महंगाई की मार बढ़ी है. ऐसे में जीएसटी की और बढ़ती दरें आम आदमी को रास नहीं आ रहीं. जूतों और कपड़ों पर 12 परसेंट के गुड्स एंड सर्विस टैक्स के बाद अब गोल्ड प्रोडक्ट पर 3 से 5 परसेंट जीएसटी करने की तैयारी है. इससे जहां आम आदमी को गोल्ड आइटम खरीदना महंगा पड़ेगा.


गोरखपुर (ब्यूरो)। वहीं, सिटी की 6500 सराफा दुकानों का कारोबार प्रभावित होगा। कपड़े और जूते पर 5 से 12 प्रतिशत जीएसटी करने के बाद फिटमेंट कमेटी ने गोल्ड पर 3 के बजाय 5 परसेंट जीएसटी की सिफारिश की है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के नेशनल सेक्रेट्री पंकज अरोरा के अनुसार 27 नवंबर को सरकार के साथ मीटिंग थी। वह कैंसिल हो गई। सरकार ने हम लोगों से रिपोर्ट मांगी है। जीएसटी बढ़ाने पर क्या दिक्कतें आ सकती हैं, जिस पर मंगलवार शाम तक रिपार्ट देनी है। विरोध के बाद मांगे सुझाव
फिटमेंट कमेटी ने सोने की ज्वेलरी पर जीएसटी की दर 3 से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने और वर्तमान टैक्स दर 5 प्रतिशत को 7 प्रतिशत, 12 को 14 प्रतिशत और 18 प्रतिशत को 20 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। जिसमें 1 जनवरी से कपड़े और जूते पर 5 प्रतिशत जीएसटी को 12 प्रतिशत कर दिया गया है। जिसको लेकर सभी व्यापारी संगठनों ने विरोध करने का विचार किया था। जिसको लेकर वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने व्यापारी संगठनों से सुझाव मांगा है।कंज्यूमर्स पर पड़ेगा बोझ


आईसीएआई के सचिव राशिद मुस्तफा के अनुसार सबसे ज्यादा इसका इफेक्ट कंज्यूमर्स पर पडग़ा। अगर गोल्ड में तीन के बजाय 5 प्रतिशत जीएसटी होता है तो मेकिंग चार्ज बढ़ जाएगा। जिससे ज्वेलरी कारोबारियों का प्रॉफिट कम हो जाएगा, क्योंकि गोल्ड का रेट बाहर से डिसाइड होता है। कंज्यूमर इंवेस्टमेंट के परपज से गोल्ड लेते है। जब कंज्यूमर अपना खरीदा हुआ गोल्ड बेचने जाता है तो सोना कारोबारी मेकिंग चार्ज घटाकर लेते हंै। इस वजह से कंज्यूमर्स का ज्यादा नुकसान है। मैन्युफैक्चरर का तो कोई ज्यादा नुकसान नहीं है। टैक्स डायरेक्टर, इनडायरेक्टर कंज्यूमर को देना होगा। कपड़े और जूते पर 5 के जगह 12 परसेंट लगेगा जीएसटी1 जनवरी 2022 से सरकार जीएसटी बढ़ाने जा रही है। जहां पहले कपड़े और जूते पर 5 परसेंट का जीएसटी लगता था। अब 12 परसेंट तक देना होगा। इस वजह से कपड़ों और जूतों के दाम बढ़ जाएंगे। कपड़ा और जूता सेक्टर में महंगाई और बढ़ जाएगी। सीधे आम आदमी पर असर पडग़ा। गोरखपुर में कपड़ों और जूतों का मेन मार्केट घंटाघर, गोलघर, रेती, असुरन, आजाद चौक, भगत चौराहा, मोहद्दीपुर थोक और फुटकर दुकानें हैं।डाटा1500 रजिस्टर्ड सराफा दुकानें हैं सिटी में। 5000 अनरजिस्टर्ड दुकानें हैं सिटी में।75 दुकानें लगभग भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार चल रहीं सिटी में।50 करोड़ रुपए है डेली का सराफा कारोबारशनिवार के रेट

24 कैरेट गोल्ड 49,800 प्रति दस ग्राम सिल्वर 64,000 प्रति किलोमंगलवार शाम तक हम लोगों से रिपोर्ट मांगी गई है। जिन प्रोडक्ट में जीएसटी बढ़ाने की बात हो रही है। उस सेक्टर पर क्या इफेक्ट आएगा। उसकी रिपोर्ट हम लोग गवर्नमेंट को देंगे। उस रिपोर्ट पर सरकार विचार करेगी।पंकज अरोरा, सेक्रेट्री कैटसरकार को हम व्यापारियों का ध्यान देना चाहिए। व्यापारी वर्ग सरकार के साथ है। अगर जीएसटी बढ़ जाएगा तो सभी सोना कारोबारियों पर असर पड़ेगा। जिसके चलते कर्मचारियों और आम आदमी पर ज्यादा प्रभाव पढऩे वाला है।पंकज गोयल, अध्यक्ष, सराफा मंडल गोरखपुरअभी तो मार्केट में में कोविड का इफेक्ट साफ दिख रहा है। सरकार अगर गोल्ड पर जीएसटी बढ़ा देगी तो स्मगलिंग बढ़ जाएगी। इस वजह से एक नंबर के काम करने वाले व्यापारियों को इफेक्ट पढ़ेगा। अतुल सराफ, डायरेक्टर, ऐश्प्राजीएसटी बढऩे से कास्ट मेकिंग चार्ज में प्रॉफिट कम हो जाएगा। गोल्ड के रेट सब जगह करीब एक ही जैसा रहता है। गोल्ड कारोबारियों को मेकिंग चार्ज में फायदा मिलता था। वह कम हो जाएगा। राशिद मुस्तफा, सचिव, आईसीएआई गोरखपुर चैप्टर

Posted By: Inextlive