इलाहाबाद से लीक हुआ बीटीसी का पेपर!

Updated Date: Sun, 14 Oct 2018 06:00 AM (IST)

टेंडर लेने वाली एजेंसी ने पेपर की सिक्योरिटी को किया इग्नोर

प्रेस के मालिक समेत दो लोग किये गये इलाहाबाद से गिरफ्तार

ALLAHABAD: हर कदम पर चूक हुई थी। विभाग ने टेंडर देने के बाद यह चेक करना जरूरी नहीं समझा कि पेपर को डेस्टिनेशन तक पहुंचाने में सिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखा गया है या नहीं? टेंडर लेने वाली एजेंसी ने यह क्रास चेक ही नहीं किया कि जहां पेपर छापे जा रहे हैं वहां मानक के अनुरूप सिक्योरिटी है या नहीं। पेपर भी इतने सामान्य पैकिंग में भेजे गये कि कोई भी कहीं भी इसे खोलकर फोटो खींच ले और फिर वापस पैक करके रख दे। बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर इन्हीं खामियों के चलते लीक हुआ था। एसटीएफ की इलाहाबाद फील्ड युनिट ने इसी के आधार पर शहर से दो लोगों को गिरफ्तार करके कौशांबी पुलिस को सौंप दिया है। इनका नाम अरविंद भार्गव और आशीष अग्रवाल है।

बता दें कि बीटीसी की चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा आठ अक्टूबर को होनी थी। परीक्षा से एक दिन पहले ही ह्वाट्सएप पर पेपर लीक हो गया था। सभी प्रश्नपत्र लीक हो जाने से सरकार और परीक्षा नियामक प्राधिकारी की बड़ी किरकिरी हुई और पूरी परीक्षा निरस्त कर देनी पड़ी। इसे गंभीरता से लेकर सीएम ने जांच एसटीएफ को सौंप दी थी।

कैसे बरती गयी लापरवाही

पेपर प्रिंटिंग की जिम्मेदारी दीप्ती इंटरप्राइजेज बलरामपुर हाउस को सौंपी गयी थी

इसकी ऑफिशियल ओनर दीप्ती अग्रवाल हैं और पूरा काम उनके पति आशीष अग्रवाल देखते हैं

दीप्ती इंटरप्राइजेज टेंडर लेकर काम प्राइवेट पि्रंटिंग प्रेस से कराता है

बीटीसी 2015 के सेमेस्टर चार का पेपर छापने के लिए दीप्ती इंटरप्राइजेज ने भार्गव प्रेस को सौंपा था

भार्गव प्रेस के मालिक अरविंद भार्गव हैं

भार्गव प्रिंटिंग प्रेस ने पेपर छापने का जिम्मा बाई का बाग और मोहत्सिमगंज में स्थित प्रिंटिंग पे्रसों को सौंप दिया था

कैसे हुई चूक

जिन कम्प्यूटर्स पर ऑफसेट (वेब पेजज) तैयार किया गया वहां कोई भी आसानी से पहुंच सकता था

प्रेस के गेट पर चेकिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी

यहां के कर्मचारी एंड्रायड फोन लेकर आते थे जिससे पेपर का फोटो आसानी से खींचा जा सकता था

प्रिंटिंग काम में इस्तेमाल कम्प्यूटर्स के सीपीयू में यूएसबी पोर्ट पाया गया

इसके चलते किसी भी इसे आसानी से पूरा मैटर अटैच करके मेल या कापी कर सकता था

प्रिंटिंग के बाद प्रश्नपत्रों को भेजवाने का जिम्मा दीप्ती इंटरप्राइजेज का था। उसने बेहद सामान्य लिफाफे में इसकी पैकिंग की

सील्ड पैक न होने से इसे कोई भी किसी भी स्थान पर खोल सकता था और फोटो खींचने के बाद उसे वापस रखकर पैक कर देता

स्पॉट की चेकिंग में दोनो की लापरवाही साफ तौर पर सामने आयी थी। इसी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार करके कौशांबी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई लोकल पुलिस करेगी।

केसी राय

इंस्पेक्टर एसटीएफ, फील्ड युनिट इलाहाबाद

Posted By: Inextlive
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