कोविड हो या फिर पोलियो इस जंग को तो सभी ने जीत लिया लेकिन हर नुकसान जानने के बाद भी प्रतिबंधित पॉलिथीन से हार रहे हैं. शहर में धड़ल्ले से यूज हो रही पॉलिथीन पर अफसरों की नजर तो है कार्रवाई भी हो रही है लेकिन इसके बाद भी इसकी खरीद-बिक्री बंद होने का नाम नहीं ले रही है.


गोरखपुर (ब्यूरो)। इस समय हालत यह है कि कोई ठेला, दुकान ऐसी नहीं होगी जहां पॉलिथीन में सामान नहीं मिल रहा है। नगर निगम का प्रवर्तन दल रोजाना शहर में कहीं न कहीं पॉलिथीन के साथ पकड़ भी रहा है। इसके बाद भी पॉलिथीन हर जगह दिख जाएगी। बता दें कि एक जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की चीजों को बनाने और इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया था। शुरुआत दौर में ताबड़तोड़ एक्शन से कुछ दिन तक पॉलिथीन मार्केट से गायब रही लेकिन फिर मार्केट में पहले ही तरह चलन हो गया। अफसरों का कहना है कि कार्रवाई की जा रही है। पकड़े जा रहे लोगों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। शहर में कहीं भी पॉलिथीन बनाने की फैक्ट्री नहीं है। बाहर से आ रही पॉलिथीन के कारोबारियों की धरपकड़ की जा रही है। हर छोटे-बड़े दुकानदार तक पहुंच


सिटी समेत रुरल इलाकों में हर छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों तक पॉलिथीन पहुंच रही है। इन्हीं पॉलिथीन में वह ग्राहकों को सामान दे रहे हैं। यही वजह से है कि रोजाना जनपद में सैकड़ों क्विंटल पॉलिथीन की खपत हो रही है। बताया जा रहा है कि बाहर से आने वाली पॉलिथीन किसी जगह स्टोर कर दी जाती है। इसके बाद बाइक, कार स्कूटी से दुकानदारों तक पहुंचाई जाती है। नगर निगम का प्रवर्तन दल जानकारी पर छापेमारी भी करता है, कुछ लोग पकड़े भी जाते हैं लेकिन खरीद-बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। घरों से रोज निकल रही पॉलिथीनप्रतिबंध के बावजूद सिटी के घरों से रोजाना कई टन पॉलिथीन निकल रही है। नगर निगम के अनुसार रोजाना 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा शहर में निकलता है। इसमें से 20 से 25 मीट्रिक टन सिंगल यूज प्लास्टिक होता है। इसकी इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़ी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत सिटी में हो रही है। ये है जुर्माने का प्रावधान100 ग्राम पॉलिथीन पर 1000 रुपये 101 ग्राम से से एक किलो अंदर 2000 रुपये 501 से एक किलो तक 5000 रुपये एक से पांच किलो तक 10000 रुपये 5 किलो से अधिक 25000 रुपये सेहत के लिए नुकसानदायक

डॉक्टर्स के मुताबिक पॉलिथीन हेल्थ को डायरेक्ट प्रभावित करती है। कई बार इनडायरेक्ट तरीके से हमें नुकसान पहुंचाती है। इसलिए पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे वातावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। अगर पॉलिथीन पर शत प्रतिशत रोक लग जाए तो पर्यावरण में कई तरह का प्रदूषण कम हो जाएगा। यह हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित होगा। कैंसर की संभावना अधिक जरूरत का सामान रखने के लिए सभी को पॉलिथीन काफी सुविधाजनक लगती है लेकिन यह काफी खतरनाक है। डॉक्टर्स के अनुसार पॉलिथीन हर रूप में जानलेवा है। यह बिना जलाए भी खतरनाक गैस छोड़ती है। पॉलिथीन को यदि नहीं जलाए भी तो यह क्लोराइड, बेंजीन, विनायक और इथेनॉल ऑक्साइड का उत्सर्जन कर हवा में जहर खोलती है। यही वजह है कि सरकार ने इसे प्रतिबंधित किया है। सभी को पॉलिथीन से दूरी बनाने की जरूरत है। ठेले, दुकानों पर सामान लेने जाने पर पॉलिथीन दिया जाता है। हालांकि पॉलिथीन के नुकसान को जानने के बाद भी मजबूरी में इस्तेमाल करती हूं। मार्केट में अगर पॉलिथीन न मिले तो यह आदत छूट जाएगी। पॉलिथीन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। विजय लक्ष्मी सिंह, गीता प्रेस मार्केट में हर जगह पॉलिथीन में सामान दिया जा रहा है। इसकी वजह से घर से झोला नहीं ले जाती हूं। पॉलिथीन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की जानकारी है लेकिन सुविधा के चलते खुद को रोक नहीं पा रही हूं। हालांकि अब इस्तेमाल नहीं करूंगी।

पवन उपाध्याय, तारामंडल नगर निगम का प्रवर्तन दल रोजाना पॉलिथीन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। लोग पकड़े भी जा रहे हैं। हालांकि लोगों को भी अवेयर होना होगा। लोग इस्तेमाल करना छोड़ देंगे तो मार्केट पॉलिथीन भी गायब होने लगेगी। पॉलिथीन के कारोबारियों पर नजर है, उनकी धरपकड़ के लिए प्रवर्तन दल लगा हुआ है। गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त

Posted By: Inextlive