राशि अनुसार खरीदारी में ही होशियारी

Updated Date: Sun, 08 May 2016 07:40 AM (IST)

ज्योतिषाचार्य बोले अक्षय तृतीया पर राशि के अनुरूप आभूषण की खरीद बढ़ाएगी आपक वैभव

व्यापारी शुभ मुर्हूत में ही करें अपने व्यवसाय का शुभारंभ

ALLAHABAD: अक्षय तृतीया पर सोने व चांदी के आभूषण खरीदने की परम्परा सालों पुरानी है। इस अवसर पर स्वर्ण आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य भी इसका समर्थन करते हैं। लेकिन ज्योतिष में राशि के अनुसार ही सोने व चांदी के आभूषण खरीदने के लिए कहा गया है। क्योंकि आप अगर अपनी राशि के हिसाब से आभूषण खरीदते हैं तो यह धनधान्य को बढ़ाने वाला साबित होता है और समृद्धि बनी रहती है।

युगादि तिथि है, परेशान न हों

इस अक्षय तृतीया पर शनि, भौम, गुरु के वक्री होने एवं शुक्र, बुध के अस्त होने के के साथ मंगल शनि युति एवं गुरु चाण्डाल योग के कारण कोई विशेष उत्तम फल प्रदान करने वाला मुहूर्त का निर्माण नहीं हो पा रहा है। फिर भी अक्षय तृतीया युगादि तिथि होने के कारण अपने आप में ही सर्वोत्तम फल दायक तिथि होती है। इसीलिए व्यापारी इस दिन व्यापार आरम्भ कर बही खाते का पूजन इत्यादि करते हैं। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वाचली ने बताया कि 9 मई को सोमवार और भगवान परशुराम जयंती का योग अक्षय तृतीया के साथ है। इस महायोग में व्यापार, कृषि कार्य, बीजवपन, नामकरण, अन्नप्राशन, हलप्रवरण, पौधरोपण कार्य किए जाने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिर्विद् पंडित दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि 8 मई को ही रात में 08.23 बजे के बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। यह नौ मई सोमवार को शाम 06.23 बजे तक रहेगी।

उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक पंडित दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार राशि के अनुसार खरीदारी।

मेष राशि - सफेद स्वर्ण एवं पीत स्वर्ण

वृष राशि - सफेद स्वर्ण, चांदी

मिथुन राशि - पीत स्वर्ण

कर्क राशि - स्वर्ण एवं चांदी

सिंह राशि - पीत स्वर्ण, सफेद स्वर्ण, चांदी नहीं

कन्या राशि - केवल पीत स्वर्ण

तुला राशि - सफेद स्वर्ण एवं चांदी

वृश्चिक राशि - पीत स्वर्ण एवं सफेद स्वर्ण

धनु राशि - केवल पीत स्वर्ण

मकर राशि - सफेद स्वर्ण

कुंभ राशि - पीत स्वर्ण

मीन राशि - पीत एवं सफेद स्वर्ण

ऐसी मान्यता है कि सोने के सिक्कों पर माता लक्ष्मी का वास होता है। अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु के परशुराम की जयन्ती होने के कारण यह अति शुभ फल दायक होती है।

पंडित दिवाकर त्रिपाठी पूर्वाचली

निदेशक, उत्थान ज्योतिष संस्थान

व्यापारियों के लिए शुभ महूर्त

सुबह 05.38 से 07.35 के मध्य स्थिर लग्न वृष में व्यापार आदि को प्रारम्भ किया जा सकता है

दोपहर 12.07 से 02.20 तक। द्वितीय स्थिर लग्न सिंह में भी किया जा सकता है

लग्नेश सूर्य के साथ बुध एवं शुक्र के नवम् में होने से अति उत्तम मुहूर्त का निर्माण हो रहा है

Posted By: Inextlive
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