बाढ़ में जिम्मेदारी निभाएगी पुलिस

Updated Date: Sat, 25 Jul 2020 10:30 AM (IST)

- बंधों की सुरक्षा से लेकर पब्लिक के साथ कोआर्डिनेशन के निर्देश

- एसएसपी ने दिया निर्देश, अलर्ट किए गए बाढ़ के हालात वाले थाने

- पब्लिक के साथ तालमेल बिठाकर कार्रवाई करेगी पुलिस की टीम

GORAKHPUR:

जिले में नदियों के उफान मारने पर पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। एसएसपी ने कहा कि पब्लिक के साथ को-आर्डिनेशन करके पुलिस की टीमें भी सक्रिय रहें। डॉयल 112 पर तैनात कर्मचारियों को संवेदनशील बरतने करने का निर्देश कप्तान ने दिया है। 24 घंटे बंधों की निगरानी के लिए पुलिस, सिंचाई और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर निगरानी की व्यवस्था की गई है।

एसएसपी ने बताया कि जन हानि रोकने और पब्लिक की मदद के लिए पुलिस की टीम हरदम तैयार रहेगी। इस बार कोरोना संक्रमण से पुलिस को बेहद ही सावधानी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों के थानेदारों को खासतौर पर अलर्ट किया गया है।

पब्लिक संग को-आर्डिनेशन करेंगे काम

जिले में हर साल बारिश में बाढ़ की बर्बादी सामने आती है। जुलाई में नदियों का पानी उफान लेने लगा है। ज्यादातर नदिया खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। नदियों का पानी बढ़ने के साथ ही तटीय इलाकों में लोगों की बेचैनी बढ़ जाती है। बंधों के टूटने से शहर के डूबने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बाढ़ के दौरान सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा की चुनौती भी पुलिस के सामने रहती है। सालभर बंधों पर काम न होने से आक्रोशित पब्लिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर टूट पड़ती है। इसको देखते हुए विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है जिससे किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। इसलिए एसएसपी ने विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि आपदा से निपटने में प्रॉब्लम न आए। इसके पूर्व 2017 में रोहिन नदी में बाढ़ आई थी। पूर्व की बाढ़ को देखते हुए तैयारी की गई है।

यह की गई है तैयारी

वर्तमान में गोरखपुर में कुल 39 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं

सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन की तरफ से 64 नावों का इंतजाम

जिले में कुल 86 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं

चौकियों पर पुलिस, सिंचाई और राजस्व विभाग के कर्मचारी तैनात

चौकियों पर बिजली की सप्लाई और पेट्रोमेक्स की व्यवस्था है

सांपों के काटने के खतरे को देखते हुए एंटी वेनम सीरम की उपलब्धता कराई गई

कैपिसिंटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत चौकियों पर राहत और बचाव के सामान उपलब्ध

सभी गांवों में बाढ़ सुरक्षा समिति का गठन किया गया है।

वायरलेस सेट की स्थापना की है।

जिला आपदा कंट्रोल रूम 0551-2201796 और 1077 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है

सरयू (घाघरा) नदी-

स्थल- अयोध्या पुल

खतरे का निशान- 92.73

वर्तमान स्थिति- 92.87, उतार पर

स्थल- तुर्तीपार

खतरे का निशान- 64.01

वर्तमान स्थिति- 64.61 च?ाव पर

राप्ती नदी-

स्थल- बर्ड घाट

खतरे का निशान- 74.98

वर्तमान स्थिति- 75.92 चढ़ाव पर

रोहिन नदी-

त्रिमुहानी घाट

खतरे का निशान- 82.44

वर्तमान स्थिति 83.16 च?ाव पर

कुआनो नदी-

स्थल- मुखलिसपुर

खतरे का निशान-78.65

वर्तमान स्थिति- 77.98 उतार पर

गोर्रा नदी

स्थल- पिंडरा

खतरे का निशान- 70.50

वर्तमान स्थिति-70.85 चढ़ाव पर

नोट: यह आंकड़ा जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के अनुसार, 24 जुलाई, शाम चार बजे तक का है।

वर्जन

बाढ़ को देखते हुए पुलिस टीम को हरदम अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात पुलिस कर्मचारी आसपास की पब्लिक से को-आर्डिनेशन बनाकर काम करेंगे। सभी को इस संबंध में गाइड जारी की गई है। बाढ़ से प्रभावित एरिया के थानेदार भी मोबाइल रहेंगे।

डॉ। सुनील गुप्ता, एसएसपी

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.