वो जेल चले गए तो कौन कर रहा लूटपाट

Updated Date: Tue, 08 Sep 2020 07:20 AM (IST)

फोर व्हीलर से घर छोड़ने का झांसा देकर फिर की वारदात

लोकल बदमाशों के गैंग पर शिकंजा नहीं कस पा रही पुलिस

लॉक डाउन के बाद विदेश से कमाकर घर लौटने वाले पैंसेजर्स पर जहरखुरानों की नजर है। रेलवे बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, कचहरी बस स्टेशन और नौसढ़ में एक्टिव शातिर लोगों से दोस्ती बढ़ाकर लूटपाट कर रहे हैं। हाल के दिनों में तीन लोगों को जहरखुरानों ने अपना शिकार बना लिया है। एक घटना दिल्ली एयरपोर्ट से प्राइवेट बस में सवार हुए युवक संग हुई। लेकिन दो घटनाओं में पैंसेजर्स को रेलवे बस स्टेशन के आसपास फोर व्हीलर में सवार होने के बाद बदमाशों ने जहर खिलाकर उनके साथ लूटपाट की। पहली घटना की सूचना पुलिस को मिली। तब बिना एफआईआर दर्ज किए ही पुलिस ने चार शातिरों को दबोच लिया। यह दावा किया गया कि इन्हीं का गैंग लोगों को शिकार बना रहा। इनके पकड़े जाने से घटनाएं थम जाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तीन सितंबर को बहरीन से लौट रहे एक अन्य पैंसेजर को लूटकर बदमाशों ने बेलीपार एरिया में बंधे के किनारे झाडि़यों में फेंक दिया। सवाल खड़ा होता है कि जब पुलिस ने गैंग के सदस्यों को काबू कर लिया तो ये वारदातें क्यों हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जहरखुरानी की घटनाओं को अंजाम दे रहे बदमाशों की तलाश जारी है।

सामान लूटकर नरकट में फेंक गए जहरखुरान

बांसगांव कस्बे के वार्ड नंबर छह, दोनखर का देवेंद्र यादव बहरीन में रहकर काम करता था। तीन सितंबर की सुबह वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। घर जाने के लिए वह टैक्सी की तलाश में लगा था। तभी एक अपरिचित युवक ने उससे पूछा कहां जाना है। देवेन्द्र ने बताया कि वह कौड़ीराम जाना चाहता है। थोड़ी देर बाद एक फोर व्हीलर में दोनों सवार हो गए। नौसढ़ पहुंचने पर सभी ने चाय पी। चाय पीने के बाद जब वह गाड़ी में बैठा तो उसका सिर चकराने लगा। थोड़ी देर बाद वह अचेत हो गया। बदमाशों ने उसके पास रखे 18 हजार रुपए, 76 बहरीनी दीनार, कपड़े, पासपोर्ट, मोबाइल और सामान लूट लिया। तथा उसे रास्ते में फेंककर फरार हो गए। काफी देर के बाद उसे होश आया तो वह बेलीपार, कलानी बंधे के पास नरकट में पड़ा था। देवेन्द्र ने घटना की सूचना बेलीपार पुलिस को दे दी। मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस ने उसे टरका दिया। लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं हुई। इसके पूर्व भी दो अन्य मामले सामने आ चुके हैं। 30 अगस्त की सुबह कुशीनगर के युवक संग जहरखुरानी करके बदमाशों ने खोराबार एरिया के कोनी मोड़ पर फेंक दिया था।

18 शातिरों के गैंग की हुई पहचान, सिर्फ चार गिरफ्तार

30 अगस्त की भोर में करीब चार बजे कुशीनगर जिले के बोदरवार, गदइला निवासी अभिमन्यु पटेल के साथ हुई वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने चार शातिरों को अरेस्ट किया। तब सामने आया कि देवरिया जिले के दो युवकों सहित कुल 18 बदमाशों का गैंग यात्रियों को वाहन में बैठाकर उनके साथ वारदात करता है। इनका गैंग पहले भी घटनाओं को अंजाम दे चुका है। एक सितंबर को पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों को अरेस्ट करके दावा किया कि गैंग के अन्य सदस्य जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। एक हफ्ते के बाद भी इस गैंग से जुड़े अन्य बदमाश फरार चल रहे हैं।

