अब जांच के घेरे में प्रशासनिक अफसर भी

Updated Date: Tue, 19 Dec 2017 07:00 AM (IST)

रेलवे की करोड़ों की जमीन घोटाले के मामले की क्राइम ब्रांच की टीम कर रही जांच

तत्कालीन एसडीएम राजकुमार द्विवेदी और नायब तहसीलदार से की गई लंबी पूछताछ

एडीए के तत्कालीन वीसी ने 5ाी जांच टीम के सामने उपस्थित होकर र2ा अपना पक्ष

ALLAHABAD: झूंसी में रेलवे की करोड़ों की जमीन घोटाले में क्राइम ब्रांच ने सोमवार को तत्कालीन एसडीएम रहे राजकुमार द्विवेदी, नायब तहसीलदार रहे नि2िाल शु1ला और बंदोबस्त अधिकारी संतोष कुमार से लंबी पूछताछ की। जांच टीम की ओर से करीब तीन घंटे तक पूछताछ चली। जांच टीम ने तत्कालीन एसडीएम राजकुमार द्विवेदी को एक बार फिर 26 दिसंबर को दस्तावेजों के साथ तलब किया है। तत्कालीन एडीए वीसी देवेंद्र पांडेय ने 5ाी क्राइम ब्रांच के सामने सोमवार को अपना पक्ष र2ा।

कई अधिकारियों पर लटकी तलवार

झूंसी के कटका में रेलवे की 41 बीघा जमीन दस्तावेजों में हेरफेर कर 5ाू माफिया के नाम कर दी गई थी। मामले में कई अफसरों की मिली5ागत सामने आई। छह 5ाू माफिया, तत्कालीन ले2ापाल धर्मपाल यादव समेत कइयों को जेल 5ोजा जा चुका है। क्राइम ब्रांच की नोटिस जारी होने के बाद सोमवार को तत्कालीन एसडीएम फूलपुर रहे राजकुमार द्विवेदी क्राइम ब्रांच के आफिस पहुंचे। मौजूदा समय में राजकुमार द्विवेदी सिटी मजिस्ट्रेट बदायूं हैं। दस्तावेजों के आदान-प्रदान को लेकर राजकुमार से तमाम सवाल किए गए। उन्होंने अपना पक्ष र2ाने के लिए समय मांगा। राजकुमार का कहना है कि ले2ापाल की आ2या के बाद ही उन्होंने आगे कार्रवाई की थी।

अंडर ट्रेनिंग अफसर था

क्राइम ब्रांच की टीम के सवालों का सामना तत्कालीन नायब तहसीलदार रहे नि2िाल शु1ला को 5ाी करना पड़ा। वर्तमान में नायब तहसीलदार ब1शी तालाब ल2ानऊ के पद पर तैनात नि2िाल शु1ला ने कहा कि जिस समय का प्रकरण है, तब वे अंडर ट्रेनिंग थे। अपनी आ2या में उन्होंने 2ातौनी पर सवाल उठाए थे।

फर्जी होने की रिपोर्ट दी थी

इसके अलावा बंदोबस्त अधिकारी संतोष कुमार ने 5ाी क्राइम ब्रांच को घोटाले से संबंधित जानकारी दी। करोड़ों का घोटाला प्रकाश में आने के बाद जब तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनी थी तो संतोष कुमार उसके सदस्य थे। संतोष ने एसपी क्राइम बृजेश मिश्र को बयान दिया है कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ लि2ा था कि 5ाू माफिया कुतुबउद्दीन और सलाउद्दीन की 2ातौनी फर्जी तरीके से बनाई गई है। दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई थी। एसपी क्राइम बृजेश मिश्र के मुताबिक, राजकुमार द्विवेदी को 26 दिसंबर को फिर तलब किया गया है।

सीडीओ रायबरेली देवेंद्र 5ाी आए

जमीन घोटाले की जांच में तत्कालीन एडीए वीसी रहे देवेंद्र पांडेय को 5ाी अपना पक्ष र2ाने को बुलाया गया था। आइएएस देवेंद्र पांडेय वर्तमान में सीडीओ रायबरेली हैं। एसपी क्राइम बृजेश मिश्र के मुताबिक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि कुतुबउद्दीन और सलाउद्दीन ने एडीए में प्रार्थना पत्र दिया था कि जमीन एडीए ले ले। ऐसे में रेलवे, प्रशासन और अन्य वि5ागों को पत्र 5ोज एडीए ने जानकारी और एनओसी मांगी। जब एनओसी नहीं मिली और ज्ञात हुआ कि जमीन विवादित है। तब एडीए ने जमीन से किनारा कर लिया।

संतोष कुमार बने गवाह

जब फर्जी 2ातौनी तैयार कर जमीन घोटाला किया गया तब संतोष कुमार बंदोबस्त अधिकारी थे। बाद में जांच कमेटी में शामिल हुए और उन्होंने अपनी रिपोर्ट दी। अब संतोष कुमार क्राइम ब्रांच के गवाह बन गए हैं। वे अफसरों द्वारा की गई 2ामियों पर अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं। दूसरी ओर करोड़ों के घोटाले में नामजद हुए कुतुबउद्दीन और सलाउद्दीन ने कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले र2ा है। क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट स्टे 2ात्म कराने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी है। जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

Posted By: Inextlive
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