'विसंगतियों का पिटारा बन गया जीएसटी'

Updated Date: Sat, 16 Jan 2021 12:40 PM (IST)

केंद्रीय आप्रत्यक्ष कर एवं कस्टम विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर को मिलकर जीएसटी में सुधार के लिए दिया ज्ञापन दिया

जीएसटी लागू होने से अब तक 1000 से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं। इस नतीजा यह हुआ है कि अब यह अपने मूल स्वरूप से पूरी तरह से भिन्न हो चुकी है। तमाम नोटिफिकेशनों के माध्यम से जीएसटी में अनेक तरह की विसंगतियां आ गई है। नियम 16(4) नियम 36(4), 12 ए, 86 (बी) बी आदि ने व्यापारियों को मानसिक एवं आíथक रूप से उत्पीड़न करना शुरू कर दिया है। यदि इसमें कोई कमी रह जाती है तो विभाग आने वाले समय में नोटिस ओं के माध्यम से अलग उत्पीड़न करेगा। इसे लेकर शुक्रवार को कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर एवं कस्टम विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर श्री गौरव चंदेल को जीएसटी में व्याप्त विसंगतियों को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित एक विस्तृत पत्र सौंपा।

फिर से होनी चाहिए जीएसटी की समीक्षा

यह भी मांग रखी गई थी जीएसटी के एक बार पुन: समीक्षा की जानी चाहिए। वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 का एसेसमेंट नहीं किया जाए क्योंकि यह वर्ष व्यापारियों के लिए जीएसटी को जानने समझने में निकल गया जिस कारण उससे भूलवश गलतियां हुई है। ई वे बिल में प्रति 24 घंटे 100 किलोमीटर के स्थान पर 200 किलोमीटर किया जाना अत्यंत अतर्क संगत है क्योंकि वर्तमान में कोहरे एवं सड़कों की दशा के कारण नियत समय पर पहुंच पाना ट्रांसपोर्टर के लिए अत्यंत दुष्कर है। ज्ञापन देने वालों में इलाहाबाद कंप्यूटर डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरव गुप्ता, इलाहाबाद मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन गुप्ता, डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल, विभु अग्रवाल, सुभाष पांडे, कैट इलाहाबाद के महामंत्री अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

Posted By: Inextlive
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