जीपीएस लगाया जाना है। एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा ने बताया कि करीब 60 परसेंट बसों में सिस्टम इंस्टॉल हो चुका है। जिन बसों में अभी सिस्टम इंस्टॉल नहीं किया गया है। उन सभी को 31 मार्च तक सिस्टम को इंस्टॉल करने का आदेश दे दिया गया है। वहीं एआरटीओ ने बताया कि जिन बसों में सीसीटीवी एवं जीपीएस लगा लिया है, उन बसों की जांच के लिए टीम बनाई जाएगी।

स्कूल में होगा कंट्रोल रूम

एआरटीओ अधिकारी ने बताया कि स्कूलों में ही कंट्रोल रूम होगा, जहां से बसों पर नजर रखा जाएगा। वहीं जीपीएस लगने के बाद इन वाहनों की लोकेशन पर भी नजर होगी। ऐसा होने से स्कूल वाहन चालक ड्राइविंग के समय न फोन पर बात करेंगे और न ही निर्धारित रूट से हटकर दूसरे रूट से वाहनों को ले जाएंगे। अगर वे ऐसा करेंगे तो उनकी यह हरकत कंट्रोल रूम में रिकार्ड हो जाएगी। उसके बाद एक्शन लिया जाएगा।

बसों में यह होना है अनिवार्य

-हेल्पलाइन नंबर अंकित हो

-जीपीएस सिस्टम

-इमरजेंसी दरवाजा

-बस के दोनों ओर खिड़कियों पर लोहे की रेलिंग

-सामने और पीछे रिफलेक्टर

-बस पर ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो

-बस के अंदर अग्निशमन यंत्र और फ‌र्स्ड एड बॉक्स

-स्कूल बस की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा

-छोटे बच्चों को उतारने के लिए परिचालक

-ड्राइवर का लाइसेंस कॉमर्शियल और पांच साल पुराना हो

-जब भी लाइसेंस रिन्यूवल हो उस दौरान ड्राइवर का आपराधिक इतिहास देखा जाएं

-प्रत्येक बस में अटेंडेंट की तैनाती हो

-स्कूल टाइम के अलावा बस नहीं चलेगा

कैसे होंगे कैमरे

-कैमरे पैन, टिल्ट, जूम, सिस्टम

-डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर

-मॉनिटर केबल सुविधा

स्कूली बसों को नोटिस भेज दी गई है। 31 मार्च तक सभी स्कूल बसों में सिस्टम इंस्टॉल करने का आदेश दिया गया है। एक अप्रैल से एडमिनिस्ट्रेशन बिना कैमरे और जीपीएस के चलने वाले बसों के खिलाफ एक्शन लेगी।

-डा। सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रशासन

Posted By: Inextlive
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