शहर के स्कूल-कॉलेजों के सामने खुलेआम बिक रहे तंबाकू उत्पादनाबालिग बच्चे भी हो रहे नशे का शिकार।


बरेली( ब्यूरो )। प्रदेश में लगभग 35.5 परसेंट लोग कोई न कोई नशा करते हैं। जिसकी वजह से आए दिन घटनाएं सामने आ रहीं हैं। ऐसे में अगर बात की जाए स्कूल या कॉलेज के बच्चों की तो इनमें नाबालिग बच्चे भी नशे का शिकार हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि स्कूलों के पास ही तंबाकू उत्पाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं। स्कूल से छूटने के बाद बच्चे इन्हीं स्टॉल पर आकर सिगरेट या तंबाकू का नशा करते हैं। शहर में ज्यादातर स्कूलों के आस-पास यह नशे का व्यापार फल- फूल रहा है। जबकि स्कूलों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए बाकायदा कमेटी बनी है। इसके बावजूद बेखौफ होकर तंबाकू उत्पाद स्कूल-कॉलेज के आसपास बेचे जा रहे हैं।

शहर के स्कूल-कॉलेजों के सामने खुलेआम बिक रहे तंबाकू उत्पाद,
नाबालिग बच्चे भी हो रहे नशे का शिकार।
मनोहर भूषण इंटर कॉलेज
नैनीताल रोड पर स्थित मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के गेट पास ही खुलेआम नशे का सामान बेचा जा रहा है। कॉलेज की छुट्टी के बाद इन दुकानों पर स्टूडेंट्स की भीड़ नजर आती है।


सीन-2
गुलाबराय इंटर कॉलेज
कॉलेज गेट के पास टी स्टॉल पर पान मसाला व सिगरेट खुले में बेच रहे हैं। जबकि स्टॉल के सामने ही हॉस्पिटल भी है। ऐसी जगह पर किसी भी तरह का कोई भी नशे की चीजें बेचने वाले स्टॉल नहीं होना चाहिए।

सीन -3
मौलाना आजाद इंटर कॉलेज
श्यामगंज के फल मार्केट के आगे शहर का बहुत पुराना कॉलेज है। यहां पर पास ही स्टाल लगा रखा है। ऐसे में वहां पर अदर लोग कॉलेज के सामने खड़े होकर सिगरेट का नशा करते हैं। इसके बावजूद भी इस पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई।

सीन-4
इस्लामिया इंटर कॉलेज
कॉलेज के साइड में स्टाल लगाकर यहां भी नशे का व्यापार किया जा रहा है। जिसकी वजह से बच्चों पर गलत असर तो पढ़ेगा ही साथ ही उनका भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है। इसके बावजूद भी कोई एक्शन नहीं हो पाया।

क्या है मानक
स्टूडेंट्स को नशे की लत से दूर रखने के लिए स्कूल-कॉलेज से 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके शहर में स्कूल-कॉलेजेज के गेट के पास ही खोखे और दुकानों में तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं।

शौैक बना रहा लाचार
स्कूली बच्चों में नशे की लत उनके भविष्य को बर्बाद कर रही है। ऐसे में बच्चों को नशे से बचाना जरुरी हो गया है। लेकिन कहीं न कहीं बच्चें फ्रेंड सर्कल की वजह से अपने भविष्य को दाव पर लगा रहें हैं। हम उम्र बच्चों के साथ आने के बाद नशा करते हैं। इसकी सबसे बड़ा कारण स्कूल के सामने लगे स्टॉल भी हैैं। जिससे नशा करने की चीजें असानी से मिल जाती हैंं। जो बच्चों को नशे का आधी बना रहीं हैं।

हर वर्ष लाखों लोग हो रहे नशे का शिकार
देश में लगभग प्रत्येक साल 13 लाख लोगों की मौत सिर्फ नशे की वजह से हो रही है। इसके बावजूद लोग नशा करने से बाज नही आ रहे हैं। बड़े तो बड़े बच्चों में नशा का खुमार सिर चढ़ कर बोल रहा है। जिसकी वजह से वह अपनी लाइफ को खुद डेंजर में डाल रहे हैं। अगर पूरे प्रदेश का देखा जाए तो लगभग 35.5 परसेंट लोग किसी न किसी प्रकार का नशा करते हैं। इनमें यूथ की संख्या ज्यादा देखने को मिली है।

धूम्रपान है मीठा जहर
युवा पीढ़ी दूसरों को देखकर धूम्रपान की दलदल में फसता जा रहा है। उसे यह नहीं पता कि धूम्रपान करना उसकी सेहत के लिए मीठा जहर है। जो उसके भविष्य को बर्बाद कर रही है। साइलेंट किलर की तरह अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचा रहा है। जिसकी वजह से फेफड़ों का कैंसर होने का भी डर रहता है। इसके बावजूद भी युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि नाबलिग भी नशा करने में पीछे नहीं हैं।


धूम्रपान से होने वाले नुकसान
-फेफड़े, मुंह, पेट का कैंसर
-दांतों की बीमारी और मसूड़ों का संक्रमण
-रक्तचाप का बढऩा
-टीबी रोग होना
-प्रजनन क्षमता कम होना
-सोचने समझने की क्षमता का कम होना
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वर्जन
शहर में हर फ्राइडे को अभियान चलाया जाता है। जिसमें इस तरह के स्टॉल चलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाती है। इनका कोई भी लाइसेंस नहीं है। बिना लाइसेंस के यह स्टाल चलाते हैं।
पीएस आनन्द, अपर शोध अधिकारी एवं नोडल तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम

Posted By: Inextlive