सिलेबस में अगर कोई पेंच, तो आप भी दीजिए फीडबैक

Updated Date: Sun, 17 Jan 2021 08:40 AM (IST)

- जुलाई से कॉमन सिलेबस लागू करने की तैयारी, पहले फेज में 14 सब्जेक्ट का सिलेबस अपलोड

- उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर दिए गूगल फॉर्म को भरकर दिया जा सकता है सजेशन

GORAKHPUR: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत कॉमन सिलेबस को प्रदेश भर में लागू करने की तैयारियां काफी तेजी से चल रही हैं। स्टीयरिंग कमेटी अपना काम पूरा करने में लगी है, जिससे कि जुलाई सेशन से इसे प्रदेश के सभी यूनिवर्सिटीज में लागू कर दिया जाए। इस कड़ी में 14 सब्जेक्ट्स के डाटा उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। यहां लोगों से खासतौर पर एकेडमीशियंस से सिलेबस को लेकर फीडबैक मांगा गया है। इसकी कोई फाइनल डेट नहीं तय की गई है, लेकिन जल्द से जल्द इसके लिए सजेशन मांगा जा रहा है। फीडबैक के अकॉर्डिग थोड़ा बहुत अमेंडमेंट या मॉडिफिकेशन के बाद इसे गवर्नमेंट अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटीज में लागू कर दिया जाएगा।

गूगल फॉर्म के जरिए फीडबैक

कॉमन सिलेबस के लिए सब्जेक्ट्स वाइज सिलेबस को हायर एजुकेशन की वेबसाइट http://uphed.gov.in/page/council/en/nep-2020 पर अपलोड किया गया है। यहां पर एक गूगल फॉर्म का लिंक दिया गया है, जिसे भरने के बाद कोई भी अपना फीडबैक दे सकता है। इसके लिए अपनी जीमेल आईडी से लॉग-इन करना होगा। पर्सनल डीटेल्स भरने के बाद दिए गए ऑप्शन में सेलेक्शन करना होगा। यहां पर मेन सब्जेक्ट्स और को-कॅरिकुलर को लेकर फीडबैक दिया जा सकता है। इसमें फीडबैक को सब्जेक्ट वाइज देना है। अपने सुझाव को सपोर्ट करने के लिए डॉक्युमेंट्स भी अपलोड किए जा सकते हैं।

बीए में भी होगा सेमेस्टर

कॉमन सिलेबस लागू करने के बाद स्टूडेंट्स को इससे काफी फायदा होगा। बीए में भी उन्हें सेमेस्टर वाइज पढ़ाई का मौका मिलेगा और इसमें भी उनके लिए ढेरों क्रेडिट स्कोर करने के ऑप्शन होंगे। इसके साथ अगर पेरेंट्स की ट्रांसफरेबल जॉब है और उन्हें किसी वजह से शहर को छोड़ना पड़ रहा है, तो इस कंडीशन में भी बच्चों की पढ़ाई पर कोई इफेक्ट नहीं होगा और सभी यूनिवर्सिटीज में सेम कोर्स होने की वजह से उन्हें दूसरी जगह अपनी स्टडी को कॉन्टीन्यू करने का मौका मिल जाएगा।

काफी हुआ है मंथन

कॉमन सिलेबस को लेकर मंथन काफी दिनों से चल रहा है। पहले एचआरडी मिनिस्ट्री के निर्देश पर यूजीसी ने पांच कुलपतियों की कमेटी बनाई थी, जिसमें गोरखपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी शामिल थे और यूनिवर्सिटी को 8 सब्जेक्ट का सिलेबस तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। उन्होंने काफी मंथन के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी, लेकिन इसमें कुछ पेंच की वजह से सिलेबस को लागू नहीं किया जा सका। इसके बाद एक नई कमेटी फॉर्म की गई, जिसमें हर सब्जेक्ट के लिए तीन एक्सपर्ट को चुना गया। वहीं इसकी निगरानी के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी भी बनाई गई। तीन माह के मंथन के बाद अब कमेटी ने 14 सब्जेक्ट्स के सिलेबस को अपलोड कर आगे की प्रॉसेस शुरू कर दी है। पहले फीडबैक, फिर अमेंडमेंट, गवर्नमेंट अप्रूवल और इसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

60 परसेंट कॉमन रहेगा सिलेबस

गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से डिजाइन किया जाने वाला सिलेबस 60 फीसद कॉमन बनाया जाना है। इसके अलावा बाकी हिस्सा उस स्टेट यूनिवर्सिटी को अपने लेवल से डिजाइन करना है। जिससे कि कम से कम सभी यूनिवर्सिटी में 60 परसेंट समानता हो और किसी भी स्टूडेंट को यूनिवर्सिटी चेंज करने में कोई प्रॉब्लम न आए। जिम्मेदारों की मानें तो यह च्वॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को ध्यान में रखकर भी किया जा रहा है, जिससे स्टूडेंट्स अपना मनचाहा सिलेबस पढ़ सके और उन्हें क्रेडिट कंप्लीट करने में किसी तरह की प्रॉब्लम न हो।

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फाइल अपलोड

कॉमन सिलेबस के लिए 14 सब्जेक्ट्स का सिलेबस उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसको लेकर फीडबैक मांगा गया है। इसी सेशन में जुलाई से इसे लागू करने की तैयारी है।

- प्रो। हर्ष कुमार सिन्हा, मेंबर, स्टियरिंग कमेटी, कॉमन सिलेबस

Posted By: Inextlive
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