सुख-समृद्धि की कामना में योग की अनुभूति

Updated Date: Wed, 22 Jun 2016 07:40 AM (IST)

योगासन पर बैठा शहर, गांव गांव तक दिखी जागृति

विश्व योगा दिवस पर सभी तबकों ने की बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी

ALLAHABAD: ट्यूजडे को दुनिया ने विश्व योगा दिवस को सेलिब्रेट किया। योग गुरु के नाम से पहचाने जाने वाले भारत में भी योगा दिवस को पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया। इसमें धर्म नगरी के नाम से विख्यात प्रयाग भी पीछे नहीं रहा। पीएम के आह्वान पर प्रयाग में योगा की ऐसी धूम रही कि युवाओं ने भी इसमें खूब दिलचस्पी दिखाई। भोर से ही योग को आत्मसात करने का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह पूरे दिन जारी रहा। लोगों ने इसे अपनी अपनी तरीके से सेलिब्रेट किया। इस दौरान जगह जगह हुए रंगारंग आयोजनों का अद्भुद नजारा भी दिखा।

बजा योग का बिगुल

विश्व योग दिवस पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा एक दर्जन से अधिक स्थानो पर योग सत्रों का आयोजन किया गया। द व‌र्ल्ड बुद्धिस्ट फेलोशिप एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में दलाई लामा बुद्ध विहार राजापुर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। बसेरा एवं आरके सिंह शिक्षा समिति के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में एक मासीय योग शिविर का समापन हो गया। सर्व सहयोग जन कल्याण समिति एवं पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में आठ दिवसीय योग शिविर के तीसरे दिन बलुआघाट बारादरी पर योग का बिगुल बजाया गया। स्नातक बेरोजगार कल्याण समिति की ओर से मनकामेश्वर मंदिर के नीचे यमुना नदी में योगा अभ्यास करवाया गया।

सूर्य नमस्कार ने बिखेरा आकर्षण

नेशनल यूथ रिवोल्यूशनरी फ्रंट की ओर से सिविल लाइंस पत्थर गिरिजा घर में करिये योग रहिये निरोग का संदेश दिया गया। सीनियर सिटीजन कौन्सिल द्वारा नागेश्वर नाथ मंदिर परिसर में योग के विभिन्न रूपों की जानकारी दी गई। श्री मां गंगा निर्मल संरक्षण समिति द्वारा बड़े हनुमान मंदिर बंधवा पर भव्य संगीतमय शिविर लगाया गया। भारत स्वाभिमान न्यास की अगुवाई में नन्द गार्डेन चक निरातुल चौफटका में लोगों ने प्रणायाम एवं व्यायाम का अभ्यास किया। महिला अधिकार संगठन की ओर से अवेयरनेस कैम्प लगाया गया। अखिल भारतीय अग्निशिक्षा मंच ने नैनी कार्यालय में योगाभ्यास करवाया। संवेदना एवं त्रिशला फाउंडेशन की वर्कशाप में सूर्य नमस्कार आकर्षण का केन्द्र रहा।

लोकनृत्यों की धूम

इंडियन डेंटल एसोसिएशन, लायंस क्लब गंगा एवं एंटी करप्शन कमेटी ऑफ इंडिया ने मिलकर ताशकंद मार्ग सिविल लाइंस में जन जन तक संदेश पहुंचाया। प्रयाग संगीत समिति में रेमेडियल योगिक क्रियाएं पुस्तक का विमोचन किया गया। जिसके लेखक डॉ। बीबी अग्रवाल एवं वरिष्ठ फिजियोथेरेपिष्ट डॉ। राकेश चन्द्रा हैं। एनसीजेडसीसी के सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्यों की धूम देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं विश्व योग दिवस आयोजन समिति ने प्रयाग संगीत समिति में स्वास्थ्य मेला लगाया। मध्य वायु कमान मुख्यालय में भी वायु सैनिकों के बीच योग वार्ता हुई।

हर ओर दिखा हर्षोल्लास

पतंजलि योग प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा नेतानगर कीडगंज में योग दिवस को हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। स्वदेशी जागरण मंच, काशी एवं गोरक्ष प्रांत ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के गांधी भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया। भवम योग शोध संस्थान प्रयाग ने सिटी में जगह जगह शिविर लगाए। आर्य समाज मुंडेरा बाजार प्रयाग ने भी वेद मंदिर में गोष्ठी की। संस्था प्रयास की ओर से भारत सेवाश्रम संघ तुलारामबाग में विशेष परिचर्चा हुई। सिविल डिफेंस क्राप्स ने प्रयाग हालिडे लूकरगंज में योग के प्रति समझ विकसित करने पर बल दिया। नेहरु युवा केन्द्र द्वारा क्रिया योग संस्थान झूंसी में कैम्प लगाया गया। वहीं इविंग क्रिश्चियन कॉलेज के वृहद योग शिविर में आमजन के स्वस्थ्य रहने के उपाय बताए गए।

बताए तनाव प्रबंधन के तरीके

उधर, उत्तर मध्य रेलवे के मुख्यालय के अलावा झांसी व आगरा मंडल की योग कार्यशाला में अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट्स ऑफ इंडिया ने तनाव प्रबंधन पर कार्यक्रम किया। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान में विशेषज्ञों ने टेक्नोक्रेट्स को टिप्स बताई। संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न क्रियाओं में प्रतिभाग किया। बेस्ट मेडिकल साल्यूशन मैगजीन के साथ द आर्ट ऑफ लिविंग, द डेंटल आर्ट, तमन्ना पैरामेडिकल, श्री विश्व गंगा आयुर्वेदिक चिकित्सालय, द्वारिका हास्पिटल ने मिलकर विभिन्न कालोनियों में योग शिविर लगाए। जिसमें सौसुम इंटरप्राइजेज, पतंजलि चिकित्सालय, दीक्षित क्लीनिक, ओझा हास्पिटल, अरुणिमा होमियो क्लीनिक भी शामिल रहे।

इन बातों की मिली सीख

योग से मानसिक एवं शारीरिक स्वच्छता मिलती है।

स्वस्थ्य एवं सुखी जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।

नकारात्मक विचारों व उत्तेजना से जूझने का बल मिलता है।

आंतरिक विकास, अंतरमन एवं अंतर उर्जा को विकसित करने का साधन है।

मस्तिष्क, विचार, कर्म एवं संयम में सामंजस्य स्थापित करता है।

शरीर शक्तिशाली एवं लचीला बनता है।

बीमारियों से बचा जा सकता है।

शुरुआत में योग किसी कुशल प्रशिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।

यह साधना भारतीय संस्कृति का निचोड़ है।

संसार व प्रकृति में एकता का बोध कराने का साम‌र्थ्य रखता है।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.