आए थे नौकरी करने पहुंच गए हवालात

Updated Date: Sun, 27 Sep 2020 06:48 AM (IST)

फर्जी ज्वाइनिंग लेटर पर उद्यान विभाग में ज्वाइन करने पहुंचे तीन युवक अरेस्ट

दोनों को साथ लेकर पहुंचा था एक और युवक, सूचना पर पुलिस ने लिया हिरासत में

फर्जी ज्वाइनिंग लेटर के आधार पर गोरखपुर उद्यान विभाग में ज्वाइनिंग करने पहुंचे दो युवक और उनके एक साथी को विभागी कíमयों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कैंट पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। ज्वाइनिंग करने पहुंचे युवकों ने तीसरे युवक पर नौकरी के नाम पर पैसा लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस युवक ने जैसा कहा वैसा ही हमलोगों ने किया। हमें नहीं पता कि फर्जी ज्वाइनिंग लेटर पर हम ज्वाइनिंग करने जा रहे हैं। पुलिस पूछताछ के आधार पर फर्जी नियुक्ति कर बेरोजगारों को ठगने वाले रैकेट की पड़ताल कर रही है। इस रैकेट का तार अन्य जिलों से भी जुड़े होने की आशंका है।

डाक से भेजा ऑफिस में लेटर

गोरखपुर जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि करीब 11 दिन पहले डॉक से उनके पास चार लोगों का शपथ पत्र आया था। इनमें तीन युवक और एक युवती का शपथ पत्र शामिल था। गोरखपुर डीएम के नाम दिए गए शपथ पत्र और ज्वाइनिंग को लेकर दी गई जानकारी पर संदेह हुआ तो जांच कराई। जांच में पता चला कि किसी भी युवक की नियुक्ति नहीं होनी है। विभाग ने उन युवकों के नाम और पते पर पत्र लिखकर इससे अवगत भी कराया। हालांकि उसके बाद भी शनिवार को उनमें से दो युवक रवि यादव और किशोर मौर्या ज्वाइनिंग करने पहुंच आए। उनके साथ एक अन्य युवक नवीन कुमार भी था। फर्जी नियुक्ति में रैकेट का शक होने पर विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

पहले उद्यान विभाग प्रयागराज में होनी थी ज्वाइनिंग

युवकों ने जो शपथ पत्र दिया था उसमें लिखा था कि उनकी ज्वाइनिंग पहले उद्यान विभाग प्रयागराज में होनी थी। ज्वाइनिंग की तिथि पर जब वे प्रयागराज गए तो वहां से बताया गया कि अब उन्हें गोरखपुर उद्यान विभाग में ज्वाइन करना है। उसके बाद यहां आए थे।

क्लर्क के लिए 40 हजार

सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि ज्वाइन करने आए युवकों से पूछताछ की जा रही है। रवि यादव निवासी धन्नीपुर जिला अयोध्या का रहने वाला है। जबकि, किशोर मौर्या खरैया पोखरा गांगुली टोला बशारतपुर गोरखपुर का है। इनके साथ तीसरा युवक नवीन कुमार है जो गोरखपुर के हरिसेवकरपुर नंबर-एक का रहने वाला है। नवीन कुमार दोनों को ज्वाइन कराने साथ में आया था। रवि और किशोर का कहना है कि उन्होंने नौकरी के लिए पैसा दिया है। 2016 में उद्यान विभाग में नियुक्ति निकली थी। उस समय दोनों ने आवेदन किया था पर नौकरी नहीं लगी। उसी बीच नवीन से उनकी मुलाकात हुई। नवीन के पिता फैजाबाद में उद्यान विभाग में कर्मचारी थे। उसने नौकरी दिलाने का वायदा किया और ज्वाइनिंग से पहले क्लर्क के लिए 40 हजार तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मी के लिए 20 हजार रुपये की डिमांड रखी। बाकी पैसा ज्वाइनिंग के बाद देना था। दोनों ने यह रकम नवीन को दी है। उसी के कहने पर यहां आए थे। हालांकि दोनों ने यह नहीं बताया कि ज्वाइनिंग के बाद उन्हें कितना पैसा और देना था। बस यही कहा गया था बाद की रकम के बारे में ज्वाइनिंग के बाद बताया जाएगा। नवीन से पुलिस उसके रैकेट के बारे में पूछताछ कर रही है।

इनका आया था शपथ पत्र

रवि यादव निवासी धन्नीपुर अयोध्या ने अपने शपथ पत्र में कहा कि 5 मार्च को प्रयागराज में ज्वानिंग थी। वहां गया था पता चला गोरखपुर ज्वाइनिंग है।

सुमन यादव पुत्री रामभवन यादव, धन्नीपुर रौनाही फैजाबाद अयोध्या 11 जून को ज्वाइनिंग के लिए प्रयागराज गई थी। वहां से गोरखपुर भेज दिया गया।

संजय गौतम निवासी हरिसेवकपुर ने अपने शपथ पत्र में लिखा है कि 23 मई को प्रयागराज में ज्वाइन करने गया था, वहां से गोरखपुर भेज दिया गया है।

किशोर मौर्या खरैया पोखरा गांगुली टोला बशारतपुर गोरखपुर 3 मार्च को प्रयागराज में ज्वाइन करने गया था, वहां से गोरखुपर भेज दिया गया है।

वर्जन

फर्जी नियुक्ति के मामले में अभी पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह कितना बड़ा रैकेट है।

सुमित शुक्ला, सीओ कैंट

Posted By: Inextlive
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