शहर के अंदर चल रहे मसाज सेंटर पर लोकल लड़कियों को नहीं मिलता काम

ज्यादातर नॉर्थ ईस्ट स्टेट की लड़कियां इनवाल्व हैं इस काम में

चाइना की लड़कियों के इनवाल्व होने की सूचना पर लखनऊ की स्पेशल ब्रांच टीम पहुंची प्रयागराज

vinay.ksingh@inext.co.in

शहर में चल रहे स्पा और मसाज सेंटर में काम करने वाली लड़कियां का रोल सवालों के घेरे में है। इसलिए भी क्योंकि प्रयागराज में काम करने वाली ज्यादातर लड़कियां नार्थ-ईस्ट स्टेट से बिलांग करती हैं। उन्हें ही यहां काम क्यों मिलता है। इसकी आड़ में चाइना की लड़कियां प्रयागराज पहुंच चुकी हैं? उनका यहां आने का असली मकसद क्या है? यह सब कुछ अब पुलिस जानने की कोशिश में लग गयी है। वह भी लखनऊ की स्पेशल ब्रांच टीम। इस टीम का प्रयागराज में न सिर्फ आगमन हो चुका है बल्कि यह मसाज पार्लर में काम करने वाली लड़कियों के फैमिली मेम्बर्स से डायरेक्ट कांटैक्ट करके डिटेल रही है। इससे मसाज और स्पा सेंटर चलाने वाले सन्नाटे में हैं।

चाइना नाम पर पहुंची टीम

सूत्रों की मानें तो लखनऊ टीम को सूचना मिली थी कि यहां काम करने वाली अधिकांश लड़कियां चाइना की हैं। उनका रोल इस तरह से संदिग्ध है कि वह यहां की इंफारमेशन शेयर कर रही हैं। इसकी पड़ताल के लिए उनकी टीम यहां आ धमकी और सेंटरों पर काम करने वाली लड़कियों का डाटा लिया। ज्यादातर स्पा और मसाज सेंटर में काम करने वाली लड़कियां देखने में नेपाली व चाइनीज लगती हैं। लेकिन, इनमें से अधिकांश नॉर्थ ईस्ट की होती हैं। इनकी सूरत एक जैसी होने के चलते इनको पहचान पाना मुश्किल है। सिटी के अंदर चल रहे कई स्पा और मसाज सेंटर में इन नॉर्थ ईस्ट लड़कियों की आड़ में कुछ चाइना की भी लड़कियां काम रही हैं। बता दें इन स्पा और मसाज सेंटर को लेकर दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट द्वारा भी स्टिंग किया गया था। जिसमें बाहरी लड़कियों द्वारा फुल सुविधा की बात कही गई थी।

नियम और कानून 'गुम'

सिटी के अंदर तकरीबन दो दर्जन से अधिक स्पा और मसाज सेंटर हैं। इनके लिए स्पष्ट नियम-कानून न होने से धड़ल्ले से कारोबार चल रहा है। संचालक लाइसेंस होने का दावा करते हैं। हकीकत में आयुर्वेद विभाग केवल पंचकर्म थेरेपी के लिए सेटर खोलने का लाइसेंस देता है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी का कहना है कि विभाग केवल आयुर्वेदिक थेरेपी के लिए ही लाइसेंस देता है। यह लाइसेंस आयुर्वेद में डिप्लोमा धारक युवतियों के सर्टिफिकेट के आधार पर मिलता है। लाइसेंस का कोई शुल्क नहीं है। केवल ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए यह लाइसेंस लेना जरूरी नहीं है। आयुर्वेद विभाग के मुताबिक शहर में एक या दो सेंटरों को ही लाइसेंस जारी किए गए हैं।

कहां से आती है ग‌र्ल्स

शहर में चलने वाले स्पा और मसाज सेंटर में काम करने वाली लड़कियां नार्थ ईस्ट, कोलकता, मद्रास और असाम की होती हैं। अब चाइना की लड़कियों की होने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर स्पेशल ब्रांच की टीम ने गोपनीय जांच तेज कर दी है। स्पा और मसाज सेंटरों में काम कर रही लड़कियों के पास कोई योग्यता संबंधी सर्टिफिकेट भी नहीं है।

इन नियमों को करना होता है फॉलो

पुलिस के अनुसार स्पा व मसाज सेंटर के एंट्रेस, एग्जिट व रिसेप्शन प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं

30 दिन का डाटा रिकॉर्ड करने को डीवीआर लगाएं

सेंटर पर आने वाले ग्राहक का आईडी प्रूफ, मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड मेंटेन करना मालिक की जिम्मेदारी होगी

विदेशी कर्मचारी के पास हो वर्क वीजा

सेंटर पर काम करने वाले सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी है

काम करने वाली लड़कियों का वेरिफिकेशन मालिक व लोकल पुलिस द्वारा किया जाना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं हो रहा है

इस काम की आड़ में अगर कोई देह व्यापार की गतिविधियां पर लिप्त होता पाया जाता है तो आईपीसी की धारा 3, 4, 5, 6 इममोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट के तहत कार्रवाई होती है। जिसमें 7 साल तक की सजा होती है। महिला के साथ पकड़े गए पुरुष के खिलाफ भी कार्रवाई होती है।

अभिषेक चौहान

हाई कोर्ट अधिवक्ता

क्यों बचती है पुलिस कार्रवाई से

जानकारों के अनुसार स्पा और मसाज सेंटर में कार्रवाई से पुलिस कई कारणों से बचती है। पहला स्पा और मसाज सेंटर में कई हाई प्रोफाइल कस्टमर होने के साथ वह प्रोफेशनल तरीके से काम करते हैं। कई बार पुलिस को मजबूत एविडेंस नहीं मिल पाते हैं। एविडेंस को कोर्ट में मजूबत साक्ष्य के रूप में प्रूफ नहीं करने के चलते केस स्टैंड नहीं कर पाता है। इसके अलावा सेंटर में काम करने वाले और कस्टमर के बालिग होने के चलते कानूनी कार्रवाई भी नहीं कर पाते हैं।

शहर में चल रहे स्पा व मसाज सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। क्योंकि इन जगहों पर काम करने वाले अधिकांश बाहरी होते हैं। अगर कोई टीम यहां आकर जांच की है तो कुछ न कुछ सूचनाएं प्राप्त हुई हाेंगी।

आशुतोष मिश्रा

एसपी क्राइम प्रयागराज

Posted By: Inextlive