जेल से स्पीच लिखकर लाया था अच्युतानंद, माइकल पर था प्रोफेसर का हाथ

Updated Date: Sun, 30 Sep 2018 06:00 AM (IST)

वर्ष 2012 के चुनाव में गूंजा था यूनिवर्सिटी का टाइटल माइकल माइकल

लल्ला चुंगी पर गोलीकांड के बाद से जगजाहिर है सोनू और माइकल की अदावत

vikas.gupta@inext.co.in

ALLAHABAD: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के बीच में चार पूर्व छात्रनेताओं पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद विवि के शिक्षकों एवं आम छात्रों ने राहत की सांस ली है। एसएसपी ने जिन पूर्व छात्रनेताओं पर इनाम घोषित किया है। उनमें पूर्व महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल, अभिषेक सिंह सोनू, अच्युतानंद शुक्ला और आकाश सिंह हैं। विवि के शिक्षकों, छात्रनेताओं और आम छात्रों का मानना है कि एसटीएफ और पुलिस का शिकंजा कसने के बाद छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो सकेगा।

ताराचन्द हास्टल में रहता था

गौरतलब है कि ये चारों पूर्व छात्रनेता छात्रसंघ चुनाव में किसी न किसी प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं। जिसकी वजह से कुछ दिनो से चुनावी माहौल गर्माया हुआ था। विवि में नामांकन के दिन अभिषेक सिंह सोनू और माइकल समर्थक आपस में भिड़ गए थे और दोनो पक्षों में जमकर बमबाजी भी हुई थी। सोनू और माइकल के बीच अदावत वर्ष 2012 में छात्रसंघ चुनाव के दौरान हुई थी। उस समय सोनू ने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। जबकि अभिषेक सिंह माइकल ने जेल से महामंत्री पद के चुनाव में जीत हासिल की थी। कहा जाता है कि चुनाव में उसकी जीत का खाका तैयार करने में विवि के ही एक प्रोफेसर का हाथ भी था। वर्ष 2012 में चुनाव परिणाम अगले दिन सुबह घोषित हुआ था। तब पूरी रात सड़क पर माइकल समर्थकों ने बमबाजी की थी और सड़क पर पूरी रात नारा गूंजा यूनिवर्सिटी का टाईटल माइकल माईकल। इधर, लल्ला चुंगी चौराहे पर आपसी कहासुनी के बाद सोनू को पेट में गोली मारी गई थी। गोली चलाने का आरोप माइकल पर लगा था। इसके बाद से दोनो के बीच रंजिश जगजाहिर है। माइकल ताराचन्द छात्रावास का पूर्व अन्त:वासी तथा लॉ का स्टूडेंट भी रहा है।

कटरा में सिपाही को मारी थी गोली

हाल ही में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी तेज होते ही माइकल उस समय चर्चा में आया, जब उसने विवि में सेंट्रल लाइब्रेरी गेट के पास खड़े चार पूर्व छात्रसंघ के पदाधिकारियों के साथ हाथापाई की और वाइस चांसलर से जुड़े हालिया घटनाक्रम में वीसी का सपोर्ट करते हुए इनके साथ अभद्रता की। माइकल महामंत्री पद के लिए चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी का जुलूस लेकर पहुंचा था। वहीं चुनाव से कुछ माह पहले जेल से छूटे अभिषेक सिंह सोनू उर्फ टाईगर ने शहर में गाडि़यों का काफिला निकालकर सनसनी मचा दी थी। तभी से उसपर खुफिया एजेंसियों और पुलिस के आला अफसरों की निगाह थी।

2017 के चुनाव में सुर्खियों में आया आकाश

उधर, बात अच्युतानंद शुक्ला की करें तो अच्युतानंद पीसीबी हास्टल का पूर्व अन्त:वासी रहा है। उसने भी वर्ष 2012 में उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। उस समय छात्रसंघ भवन की प्राचीर से उसने जो दक्षता भाषण दिया था। उसकी स्पीच वह जेल से एक पर्चे पर लिखकर लाया था। हालांकि, उसे चुनाव में हार मिली। बाद में पढ़ाई पूरी होने के बाद भी उसका पीसीबी में आना जाना लगा रहा। अपराध की दुनिया में तेजी से उभरे इन तीनो नामों में अच्युतानंद उस समय चर्चा में और आ गया, जब उसने कटरा में एक सिपाही को गोली मार दी थी। मौके पर पकड़े जाने के बाद कर्नलगंज थाने की पुलिस ने उसे थाने ले जाकर जमकर पीटा था। उसकी पिटाई की फोटो भी तब काफी चर्चा में आई थी। अच्युतानंद को उसके साथी शेरदिल और काफी दिलेर बताते हैं। वहीं आकाश का नाम वर्ष 2017 में छात्रसंघ चुनाव के दौरान ताराचन्द हास्टल में हुई बसपा नेता की हत्या में आया था।

Posted By: Inextlive
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