134 साल की हुई सेंट्रल यूनिवर्सिटी इलाहाबाद

Updated Date: Thu, 24 Sep 2020 01:48 PM (IST)

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में मना 134वां फाउंडेशन डे, सीनेट हॉल में हुआ आयोजन

- सरस्वती वंदना और यूनिवर्सिटी के कुलगीत से समारोह का आगाज

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी 23 सितम्बर 2020 को 134 साल की हो गई। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के सीनेट हाल में बुधवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आगाज यूनिवर्सिटी के कुलगीत जयतु जय जय विश्वविद्यालय इलाहाबाद की गूंज के साथ हुई। इस दौरान मां सरस्वती को पुष्प अर्पित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद चीफ गेस्ट इविवि के पूर्व छात्र प्रो। योगेन्द्र नारायण ने कहा कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को उसके गौरवशाली इतिहास के दम पर मानचित्र में तो दर्जा मिला है, लेकिन मौजूदा समय में ऑल इंडिया रैंकिंग बहुत नीचे है। इसे ऊपर लाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। तभी यूनिवर्सिटी को पहले पायदान पर जगह बनाने में कामयाबी मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रो। योगेन्द्र नारायण और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ऑनलाइन शामिल हुए थे।

न्यू एजूकेशन पॉलिसी में स्किल डेवलपमेंट पर करें वर्क

चीफ गेस्ट प्रो। योगेन्द्र ने कहा कि न्यू एजूकेशन पालिसी में स्किल डेवलपमेंट पर वर्क करने के साथ ही ट्रेडिशनल नॉलेज को विकसित करने, एजुकेशन कल्चर और आज के विचार को विकसित करने के लिए टास्क फोर्स बनाने की जरूरत है। उन्होंने इविवि में होने वाले कार्यो की प्रगति और उनकी जानकारी के लिए मासिक ई-लेटर निकालने का भी सुझाव दिया, जिससे यहां के रिसर्च के बारे में पूरी दुनियां में लोगों को जानकारी हो सके। संविधानविद् और यूनिवर्सिटी के पुराछात्र सुभाष कश्यप ने कहा कि इन दिनों सत्ता, संपदा, सफलता ही प्रमुख लक्ष्य माना जाता है। इसे किसी भी कीमत पर हासिल करना लोगों का एकमात्र उद्देश्य बन गया है।

1942 में हुई थी फिजिक्स डिपार्टमेंट की स्थापन

यूनिवर्सिटी के फाउंडेशन डे पर प्रोग्राम के दौरान सीनेट हॉल में मौजूद एक अन्य पुराछात्र प्रो। बालकृष्ण अग्रवाल का परिचय कुलपति प्रो। आरआर तिवारी ने स्वयं कराया। इस मौके पर प्रो। बालकृष्ण अग्रवाल ने यूनिवर्सिटी में भौतिकी विज्ञान विभाग के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1924 में प्रो। मेघनाद सहा जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक ने इस विभाग की स्थापना की थी। प्रो। अग्रवाल ने कहा यहां पर जो प्रैक्टिकल होते हैं, वह शायद भारत के किसी लैब में नहीं है। उन्होंने बताया कि भौतिकी विभाग पिछले 20 वर्षो तक सर्वश्रेष्ठ रहा वर्तमान में नैनो फिजिक्स सोलर सेल क्रिस्टल आदि पर भी कार्य हो रहा है।

यूनिवर्सिटी से लगातार जुड़ रहे पुरा छात्र

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो। आरआर तिवारी ने सभी गेस्ट का स्वागत करते हुए कहा यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में कुछ परिवर्तन किए गए हैं। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में पुरा छात्रों को जोड़ने के लिए एक विशेष लिंक दिया गया है। अब छात्रों का जुड़ाव शुरू भी हो गया है। इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों के बारे में भी सभी गेस्ट को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थियों में ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए एक विशिष्ट सुविधा संपन्न स्टूडियो का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में जल्द ही मेडिकल लैब की स्थापना की गई। इस मौके पर रजिस्ट्रार प्रो। एनके शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो। रमेंद्र कुमार सिंह, प्रो। प्रशांत अग्रवाल, लॉ ऑफिसर पीयूष मिश्र आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ। धनंजय चोपड़ा ने किया।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.