अंडरव‌र्ल्ड की राह चले शहर के माफिया

Updated Date: Thu, 11 Jun 2020 10:00 AM (IST)

- प्रॉपर्टी के कारोबार में चैनल बनाकर पाल रहे शूटर - पुलिस नहीं तोड़ पाई रैकेट गोलियां चलना हुई आम बात GORAKHPUR: शहर में माफिया अंडरव‌र्ल्ड की तर्ज पर काम करने लगे हैं. सफेदपोश बनकर माफिया नए शूटर पाल रहे हैं. प्रॉपर्टी के कारोबार की राह में रोड़ा बनने वालों को निपटाने के लिए शूटरों को पाल

- प्रॉपर्टी के कारोबार में चैनल बनाकर पाल रहे शूटर

- पुलिस नहीं तोड़ पाई रैकेट, गोलियां चलना हुई आम बात

GORAKHPUR: शहर में माफिया अंडरव‌र्ल्ड की तर्ज पर काम करने लगे हैं। सफेदपोश बनकर माफिया नए शूटर पाल रहे हैं। प्रॉपर्टी के कारोबार की राह में रोड़ा बनने वालों को निपटाने के लिए शूटरों को पाला जा रहा है। एक पखवारे के भीतर शहर में हुई गोलीबारी की घटनाओं में माफियाओं, उनके गुर्गो के बदलते तौर तरीके सामने आए हैं। झंगहा एरिया में दावत बुलाकर दो लोगों को फिल्मी अंदाज में गोली मारने की घटना के सभी अभियुक्त अरेस्ट हो पाते। इसके पहले गुलरिहा एरिया में जेल से छूटे विपिन सिंह की हरकतों से दहशत फैल गई। पब्लिक की मदद से पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया। लेकिन यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कहां चूक हो रही जिससे माफियाओं, उनके गुर्गो का वर्चस्व दोबारा बढ़ने लगा है। हालत यह हो गई है कि पुरानों को पुलिस नेस्तानाबूद कर पाती, इसके पहले नए बदमाश पनप जा रहे हैं।

दावत में पी शराब, पिस्टल लेकर निकला शातिर

मंगलवार की शाम गुलरिहा एरिया के सेमरा-नौतन में एक पुलिस मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों हाथों में पिस्टल लेकर गोलियां दाग रहे बदमाश के पेट में पुलिस की गोली लगी। उसे मेडिकल कॉलेज से लखनऊ भेज दिया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान पादरी बाजार, बधिक टोला निवासी विपिन सिंह के रूप में हुई। उसके खिलाफ मर्डर, मर्डर की कोशिश सहित 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। गुलरिहा एरिया के माफिया राकेश यादव के लिए विपिन सिंह काम करता था। माफिया से पांच लाख रुपए की सुपारी लेकर विपिन ने प्रॉपर्टी डीलर झुंगिया निवासी आशीष उर्फ छोटू की दो बार हत्या की कोशिश की। इस आरोप में विपिन और उसके साथी फरवरी माह में जेल गए थे। करीब एक हफ्ते पहले वह जमानत पर छूटा। इसके बाद दोबारा छोटू और उस पर हमले के मुख्य गवाह अरुण निषाद की तलाश में जुट गया। मंगलवार को गुलरिहा एरिया में दावत में विपिन ने शराब पी। फिर तीन अन्य साथियों संग दो अलग-अलग बाइक पर सवार होकर छोटू के घर पहुंच गया। वहां गोली चलाकर अरुण की तलाश में गया। गोलियां चलाने पर जब पब्लिक ने विरोध किया तो वह दोनों हाथों में पिस्टल लेकर गोली दागने लगा। हालांकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पेट में गोली लगी। गंभीर रूप से घायल विपिन की बुधवार की सुबह केजीएमयू में मौत हो गई।

प्रॉपर्टी के कारोबार में माफिया, पाल रहे शूटर

शहर में प्रॉपर्टी का काम तेजी से बढ़ा है। शहर के डेवलपमेंट से मेडिकल कॉलेज रोड, पादरी बाजार रोड, देवरिया रोड और कुसम्ही के आसपास प्रॉपर्टी का काम होने लगा है। इस कारोबार में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कई माफिया उतर गए हैं जो विवादित भूमि को खरीदकर गन पावर से कब्जा करते हैं। इसलिए वह नए-नए शूटर पाल रहे हैं। छोटे-मोटे विवादों में जेल गए मनबढ़ों को छुड़ाकर उनको दावत, कपड़े और अन्य जरूरतें पूरी कराकर माफिया अपने लिए गुर्गो की फौज तैयार कर रहे हैं।

माफिया, हिस्ट्रीशीटर मुहैया कराते असलहे

गोरखपुर में जरायम पेशे से तौबा करने के दिखावे करके सफेदपोश बन चुके माफिया और हिस्ट्रीशीटर अपने पुराने संबंधों से असलहे उपलब्ध कराते हैं। 24 मई को झंगहा एरिया में दावत के दौरान दो युवकों की हत्या कर दी गई थी। हमला करने वालों को रामनगर कड़जहां के एक शातिर की शह मिली थी। मंगलवार को गुलरिहा एरिया में हुई क्रॉस फायरिंग में मारे गए कुख्यात को भी माफिया शरण दे रहा था।

पुलिस से सांठगांठ, नहीं हो पाती कार्रवाई

माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दावे बेअसर नजर आते हैं। शहर के माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसने के बजाय पुलिस कर्मचारी उनसे सांठगांठ में जुट जाते हैं। इसलिए पुलिस को इस बात की भनक नहीं लग पाती है कि आखिर क्या चल रहा है। विपिन और उसके साथी रोजाना दावत कर रहे थे। लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को नहीं हो सकी। इसके अलावा माफिया एक शूटर के जरिए उसके कॉन्टैक्ट में कई अन्य शूटर पाल रहे हैं। इसलिए शूटर भी ठीक से नहीं जान पाते कि उनको फाइनेंस कौन कर रहा।

इन बिंदुओं पर कभी नहीं होती जांच

- शूटरों को संरक्षण कौन दे रहा है। उनको पैसा कहां से मिलता है।

- माफियाओं की क्या गतिविधियां चल रही हैं। कितने नए लोगों से जुड़ाव हुआ है।

- पकड़े गए बदमाशों को नाइन एमएम की पिस्टल कौन कहां से मुहैया कराता है।

- किसी वारदात के पहले और बाद में बदमाश किसके संपर्क में रहे हैं।

- प्रॉपर्टी के कारोबार में कितने लोग जुटे हैं। उनके कहां पर किससे, किस तरह के संपर्क हैं।

वर्जन

माफियाओं के बारे में कुछ नई जानकारी मिली है। उसके आधार पर छानबीन कराई जा रही है। हाल के दिनों में माफियाओं के संपर्क में आए लोगों को लिस्टेड किया जाएगा। इसका निर्देश सभी थानेदारों को दिया गया है।

- डॉ। सुनील गुप्ता, एसएसपी

Posted By: Inextlive
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