सूदखोरों ने जबरन कराया बैनामा, अब धमका रहे

Updated Date: Tue, 02 Mar 2021 01:40 PM (IST)

- ब्याज पर लिए रुपये नहीं चुका पाने पर सूदखोरों ने धोखे से कराया बैनामा, मांग रहे 15 लाख रुपये

- महिला ने एसएसपी से की शिकायत, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवाया था मकान

बरेली। बुरे वक्त में जरूरतें पूरी करने पर सूदखोर से रुपए उधार लेना एक महिला और उसके परिवार को भारी पड़ गया। रुपये न चुका पाने पर सूदखोर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवाए गए उसके एक मकान का जबरन बैनामा कर लिया और अब दूसरे मकान को कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर दबंग सूदखोर उसे धमकाते हैं। साथ ही मामला निपटाने के लिए लाखों रुपये की मांग भी की। धमकियों और मांग से परेशान होकर पीडि़त महिला ने मंडे को मामले की शिकायत एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से की। मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने थाना पुलिस को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सूदखोर से रुपये लेने का किया था विरोध

बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला गोसाईं गौटिया निवासी विट्टो देवी दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले बेटे ने इलाके के ही रहने वाले एक सूदखोर से करीब तीन रुपये उधार लिए थे। सूदखोर ने उससे मकान के कागज ले लिए थे साथ ही एक ब्लैंक स्टांप पेपर पर साइन भी कराए थे। उनके मुताबिक उन्होंने सूदखोर से उधार लेने पर बेटे का विरोध भी किया था, लेकिन वह नहीं माना। अब सूदखोर उन्हें लगातार परेशान कर रहा है।

एक मकान पर कब्जा, दूसरे पर नजर

विट्टो देवी ने बताया कि उनका मकान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवाया था। जिस पर योजना का शिलापट भी लगा है। उनके मुताबिक रुपये न चुका पाने पर सूदखोर ने बेटे को जबरन कचहरी ले जाकर पिछले वर्ष 17 दिसंबर को मकान का बैनामा करा लिया। अब वह उनके दूसरे मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। वहीं मामला निपटाने के लिए मूल रकम पर बढ़ा-चढ़ा कर ब्याज लगाकर 15 लाख रुपये की मांग कर रहा है। आरोप लगाया कि विरोध करने पर सूदखोर अपने दबंग साथियों के साथ 22 फरवरी को उनके घर में घुस आया था और रुपये या मकान न देने पर जान से मारने की भी धमकी दी।

आईजी ने चलवाया था अभियान

विट्टो देवी ने बताया कि इलाके के कई लोग इस सूदखोर से पीडि़त हैं। कई लोगों के मकान के कागजात सूदखोर के पास हैं। सूदखोरों को लेकर आईजी राजेश कुमार पांडेय ने रेंज में एक अभियान भी चलाया था। जिसके तहत नॉन रजिस्टर्ड सूदखोरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बावजूद इसके सूदखोर के आतंक से लोग परेशान हैं।

Posted By: Inextlive
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