- शिव मंदिरों में सुबह से ही लगी रही लंबी लाइन, लगे मेले

- शाम तक भक्तों ने किया बाबा का पूजन, कई जगह लगाए भंडारे

शिव मंदिरों में सुबह से ही लगी रही लंबी लाइन, लगे मेले

- शाम तक भक्तों ने किया बाबा का पूजन, कई जगह लगाए भंडारे

BAREILLY:

BAREILLY:

सावन के चौथे सोमवार को नाथ नगरी भोले के जयकारों से गूंज उठी। ओंकार के जय-जयकार से नाथ नगरी भक्तिमय हो उठा। सड़कों पर केसरिया सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात को ही मंदिरों में घंटे घडि़याल बजने लगे। मंदिरों में भोलेनाथ का पूजन, रुद्राभिषेक हुआ। इसके बाद कांवडि़यों ने नाथ मंदिरों में जलाभिषेक शुरू कर दिया। भोर होते-होते श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों को उमड़ने लगी। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की। नाथ मंदिरों में विशेष पूजन हुआ। कई स्थानों पर प्रदोष पूजन भी किया गया। मंदिरों में दोपहर बाद तक जल चढ़ाने वालों का तांता लगा रहा। कई जगह भंडारे लगाए गए और शाम को महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। मंदिरों के अलावा चौराहों और रास्तों में भी पुलिस के जवान तैनात रहे।

धोपेश्वर नाथ मंदिर

आधी रात के बाद ही धोपेश्वर नाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। सबसे पहले वहां इंतजार में खड़े कांवडि़यों ने भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाया। उनके बाद स्थानीय लोगों ने भगवान का जलाभिषेक किया। मंदिर के बाहर गेट तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। आचार्य धनश्याम शास्त्री ने भक्तों को पूजन कराया।

अलखनाथ मंदिर

मंदिर में देर रात तक कांवडि़यों की कई टोलियां पहुंच चुकी थी। तड़के करीब ढाई बजे मंदिर में भगवान शिव का पूजन प्रारंभ हुआ। इसके बाद कांवडि़यों ने भगवान का जलाभिषेक किया। धीरे-धीरे भक्तों की संख्या मंदिर में बढ़ती चली गई। श्रद्धालुओं की लाइन मंदिर गेट के बाहर रेलवे लाइन तक लग गई। लोगों के साथ कांवडि़यों ने बाबा को जल चढ़ाया। बाबा कालु गिरि अपने शिष्यों के साथ व्यवस्था में लगे रहे।

मढ़ीनाथ मंदिर

सुबह करीब चार बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल गए। चौथा सोमवार होने के कारण तड़के से ही भक्तों की टोली मंदिर पहुंचने लगी। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। नाथ मंदिरों में शामिल इस मंदिर में भी सैकड़ों कांवडि़यों ने भगवान का रुद्राभिषेक किया। दोपहर तक भक्तों ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

तपेश्वर नाथ मंदिर

स्थानीय लोगों के अलावा हजारों की तादात में कांवडि़यों ने बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। रात को ही कांवडि़यों की कई जत्थे मंदिर पहुंच गए थे। आधी रात के बाद से ही मंदिर भक्तों के लिए खोल दिए गए। भगवान शंकर का श्रृंगार करने के बाद भक्तों ने जल चढ़ाना शुरू कर दिया। दोपहर तक मंदिर में भीड़ लगी रही।

त्रिवटी नाथ मंदिर

सुबह करीब तीन बजे ही मंदिर में भगवान शिव का पूजन शुरू हो गया। यूं तो रात से ही कई जत्थे मंदिर पहुंच गए थे। पूजन के बाद उन्होंने बाबा का जलाभिषेक शुरू किया। बाद में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भोलेनाथ को जल चढ़ाया। भक्तों को दर्शन कराने के लिए मंदिर प्रबंध कमेटी ने विशेष इंतजाम किए हुए थे। भगवान को बिल्व पत्र, धतूरा, दूध, पुष्प, भांग आदि चढ़ाया।

वनखंडी नाथ मंदिर

सुबह करीब तीन बजे मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद भक्तों ने भगवान का जलाभिषेक किया। रात से ही खड़े कांवडि़यों ने मंदिर में भगवान को जल चढ़ाया। फिर भक्तों का आना शुरू हो गया। दिन निकलते ही तमाम श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए। भक्तों ने अपने आराध्य देव को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महंत कुबरा नंद और कमेटी की देखरेख में हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

पशुपतिनाथ मंदिर

पीलीभीत बाईपास रोड किनारे स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में तड़के चार बजे से भक्तों का आना शुरू हुआ। सर्वप्रथम भगवान भोलेनाथ का पूजन के साथ जलाभिषेक किया गया। उसके बाद कांवडि़यों के जत्थे भी जल चढ़ाने पहुंचे। धीरे-धीरे भक्तों की भीड़ मंदिर में बढ़ती गई। दोपहर तक कई लोगों ने बाबा के दर्शन कर उन्हें जल अर्पित किया। शाम तक कांवडि़ये जल चढ़ाने को आते रहे।

Posted By: Inextlive