मार्केट में शॉप पर बढ़े रेट डिमांड के अनुसार नहीं मिल पा रहे झंडे दुकानदारों को भी दिल्ली से नहीं मिल पा तिरंगा की आपूर्ति

बरेली (ब्यूरो)। आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराने की मुहिम का असर अब शहर में दिखने भी लगा है। शहर की मार्केट में हर घर तिरंगा फहराने की ऐसी धूम मची है कि मार्केट में राष्ट्र ध्वज लोगों को उपलब्ध भी नहीं हो पा रहा है। वहीं मार्केट में दुकानदारों की माने तो डिमांड के अनुसार तिरंगा मिल ही नहीं पा रहा है जिस कारण कस्टमर्स को वापस करना पड़ रहा है। हालांकि इसके लिए वह काफी पहले से आर्डर भी दे चुके थे लेकिन इस बार सप्लाई ही नहीं मिल पा रही है। जिस कारण मुश्किल हो रही है।

मार्केट में बढ़ रेट
लोग 100, 500, 5000 से लेकर 10000 झंडे खरीदने आ रहे हैं। लेकिन, दुकानदारों को मना करने के अलावा अब कोई चारा नहीं है। अब बाजार में झंडों की बुङ्क्षकग ही बंद कर दी है। झंडा बनाकर और दिल्ली से तैयार झंडे बेचने वाले भी अब आर्डर पूरे करने के लिए हाथ खड़े करने लगे हैं.फोन पर दिल्ली से जवाब मिल रहा है कि भाईसाहब झंडे लेने मत आना। हमारे पास माल नहीं है। जिससे दुकानदारों को निरंतर अपनी दुकानदारी चलाने को एक से पांच झंडे तक ही उपलब्ध करा पा रहे हैं.मार्केट में करीब दर्जन भर से अधिक शॉप पर तो बड़ा बाजार में ही तिरंगा मिल रहा है। लेकिन वहां पर थोक में लेने आने वालों को तिरंगा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। दुकानदार तिरंगा कम पडऩे से खुद खुद भी निराश हैं और ग्राहकों को भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। दिल्ली से तिरंगा महंगा होने के कारण स्थानीय स्तर पर दाम में वृद्धि हो गई है।
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गांधी आश्रम पर तिरंगा की बढ़ी मांग
गांधी आश्रम पर पिछले सालों की परीक्षा खरीददारी कई गुना बढ़ी है। खादी भंडार पर व्यवस्थापक की माने तो पिछले वर्षो जितने तिरंगा सात दिन में बेंच पाते थे उतने तो एक दिन में ही बिक रहे हैं। इससे खादी भंडार को तो लाभ है ही,्र लेकिन डिमांड अधिक होने से पूरी करना भी मुश्किल है। इन दिनों 50 से 60 राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री हो रही है। खादी का राष्ट्रीय ध्वज अच्छी गुणवत्ता में होने के कारण महंगा है। इस कारण बाजार से कम बिक्री है। लेकिन, पिछले सालों से अधिक बिक्री होने से आपूर्ति की मांग बढ़ाकर भेजी है। कर्नाटक के हुबली, महाराष्ट्र के नादेड़, मध्य भारत खादी संघ ग्वालियर से तिरंगा आ रहा है। दोहरे धागे का तिरंगा गुणवत्ता में अच्छा होने के कारण इकहरे धागे से महंगा है।
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गांधी आश्रम पर उपलब्ध तिरंगा
नाप कीमत
75 गुणा 45 225
90 गुणा 60 600
135 गुणा 90 1000
180 गुणा 120 1500
नोट-साइज सेंटीमीटर में है।
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बाजार में तिरंगा की कीमत

नाप कीमत
20 गुणा 30 40-50
30 गुणा 45 120-150
40 गुणा 60 200-250
नोट- कीमत सेंटीमीटर में है।
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दिल्ली से ही माल नहीं मिल रहा है। शुरुआत में 100 से 2000 तक की बुङ्क्षकग थी। एक दो की ही बुङ्क्षकग दे पाए। लेकिन, दिल्ली से माल पूरा नहीं मिलने के कारण ग्राहकों को मना करना पड़ रहा है।
मो। नाजिम, तिरंगा कारोबारी
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पिछले सालों की अपेक्षा तिरंगा की मांग बढ़ी है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस से आठ दिन पहले मात्र चार से पांच तिरंगा ही बिकते थे। इस बार 50 से 60 तिरंगा एक दिन में बिक रहे हैं।
पूर्ण देव तिवारी, व्यवस्थापक, गांधी आश्रम, नॉवल्टी चौराहा

Posted By: Inextlive