हॉटस्पॉट में डॉक्टर अंदर, बाहर से लौटे मरीज

2020-05-29T14:30:04Z

-रामपुर गार्डन को हॉटस्पॉट बनाए जाने के चलते मरीजों को हुई दिक्कत

-सिर्फ पहले से भर्ती मरीजों व सीरियस पेशेंट को ही मिली अंदर एंट्री

बरेली-रामपुर गार्डन को हॉटस्पॉट बनाकर सील कर दिया है लेकिन इससे मरीजों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। थर्सडे सुबह से ही एंट्री प्वाइंट पर लगे बैरियर पर मरीजों व तीमारदारों का आना जारी रहा। किसी ने पुलिसकर्मियों ने रिक्वेस्ट कर अंदर जाने का प्रयास किया तो किसी ने बहस भी की लेकिन सिर्फ सीरियस पेशेंट को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। हालांकि यहां पूरे दिन चहल-पहल देखी गई। बैरियर पर एंट्री न मिलने से कई लोग अन्य रास्तों पर लगी पिकेट पर पहुंच गए लेकिन उन्हें यहां भी एंट्री नहीं मिल सकी।

सैकड़ों मरीज आते हैं

रामपुर गार्डन के रेडियोलॉजिस्ट के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से इसे हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया। रामपुर गार्डन को मेडिकल हब कहा जाता है, क्योंकि पूरे इलाके में कई बड़े-बड़े हॉस्पिटल हैं और कई डॉक्टर रहते भी हैं। इसके अलावा कई कोचिंग सहित कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस भी हैं। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में एक डॉक्टर के पॉजिटिव आने के बाद सैकड़ों मरीजों के लिए मुसीबत हो गई है। डॉक्टर के पॉजिटिव होने से डॉक्टर के संपर्क में आने वाले अन्य डॉक्टर व मरीजों में भी कोरोना का खतरा मंडराने लगा है।

सिर्फ हो रही होम डिलीवरी

रामपुर गार्डन को दोपहर बाद बल्लियां लगाकर सील किया गया था। जिसके चलते पहले दिन सिर्फ शाम को आने वाले मरीजों को ही दिक्कत हुई। हेल्थ डिपार्टमेंट ने हॉटस्पॉट में ओपीडी चलाने पर रोक लगा दी थी लेकिन इमरजेंसी में मरीजों को देखने और पहले से भर्ती मरीजों को देखने की अनुमति दे दी थी। इसके अलावा यहां के सभी मेडिकल स्टोर को भी बंद करने का आदेश दिया गया था। दवाइयां सिर्फ होम डिलीवरी ही की जा रही हैं। फल, सब्जी और दूध की भी होम डिलीवरी की जा रही है। इस एरिया में कई डेयरी भी हैं, जिनके लोगों को भी बार-बार अंदर बाहर जाने पर रोक लगाई गई है।

मरीजों की संख्या ज्यादा

थर्सडे सुबह से ही रामपुर गार्डन में आने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे ज्यादा यहां पर डॉक्टर या फिर मरीज आ रहे थे। बैरियर पर तैनात पुलिस सभी लोगों को वापस भेज रही थी। सिर्फ सीरियस पेशेंट को ही अंदर जाने दे रही थी। इसके अलावा किसी का इलाज पहले से चल रहा था, तो उसके तीमरदारों को ही जाने दिया जा रहा था। डॉक्टर व हॉस्पिटल स्टॉफ को भी आईडी कार्ड दिखाने के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। यही वजह थी कि एंट्री प्वाइंट पर लेागों की भीड़ लग जा रही थी। यहां तक कि प्रभा टॉकिज के सामने मेन रोड पर जाम की स्थिति बन रही थी।

प्लीज जाने दो न

बैरियर प्वाइंट पर एक के बाद एक मरीज इलाज के लिए आ रहे थे। हर कोई पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट कर रहा था कि प्लीज अंदर जाने दो। कोई पर्चा दिखा रहा था तो कोई दवा लेकिन सिर्फ सीरियस पेशेंट को ही पुलिस ने अंदर जाने दिया। एक महिला काफी देर तक पुलिस से अपने साथ लाए पेशेंट को अंदर ले जाने की जिद करती रही। पुलिस ने उसे समझाया कि बाहर किसी डॉक्टर को दिखा ले तो उसने कहा कि उसे यहीं दिखाना है। इसी तरह से कुछ लोग पुलिस से बहस भी करते नजर आए लेकिन सिर्फ इमरजेंसी वालों को ही जाने दिया गया।

बैंक को बंद कराया

हॉटस्पॉट में बैंक व इंश्योरेंस के ऑफिस भी ओपन हो गए। बैरियर पर लगे पुलिसकर्मी भी लोगों को अंदर जाने के लिए एंट्री देने लगे। जब इस बारे में एसएचओ कोतवाली गीतेश कपिल को पता चला तो वह तुरंत बैरियर पर पहुंचे और सबसे पहले बैंक और इश्योंरेंस के ऑफिस को बंद कराया। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए कि सिर्फ मरीज और डॉक्टर को ही अंदर जाने दें। यही नहीं हॉटस्पॉट एरिया में कंस्ट्रक्शन वर्क भी हो रहा था, जब पुलिस को पता चला तो बंद करा दिया गया।

Posted By: Inextlive

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