किसानों के 50 कुंतल 'सपने' सड़क पर

Updated Date: Sat, 15 Apr 2017 07:40 AM (IST)

ग्राहक नहीं मिले तो मुंडेरा मंडी आए किसानों ने गेट के सामने फेंक दिए लाखों के टमाटर

मुसम्मी ओर पपीता लेकर आए किसान भी माल सड़क पर फेंक कर जाने को हूए मजबूर

ALLAHABAD: शहर में अवैध मंडियों का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। शुक्रवार को मुंडेरा मंडी में इसका विरोध करते हुए पचास क्विंटल टमाटर बीच सड़क पर फेंक दिया गया। बता दें कि इस बार किसानों को टमाटर के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते भुखमरी की नौबत आ गई है। उधर, अवैध मंडियो में धड़ल्ले से फुटकर के नाम पर थोक का कारोबार किया जा रहा है, जिस पर प्रशासन रोक नहीं लगा रहा है।

नहीं मिले खरीदार, माल हुआ बेकार

मार्केट में टमाटर की कीमत दस रुपए किलो है। जबकि मुंडेरा में तीन रुपए प्रति किलो के खरीदार भी किसानों को नहीं मिल रहे हैं। व्यापारियों को थोक भाव में टमाटर शहर की तमाम अवैध मंडियों में मिल जा रहा है। इससे वे मुंडेरा आने की जहमत नहीं उठाते। सबसे ज्यादा गंगापार के किसानों को दिक्कत हो रही है। वे अपना माल मुंडेरा मंडी में ही बेचने आते हैं। इन किसानों का माल लगातार खराब हो रहा है। ऐसे में उन्होंने शुक्रवार को पचास क्विंटल टमाटर बीच रोड पर फेंक कर अपना विरोध जताया। उन्होंने शासन-प्रशासन से अवैध मंडियों को बंद कराने की भी मांग की है।

मिट्टी में मिल रही मेहनत

किसानों ने जबरदस्त मेहनत कर टमाटर की जोरदार फसल पैदा की। उनको उम्मीद थी कि उनका माल हाथों हाथ बिक जाएगा। लेकिन अवैध मंडियो की मनमानी के आगे उनकी एक नहीं चल रही। बहरिया के किसान केके पटेल, गिरांव के संजय कुमार, सरांय किरांव सुल्तान गांव के मलखान सिंह, अरविंद, राकेश, रमेश और मऊआइमा के धर्मेद्र और कृष्ण कुमार शुक्रवार को पचास क्विंटल टमाटर लेकर मुंडेरा मंडी पहुंचे थे। खरीदार नहीं मिलने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मेन गेट के बाहर टमाटर फेंक दिया। उनका कहना था कि शहर में कई खुली मंडियां संचालित हो रही हैं, जिनमें अवैध तरीके से थोक कारोबार चल रहा है। ऐसे में मुंडेरा मंडी आने वाले किसानों को निराश होना पड़ रहा है।

कूड़े के ढेर में सड़ रहे फल

सब्जी मंडी के साथ मुंडेरा फल मंडी के हालात भी अच्छे नहीं हैं। यहां शुक्रवार को खरीदार नहीं मिलने से किसानों ने चार टन मुसम्मी और कई ट्रक पपीते कूड़े के ढेर में फेंक दिए। किसानों का कहना है कि खरीदार नहीं मिलने से फल खराब हो रहे हैं। इसके अलावा अनानास के व्यापारी भी नहीं मिल रहे हैं। छोटे व्यापारियों की मांग अवैध फल मंडियो से पूरी हो रही है। उनका कहना है कि मंडी सचिव से शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हो रही है।

राज्य सरकार ने कई क्षेत्रों में सख्ती का परिचय दिया है। हमारी मांग है कि शहर की अवैध मंडियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिससे मुंडेरा मंडी में आने वाले किसानों को निराश होने से बचाया जा सके।

बच्चा यादव, महामंत्री, मुंडेरा फल सब्जी व्यापार मंडल

Posted By: Inextlive
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