Bareilly: बरेली रूट पर करीब 2 सालों से इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने की कवायद चल रही है. लेकिन अब तक लोगों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने का मुबारक मौका नहीं मिल सका है. मुरादाबाद से लखनऊ तक इलेक्ट्रिक वायर बिछा दिए गए हैं. इसे ध्यान में रखते हुए 2 अक्टूबर तक मुरादाबाद से रोजा तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की योजना थी. पर हालिया जानकारी यह है कि 2 अक्टूबर को भी इस रूट पर ट्रेन नहीं चलाई जा सकेगी. वजह वही जो काफी पहले से सामने आ रही है. अब तक इलेक्ट्रिक वायर के मैंटेनेंस के लिए आठ व्हीलर टावर वैगन नहीं आ सका है. मजे की बात तो यह है कि इलेक्ट्रिक रूट पर अब तक कई रेलवे ऑफिसर्स ने दौरा कर लिया. लेकिन मुख्य संरक्षा आयुक्त नहीं आए. मुख्य संरक्षा आयुक्त के ट्रैक निरीक्षण के बिना इस रूट पर ट्रेन नहीं चलाई जा सकती है.


एक बार फिर हुआ निरीक्षणसैटरडे को भी ट्रैक के निरीक्षण का काम हुआ। मुरादाबाद से रेलवे के सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर पीके श्रीवास्तव बरेली आए। जहां से इंजीनियर अन्य ऑफिसर्स के साथ पुश ट्रॉली से परसाखेड़ा तक गए। रेलकर्मी और नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के सेक्रेटरी गोविंद सिंह चौहान ने बताया कि इंजीनियर मुरादाबाद से इलेक्ट्रिक रूट का निरीक्षण करने आए थे। इनसे पहले भी डीआरएम मुरादाबाद, एडीआरएम, जीएम और एग्जीक्यूटीव डायरेक्टर पब्लिक कंप्लेंट निरीक्षण पर आ चुके हैं।  लेटलतीफी पर जवाब नहीं
रेलवे सोर्सेज की मानें तो मुख्य संरक्षा आयुक्त ने मुरादाबाद मंडल को अब तक ट्रैक निरीक्षण का अपना प्रोग्राम ही नहीं भेजा है। ऐसे में उनके आने के आसार पर अब भी प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। मुख्य संरक्षा आयुक्त अगर तेजी भी दिखाते हैं और 7 अक्टूबर तक पूरे ट्रैक का निरीक्षण कर लें तो भी उनकी रिपोर्ट आने में एक हफ्ते का समय लग जाएगा। ऐसे में किसी भी हालत में 20 अक्टूबर से पहले इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने की संभावना नजर नहीं आ रही है.  इस लेटलतीफी पर जब मुरादाबाद मंडल के एडीआरएम एके सिंघल से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया।

Posted By: Inextlive