एक फायर एक्सटिंग्विशर के भरोसे चाइल्ड वार्ड

Updated Date: Sun, 10 Jan 2021 01:42 PM (IST)

- 23 बेड के हैं चाइल्ड वार्ड, मेल हॉस्टिपल में मिले 20 फायर एक्सटिंग्विशर

- हॉस्पिटल में नहीं है पाइप लाइन, आग लगी तो बुलानी पड़ेगी फायर बिग्रेड

बरेली : महाराष्ट्र के भंडारा के अस्पताल में आग लगने से 10 नौनिहालों की मौत हो गई। सवाल यह है कि अगर यहां के जिला अस्पताल की बात करें तो यहां भी मुंबई जैसे हालात बन सकते हैं। वजह यह है कि यहां विभागीय उदासीनता के चलते समय से न तो फायर उपकरणों निरीक्षण किया जाता है और न ही वार्डो में पर्याप्त संख्या में फायर सिलिंडर हैं। ऐसे में यदि यहां आग लगने की घटना होती है तो हालात गंभीर हो सकते हैं।

बच्चा वार्ड में बिगड़ सकते हैं हालात

जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में वर्तमान में तीन बच्चे ही एडमिट हैं लेकिन यहां बच्चों के लिए 23 बेड आरक्षित हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यहां आग से निपटने के लिए महज एक फायर सिलिंडर ही लगा हुआ है। हैरत की बात तो यह है कि इसको हर साल के अंत में रिफिल कराया जाता है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो बड़ी जनहानि हो सकती है।

महिला अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक चौबंद

जिला अस्पताल में जहां वार्ड में एक-एक फायर सिलिंडर लगा है वहीं महिला अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम चौक चौंबद हैं, महिला अस्पताल में करीब 96 फायर सिलिंडर मौजूद हैं, हर वार्ड में आग से निपटने के लिए वाटर पाइप लगे हुए हैं। वहीं वार्ड में दो फायर सिलिंडर भी लगे हुए हैं। जो कि समय-समय पर रिफिल भी कराए जा रहे हैं।

डेली भर्ती हो रहे सैंकड़ों मरीज

कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद जिला अस्पताल में जहां ओपीडी बढ़ी है वहीं सैंकड़ों की संख्या में पेशेंट्स एडमिट भी हो रहे हैं, लेकिन हैरत की बात तो यह है कि यहां आग से निपटने के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। यहां हर वार्ड में सिर्फ एक फायर सिलिंडर ही लगा हुआ है। इमरजेंसी वार्ड के अलावा कहीं भी रेत भरी बाल्टी भी मौजूद नहीं हैं।

हादसे की खबर के बाद अस्पताल में लगे फायर उपकरणों का निरीक्षण किया गया है, वहीं नये उपकरण मंगाने का भी आदेश दिया है। हॉस्पिटल मैनेजर को कहा गया है कि समय पर सिलिंडर को रिफिल कराया जाए।

डॉ। सुबोध शर्मा, एडीएसआईसी

अस्पताल में आग से निपटने के पूरे इंतजाम हैं, करीब 96 फायर सिलिंडर के साथ ही वार्ड में वाटर लाइन भी डाली गई है, वहीं सिलिंडर को हाल ही में रिफिल भी किया गया है।

डॉ। अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल

Posted By: Inextlive
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