इस वारदात को किसने दिया अंजाम

चार शातिरों के गिरफ्तारी के बाद पब्लिक को राहत मिलने का दावा पुलिस ने किया था। लेकिन इसके बाद भी वारदातें हो रही है। तीन सिंतबर को बांसगांव एरिया के युवक को जहरखुरानों ने दोस्ती गांठकर लूटपाट कर ली। तबियत में सुधार होने पर उसने शनिवार को पुलिस को सूचना दी थी। सवाल खड़ा होता है कि जब लूटपाट करने वाले गैंग की पहचान पुलिस कर चुकी है तो इस वारदात को कौन अंजाम दे रहा है।

भरोसेमंद नहीं टैक्सियां, सोच-समझकर करें सवारी

हाल के दिनों में जो भी घटनाएं सामने आई हैं। उनमें दो युवकों को रेलवे बस स्टेशन के पास मिले फोर व्हीलर सवार बदमाशों ने निशाना बनाया है। घर के आसपास चौराहे पर पहुंचाने का झांसा देकर बदमाशों ने राहगीरों की नकदी और सामान लूटा है। रेलवे बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, कचहरी बस स्टेशन, एयरपोर्ट और नौसढ़ में रात के समय टैक्सी के साथ-साथ प्राइवेट फोर व्हीलर से भी सवारियां ढोई जाती है। ऐसे में किस व्हीकल में किस पैंसेजर के साथ वारदात हो जाएगी। यह कह पाना मुश्किल है। यह भी कहा जा रहा है कि जहरखुरानों के गैंग के साथ टैक्सी वालों की मिलीभगत भी हो सकती है।

क्या होती है लापरवाही, क्यों है असुरक्षा

प्राइवेट व्हीकल और टैक्सी वालों के संबंध में सही जानकारी पुलिस के पास नहीं रहती।

रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के आसपास सक्रिय फोर व्हीलर वाले बाहर के पैंसेजर्स का इंतजार करते हैं।

जिस रूट का पैंसेजर होता है। उनको उन्हीं रूट पर ले जाकर छोड़ने का झांसा देकर गाड़ी में बैठाते हैं।

किस व्हीकल में जहरखुरान भी सवार हैं। इस बात का अंदाजा लगा पाना काफी मुश्किल होता है।

लूटपाट की घटना होने के बाद पुलिस जहरखुरानों की तलाश में जहां-तहां भटकती रहती है।

ये होना चाहिए इंतजाम

रेलवे स्टेशन के बाहर से चलने वाली टैक्सी का पूरा रिकार्ड थानों पर जमा हो।

उनके ड्राइवर और आनर का मोबाइल लोकल पुलिस स्टेशन के रजिस्टर में दर्ज किया जाए।

टैक्सी वालों की बुकिंग, उनके सवारी ले जाने के दौरान भी निगरानी के लिए स्टैंड पर व्यवस्था हो।

24 घंटे पैंसेजर्स की आवाजाही वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की जाए।

किसी घटना के सामने आने पर प्रॉपर इनविस्टेगशन करते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जहरखुरानी की घटनाओं से निपटने के लिए प्रॉपर प्रचार प्रसार का अभियान भी चलाया जाना चाहिए।

एक सितंबर को पुलिस ने चार बदमाशों को अरेस्ट किया था। 18 बदमाशों का गैंग चिन्हित किया गया है। फरार चल रहे बदमाशों की तलाश में पुलिस लगी है। इनमें दो शातिर देवरिया जिले के हैं। सभी आरोपियों को अरेस्ट करके उनके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी। जहरखुरानी की घटनाओं को रोकने के लिए पब्लिक को अवेयर किया जाएगा।

सुमित शुक्ला, सीओ कैंट

Posted By: Inextlive
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