कैफे संचालकों की लापरवाही कैंडिडेट्स पर पड़ रही भारी

Updated Date: Wed, 26 Aug 2020 02:28 PM (IST)

- कोरोना संक्रमण के चलते कैफे संचालक शॉप के अंदर कैंडिडेट्स को नहीं दे रहे एंट्री

- खुद ही कर रहे फार्म फिल, पि्रंट देखने पर कैंडिडेटस को होती है जानकारी

बरेली: ऑनलाइन फार्म फिल करने में कैफे वालों की लापरवाही स्टूडेंट्स पर भारी पड़ रही है। दरअसल, कैफे संचालक कोरोना काल का खौफ दिखाकर कैंडिडेट्स को शॉप के अंदर एंट्री नहीं दे रहे है ऐसे में वह रजिस्ट्रेशन करने के लिए कैंडिडेट्स से पेपर्स लेने के बाद खुद ही रजिस्ट्रेशन कर फाइनल प्रिंट कैंडिडेट्स को थमा दे रहे हैं। अब फाइनल प्रिंट जब कैंडिडेट्स चेक करते हैं तो उसमें कोई छोटी सी भी गलती निकलने पर स्टूडेंट्स के लिए भारी पड़ रहा है। इन छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने के लिए ही कैंडिडेट्स मजबूर होकर कॉलेज तक पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें वहां पर भी समाधान मिलना मुश्किल हो रहा है। जिससे सिर्फ कैंडिडेट्स को प्रॉब्लम फेस करनी पड़ रही है।

चेक न करने से प्रॉब्लम

दरअसल, कोरोना काल के चलते एमजेपीआरयू के साथ सभी महाविद्यालयों ने यूजी में रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन सुविधा दी है। अब ऐसे में सभी कैंडिडेट्स रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कैफे का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इसमें कैफे वालों के साथ कैंडिडेट्स की भी थोड़ी सी चूक भारी पड़ रही है। कई ऐसे कैंडिडेट्स अपनी समस्याओं को लेकर महाविद्यालय भी पहुंच रहे हैं। जिसमें कैफे और कैंडिडेट्स की गलती से कैफे संचालक ने कैंडिडेट्स को सीबीएसई की जगह यूपी बोर्ड दर्ज कर दिया। अब ऐसे में कैंडिडेंट्स के फार्म को सेव करने के बाद दोबारा करेक्शन नहीं हो पा रहा है। जिस कारण वह भटक कर महाविद्यालय भी पहुंच रहे हैं। क्योंकि जिस कैंडिडेट्स का एक बार रजिस्ट्रेशन हो गया वह दोबारा रजिस्ट्रेशन उसी कॉलेज के लिए नहीं कर सकता है.इसको लेकर कई कैंडिडेट्स परेशान घूम रहे हैं। हालांकि उनकी समस्या समाधान होना मुश्किल हो रहा है।

कॉलेज गेट पर ही प्रचार

ऑनलाइन फार्म फिल करने के लिए कैफे संचालकों ने महाविद्यालय के गेट और दीवारों पर पम्फलेट चस्पा कर दिया है। जिस पर रेट भी 50 रुपए लिख दिया है। लेकिन जब कैंडिडेट्स फार्म फिल कराने के लिए जाता है तो उससे 100 रुपए वूसले जाते हैं। यहां तक कि बीए फ‌र्स्ट ईयर के कैंडिडेट्स को आरयू ने अभी प्रमोट नहीं किया है इसके बाद भी कैफे संचालकों ने कई कैंडिडेट्स के सेकंड ईयर का फार्म फिल कर दिया और प्रिंट कॉलेज में जमा करने के लिए भी दे दिया। हालांकि जब कैंडिडेट्स फार्म लेकर कॉलेज जमा करने पहुंचते हैं तब उन्हें पता चलता है कि अभी तो आरयू ने कैंडिडेट्स को प्रमोट ही नहीं किया तो कॉलेज फार्म जमा क्यों करेगा।

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स्टूडेंट्स की जुबानी

-कैफे वाले ने गलती से फार्म में छोटी से गलती कर दी है। उसमें एक सर्टिफिकेट नहीं लगा है। जिसको ठीक कराने के लिए दो दिन से कॉलेज घूम रहा हूं। लेकिन अभी तक ठीक नहीं हुआ है। इसी को लेकर परेशान हूं।

सुधांशु

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-ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैफे से कराया था जिसमें कैफे संचालक ने मा‌र्क्सशीट सीबीएसई बोर्ड लिख दिया है। अब ऐसे में प्रॉब्लम हो रही है। इसी समस्या को लेकर बरेली कॉलेज दो दिन से चक्कर लगा रहा हूं। क्योंकि दोबारा रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो रहा है।

संदीप

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बोले जिम्मेदार

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डेली ही ऐसे कैंडिडेट्स आ रहे हैं जो रजिस्ट्रेशन फार्म फिल करते समय छोटी छोटी गलतियां कर देते हैं बाद में परेशान हो रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया है उसमें हम भी कुछ नहीं कर सकते हैं। इसीलिए फार्म फिल करते समय ही कैंडिडेट्स को सावधानी बरतनी जरूरी है।

डॉ। राजीव मेहरोत्रा, प्रवेश को-आर्डिनेटर बरेली कॉलेज

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-कैंडिडेट्स रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कॉलेज में फार्म लेकर जमा करने आ जाते हैं। लेकिन इस समय किसी भी कैंडिडेट्स का फार्म कॉलेज में जमा नहीं हो रहा है। कैंडिडेट्स के एडमिशन के लिए अभी रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन चल रहे हैं।

डॉ। रंजू राठौर, अवंतीबाई महिला महाविद्यालय

Posted By: Inextlive
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